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विश्व के जितने भी प्रमुख धर्म हैं , उनके धार्मिक ग्रंथों , में दिए गए आदेशों के अनुसार ,और उन धर्मों की मान्यताओं में दो ऐसी समानताएं पाई जाती हैं .जिनके आधार पर कहा जा सकता है कि यह धर्म सच्चे हैं .पहली बात यह है कि यह धर्म अपने जिस भी महापुरुष , अवतार , या नबी को अपना आदर्श मानते हैं ,उसकेद्वारा किये गए सभी सभी अच्छे कामों का अनुसरण करते हैं . और दूसरी समानता यह है कि इन सभी धर्मों के अनुयायी किसी भी शुभ कार्य का प्रारंभ करते समय ईश्वर का नाम जरुर लेते हैं . या ईश्वर की जयकार करते हैं .

और इन्हीं दो बातों के आधार पर ही कहा जा सकता है कि इस्लाम धर्म नहीं है . बल्कि यदि कोई इस्लाम को सच्चा धर्म कहता , या मानता है . तो उस से बड़ा मूर्ख कोई दूसरा नहीं होगा , क्योंकि मुसलमान चुन चुन कर मुहम्मद सभी दुर्गुणों का अनुसरण करते हैं . इसी तरह मुसलमान हर बुरा काम लेते समय अल्लाह का नाम लेते हैं .यह तो सब जानते हैं कि जानवरों के गलों पर छुरी फिराते समय मुसलमान अल्लाह का नाम लेते है . लोग यह भी जानते हैं कि जिहादी , क़त्ल करते समय , बम विस्फोट करते समय ,या मुसलमान लूट करते या चोरी करते समय भी अल्लाह और रसूल का नाम लेते है . लेकिन बहुत कम लोगों को पता होगा कि मुसलमान सार्वजनिक रूप से सामूहिक बलात्कार करते समय भी” अल्लाहु अकबर ” का नारा लगाते हैं .क्योंकि वह मुहम्मद को अपना आदर्श मानते हैं .चूंकि कुरान की सूरतें (अध्याय )का संकलन घटनाक्रम (chronological Order ) के अनुसार नहीं किया गया है .इसलिए हदीसों से पता चलता है कि मुहम्मद साहब ने कौनसी आयत किस समय , किस परिथिति में , और किसको संबोधित कर के कही थी . और यह भी पता चलता है कि मुहम्मद साहब का असली उद्देश्य क्या था .
इस लेख में प्रमाणों के साथ यही सिद्ध किया जा रहा है कि इस्लाम सच्चा धर्म तो छोडिये , धर्म कहने के योग्य भी नहीं है .इसलिए इस लेख को ध्यान से पढ़िए ,
1-अल्लाह से प्रेम की शर्त 
मुहम्मद साहब की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वह को कुछ भी करते थे वही काम अपने लोगों से करने को कहते थे . और उनका अनुसरण करने को ही अल्लाह से प्रेम का प्रमाण मान लिया जाता था , जैसा कि कुरान में लिखा है ,
“यदि तुम अल्लाह से प्रेम करना चाहते हो तो ,मेरा अनुसरण करो .ऐसा करने से अल्लाह भी तुम से प्रेम करेगा , और तुम्हारे सभी गुनाह माफ़ कर देगा “
सूरा -आले इमरान 3 :3 1 

2-वासना पिशाच 
मुस्लिम विद्वान् अपने रसूल मुहम्मद को दूसरों के नबियों , अवतारों और महापुरुषों से बड़ा साबित करने में लगे रहते हैं , यहाँ तक सेक्स के मामले में भी मुसम्मद साहब को ” सुपर मेन ऑफ़ सेक्स-superman of Sex ” तक कह देते हैं . लेकिन यूरोप के विद्वान् मुहम्मद साहब की अदम्य और असीमित वासना के कारण उनको “सेक्स डेमोन\Sex Demon “यानी “वासना पिशाच “कहते हैं . यह बात इन हदीसों से प्रमाणित होती है
“अनस बिन मलिक ने बताया कि रसूल बारी बारी से अपनी औरतों के साथ लगातार सम्भोग करने में लगे रहते थे .सिर्फ नमाज के लिए घर से निकलते थे . उनको अल्लाह तीस या चालीस मर्दों के बराबर सम्भोग शक्ति प्रदान की थी”
सही बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 6 
यही बात दूसरी हदीस में भी कही गयी है ,
“अनस बिन मलिक ने कहा कि रसूल लगातार रात दिन अपनी औरतों के के साथ सम्भोग करते रहते थे . जब कटदा ने अनस से पूछा कि क्या रसूल में इतनी शक्ति है . तो अनस ने कहा कि रसूल में 30 मर्दों के बराबर सम्भोग शक्ति है ,और उनकी 9 नहीं 11 औरतें थीं .”

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ هِشَامٍ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي، عَنْ قَتَادَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا أَنَسُ بْنُ مَالِكٍ، قَالَ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم يَدُورُ عَلَى نِسَائِهِ فِي السَّاعَةِ الْوَاحِدَةِ مِنَ اللَّيْلِ وَالنَّهَارِ، وَهُنَّ إِحْدَى عَشْرَةَ‏.‏ قَالَ قُلْتُ لأَنَسٍ أَوَكَانَ يُطِيقُهُ قَالَ كُنَّا نَتَحَدَّثُ أَنَّهُ أُعْطِيَ قُوَّةَ ثَلاَثِينَ‏.‏ 
وَقَالَ سَعِيدٌ عَنْ قَتَادَةَ إِنَّ أَنَسًا حَدَّثَهُمْ تِسْعُ نِسْوَةٍ‏.‏Bukhari, Volume 1, Book 5, Number 268
बुखारी की इस हदीस की व्याख्या करते हुए सुन्नी विद्वान् “इमाम इब्ने हंजर सकलानी ” ने अपनी किताब ” फतह अल बारी – فتح الباري‎) “ में बताया है कि जब रसूल जिन्दा थे तो रसूल में 4 0 जन्नती व्यक्तियों के बराबर सम्भोग शक्ति थी . और जन्नत के एक व्यक्ति की सम्भोग शक्ति दुनिया के एक हजार व्यक्तिओं के बराबर होती है , अर्थात रसूल में 40 हजार मर्दों के बराबर सम्भोग करने की शक्ति थी , इसी लिए वह हमेशा सम्भोग करने की इच्छा रखते थे . इस बात की पुष्टि इस्लाम के प्रचारक “शेख मुहम्मद मिसरी ” ने भी की है .देखिये विडिओ
الرسول ينكح 6 نسوان بساعة واحدة

http://www.youtube.com/watch?v=Vgir-rMRY2g
यही कारण था कि मुहम्मद साहब के साथी भी मुहम्मद साहब की नक़ल करके रात दिन औरतों के साथ सम्भोग में लगे रहते थे . और स्वाभाविक है कि लगातार सहवास करने से मुहमद साहब और उनके साथियों की औरतें . शिथिल , थुलथुली हो गयी होंगी और उनके स्तन लटक गए होंगे .इस लिए मुहम्मद साहब अपने साथियों को ऐसी अरतों का लालच देते रहते थे , जिनके स्तन कठोर और उभरे हुए हों ,कुरान में यही लालच दिया गया है
3-कठोर स्तन वाली स्त्रियाँ
मुहम्मद साहब के दिल में जो बात होती थी , वह कुरान में जरुर शामिल कर देते थे . ताकि वह बात अल्लाह का वचन समझा जाये .मुहम्मद साहब शिथिल स्तनोंवाली अपनी औरतों से ऊब गए होंगे ,और उनको कठोर स्तन वाली औरतों की तलाश थी . इसलिए कुरान में यह आयत जोड़ दी . ताकि जिहादी लालच में आ जाएँ , कुरान में कहा है .
“बेशक डर रखने वालों के लिए फायदा है ,बाग़ और अंगूर ,और नवयुवतियां समान आयु वाली “सूरा अन नबा 7 8 :3 1 से 3 3 तक 
नोट-इस आयत में अरबी में नव युवतियों के लिए अरबी में “कवायिबكَواعِبَ– “शब्द आया है . लेकिन मुल्लों   नेइसका   अर्थ “शानदार -splendid”कर दिया है .जबकि इस शब्द का असली अर्थ “गोल स्तन -This means round breasts ” होता है .तात्पर्य यह है कि ईमान वालों को अल्लाह ऐसी औरतें देगा जिनके स्तन गोल , उभरे और कठोर होंगे .और जिनकी आयु ईमान वाले मुसलमानों की आयु के बराबर होगी ( This means round breasts. They meant by this that the breasts of these girls will be fully rounded and not sagging, because they will be virgins, equal in age. This means that they will only have one age. The explanation of this has already been mentioned in Surat Al-Waqi`ah. 56:35 -Concerning Allah’s statement,)
. यह बात सूरा -वाकिया से स्पष्ट हो जाती है , जिसमे कहा है ,
“हमने उन स्त्रियों के विशेष उभार को उठान पर उठाया (raised है “सूरा -अल वाकिया 56:35

4-हुनैन का बलात्कार कांड 
मक्का और तायफ के बीच में एक घाटी थी , किसमे ” हवाजीन “नामका एक बद्दू कबीला रहता था .जो कुरैश का ही हिस्सा था .इस कबीले की औरतें भी मेहनती होने के कारण स्वस्थ थी . और उन औरतों के स्तन उभरे हुए थे .मुहम्मद ने उन पर हमला करने के लिए बहाना निकाला कि यह लोग काफ़िर थे . लेकिन मुहम्मद और उनके अय्याश साथियों की नजर हवाजिन कबीले की औरतों पर थी .इसी लिए रात में ही हमला कर दिया .चूँकि यह कांड हुनैन नामकी सकरी घाटी में हुआ था ,.जिस से बहार निकलना कठिन था ,इसलिए बददु लोग हार गए
इतिहासकार इब्ने इशाक के अनुसार इस्लाम में हुनैन की जंग का बड़ा ही महत्त्वपूर्ण स्थान है , क्योंकि इस लड़ाई के बाद ही मुसलमानों को युद्ध में या कहीं से भी पकड़ी गयी औरतों के साथ सम्भोग करने का अधिकार प्राप्त हो गया .हालांकि मुसलमान हुनैन की इस लड़ाई को युद्ध कहते है . लेकिन इसे युद्ध कहना ठीक नहीं होगा , क्योंकि एक तरफ मुहम्मद के 12 हजार प्रशिक्षित हथियारधारी लुटेरे थे तो दूसरी तरफ 6 हजार साधारण बद्दू थे ,जिनमे औरतें , बूढ़े ,बीमार और बच्चे भी थे .यह घटना इस्लामी महीने शव्वाल की 10 तारीख हिजरी सन 8 में हुई थी ,यानी ईसवी सन 630 की बात है .इब्ने इशक के अनुसार इस युद्ध में कोई धन नहीं मिला था लेकिन 6000 औरतें पकड़ी गयी थी .मुहम्मद की तरफ से जिन लोगों ने इस लड़ाई में हिस्सा लिया था ,उनमे 13 साल से लेकर 54 साल के लोग थे . और कई ऐसे थे जो रिश्ते में बाप बेटा ,चाचा भतीजे थे .मक्का और तायफ के बीच में एक घाटी थी , किसमे ” हवाजीन “नामका एक बद्दू कबीला रहता था .जो कुरैश का ही हिस्सा था .इस कबीले की औरतें भी मेहनती होने के कारण स्वस्थ थी . और उन औरतों के स्तन उभरे हुए थे .मुहम्मद ने उन पर हमला करने के लिए बहाना निकाला कि यह लोग काफ़िर थे . लेकिन मुहम्मद और उनके अय्याश साथियों की नजर हवाजिन कबीले की औरतों पर थी .इसी लिए रात में ही हमला कर दिया .इस घटना का विवरण इन हदीसों में मिलता है , जिसमे मुहम्मद और उनके साथियों किस तरह इंसानियत को कलंकित किया था .
5-पति के सामने बलात्कार 
“सईद अल खुदरी ने कहा कि जब रसूल ने हुनैन के औतास कबीले पर हमला करके वहां के लोगों को पराजित करके उनकी औरतों को बंधक बना लिया . तब रसूल ने अपने साथियों को आदेश दिया कि तुम इस युद्ध में पकड़ी गयी औरतों के साथ बलात्कार करो , लेकिन कुछ लोग उन औरतों के पतियों के सामने ही ऐसा करने से झिझक रहे थे .तब रसूल ने उसी समय सूरा -निसा 4 :2 4 की आयत सुना दी , जिसमे कहा है कि तुम पकड़ी गयी औरतों से तभी साथ सम्भोग नहीं कर सकते हो , यदि वह मासिक धर्म से (रजस्वला “हो . 
अबू दाऊद किताब 2 हदीस 215 0 

5-समआयु की औरतें 
मुहम्मद साहब बहुत होश्यार थे , उन्हों कुरान में पहले ही लिखा दिया था कि ईमान वालों को पुरस्कार के रूप में समान आयु वाली और कठोर स्तन वाली औरतें मिलेंगे , और जब हुनैन के हमले में मुसलमानों ने छह हजार औरतें पकड़ लीं ,तो छांट छांट कर अपनी आयु की औरतों के साथ बलात्कार किया था . जो इस हदीस से पता चलता है ,
“सईदुल खुदरी ने कहा कि जब रसूल के सैनिकों ने हुनैन में औताफ के लोगों पर हमला करके हरा दिया तो उनकी औरतों को बंधक बना लिया , फिर अपने सैनिकों को आदेश दिया कि वह पकड़ी गयी औरतों में से अपने बराबर की आयु वाली औरतों के साथ सम्भोग कर सकते हैं , सिवाय उन औरतों के जिनकी इद्दत पूरी नहीं हो (यानी मासिक धर्म पूरा नहीं हो ) .रसूल ने उसी समय सूरा निसा 4 :24 की यह आयत लोगों को सुनायी थी .”
“وَالْمُحْصَنَاتُ مِنَ النِّسَاءِ إِلاَّ مَا مَلَكَتْ أَيْمَانُكُمْ‏}‏ أَىْ فَهُنَّ لَكُمْ حَلاَلٌ إِذَا انْقَضَتْ عِدَّتُهُنَّ ‏.‏  “
सही मुस्लिम – किताब 8 हदीस 3432

कुरान की इस आयत में जो लिखा था वही मुसलमानों ने किया था , कुरान में लिखा है ,
“हमने प्रेयसी सम आयु वाली पसंद की ” सूरा -अल वाकिया56:37
मुसलमान हुनैन की लड़ाई का कारण कुछ भी बताते रहें , लेकिन वास्तव में औरतें पकड उनसे सामूहिक बलात्कार की मुहम्मद की एक कुत्सित योजना थी .अब तक आपने पढ़ा है ,मुहम्मद की वासना राक्षसी थी , और लगातार सम्भोग करते रहने से उसकी औरतों के स्तन शिथिल हो गए होंगे ,इसलिए मुहम्मद ने कुरान में भी अपने साथियों को कठोर स्तन वाली औरतें देने का लालच दिया था .चूँकि हवाजिन कबिले की औरतें मेहनती थी . और इसीलिए उनके स्तन उभरे और कठोर थे . जो मुहमद की पसंद थी .आपने यह भी पढ़ा कि मुहम्मद साहब जो भी कुकर्म करते थे उसे जायज ठहराने के लिए कुरान कोई न कोई आयत रच देते थे , ताकि आगे भी मुस्लमान ऐसा ही करते रहें .
6–रसूल का उत्तम आदर्श 
मुहम्मद साहब ने अपने इसी चरित्र को खुद ही आदर्श घोषित करते हुए कुरान में भी लिखवा दिया
” निश्चय ही तुम लोगों के लिए अल्लाह के रसूल का चरित्र उत्तम आदर्श है ” सूरा -अहजाब 33:21
आज भी मुसलमान जितने भी बलात्कार करते है , सब मुहम्मद साहब के इसी आदर्श चरित्र का पालन करते हैं .और हर गैर मुस्लिम लड़की या महिला से बलात्कार को अल्लाह की जीत समझते हैं ,ऐसी ही एक सत्य घटना दी जा रही है ,
7-अल्लाह के नाम से बलात्कार 

मुहम्मद साहब को अपना आदर्श मानकर और उनका अनुसरण करते हुए कुरान की मानवविरोधी शिक्षा पर अमल करने से मुसलमान इतने अपराधी ,क्रूर और बलात्कारी हो गए कि बलात्कार जैसे जघन्य कुकर्म को भी अल्लाह के प्रति अपना प्रेम समझने लगे हैं . इसी कारण बलात्कार की घटनाएँ बढ़ रही है .इस बात को सिद्ध करने के लिए मिस्र देश की यह एक ही सच्ची घटना काफी है ,
मिस्र को इजिप्ट ( Egypt) भी कहा जाता है . यह इस्लामी देश है , लेकिन यहाँ कुछ ऐसे ईसाई भी रहते हैं ,जो इस्लाम के पूर्व से ही यहाँ रहते आये हैं .इनको ” कोप्टिक ईसाई – Coptic Christian “कहा जाता है . अरबी में इनको” नसारा ” कहते हैं .मुस्लमान अक्सर इनकी लड़कियों का अपहरण करके बलात्कार करते रहते है .
यह सन 2009 की घटना है . कुछ मुस्लिम युवकों ने एक ईसाई लड़की को बीच रस्ते से पकड़ लिया , और सबके सामने उसकी जींस उतार कर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया .जब लड़की ने भागने का प्रयत्न किया तो दर्शक मुसलमान चिल्लाये पकड़ो , नसारा को पकड़ो .और जब उस लाचार लड़की से बलात्कार हो रहा था , तो वहां कुछ मुल्ले भी मौजूद थे , जो कलमा पढ़ रहे थे ” ला इलाहा इल्लालाह , मुहम्मदुर रसूल अल्लाह “यही नहीं लड़की दर्द के कारण जितनी जोर से चिल्लाती थी . मुसलमान उतनी ही जोर से “अल्लाहु अकबर ” का नारा लगाते थे . यही नहीं इन दुष्ट मुसलमानों में इस घटना का विडियो भी बना लिया था . जो किसी तरह से 11/4/2013 को लोगों के सामने आ सका है .यह विडियो इस साईट में उपलब्ध है ,
Video:Christian Girls Gang Raped to Screams of “Allahu Akbar” in Egypt

http://www.raymondibrahim.com/from-the-arab-world/video-christian-girls-gang-raped-to-screams-of-allahu-akbar-in-egypt/

इसके बावजूद मुस्लिम प्रचारक बड़ी बेशर्मी से मुहम्मद की तारीफ में कहते हैं

“हे मुहम्मद हमने तुम्हें भेज कर सारे संसार पर मेहरबानी की है ‘सूरा -अल अम्बिया 21:107

इन सबूतों को देखने के बाद किसी को भी शंका नहीं होना चाहिए कि मुहम्मद साहब को अपना आदर्श मानने से ही बलात्कार की घटनाएँ बढ़ रही हैं .और जो सिद्धांत अल्लाह के नाम से बलात्कार करने की शिक्षा देता है , वह धर्म कहने के योग्य नहीं ,बल्कि धिक्कार के योग्य है .सोचिये यदि अल्लाह ने नूह की तरह मुहम्मद साहब को नौ सौ साल की आयु दे दी होती ,तो मुहम्मद साहब कितने बलात्कार करते ?

http://www.raymondibrahim.com/?s=raped&submit.x=12&submit.y=5