Tags

, , , , , , , , , , ,


1 (1)

अल्लाह  सर्वशक्तिमान है ,सब कुछ  कर सकता  है ,निराकार  है उसका  जिस्म या शारीरिक  अंग  नहीं है ,अल्लाह अतुलनीय  है ,उसके   जैसा  कोई मनुष्य ,प्राणी या वस्तू   नहीं  है .और न अल्लाह की कोई  तस्वीर  ही बनाई  जा सकती है .और न कोई इस जीवन में अल्लाह  को देख सकता  है .  केवल  मरने के बाद  जो मुसलमान  जन्नत  में जायेंगे वही अल्लाह का साक्षात्  दर्शन  कर सकेंगे .कुरान और हदीसों में अल्लाह  के बारे में ऐसी ही  बातें   बतायी  गयी हैं .

लेकिन   कुरान  हदीसों  में अल्लाह के बारे में कुछ  ऐसे  संकेत(Clues)  दिए  गए हैं , जिनके  सहारे हम  आसानी  से पता  कर  सकते हैं कि अल्लाह  साकार है , उसके हाथ और चेहरा  भी है . यही नहीं   की लम्बाई (Hight )  कितनी  है .यही  नहीं  अल्लाह की सूरत  कैसी  है .अल्लाह के बारे में यह  जानकारी  हासिल  करने  के लिए  हमें  वही  विधि  अपनानी होगी ,जो गुप्तचर विभाग(C I D उपब्ध सुरागों  के आधार पर किसी लापता  व्यक्ति का “स्केच –sketch  ” बना कर  उसे खोज   लेती  है , या  पकड़  लेता  है .

1-अल्लाह  की आत्मा 

इस बात से कोई भी व्यक्ति इंकार नहीं कर सकता  कि आत्मा बिना शरीर के नहीं रह सकती ,यदि अल्लाह  की आत्मा भी  है ,तो शरीर अवश्य   होगा . यदि अल्लाह ने अपनी आत्मा आदम  के जिस्म  में डाल  दी थी .तो अल्लाह का जिस्म   निष्प्राण  हो गया  होगा .आत्मा तो प्राणियों  में होती है .
“और अल्लाह ने आदम को  दुरुस्त  किया .फिर उसके जिस्म में अपनी रूह (आत्मा )  डाल  दी ”
सूरा -अस सजदा 32 :9
“अल्लह ने फरिश्तों  से कहा  ,जब मैं आदम  को दुरुस्त कर  दूँ  ,और उसके जिस्म में अपनी आत्मा डाल दूँ ,तो तुम  सिजदे में गिर जाना  ” सूरा -अल हिज्र 15 :29

2-अल्लाह  के हाथ 
किसी काम  को  करने के लिए हाथों  की जरुरत  होती है , इसलिए  साकार अल्लाह ने हाथों का प्रयोग किया था , इन आयतों  में हाथ  और हाथों  शब्द का प्रयोग   किया गया है .और इन्हीं  हाथों से अल्लाह ने आदम  को बनाया  था .
“और अल्लाह के हाथ  उन लोगों के हाथों  के ऊपर हैं “सूरा -अल फतह 48 :10
“रब  ने कहा कि हे शैतान तुझे किस बात ने सिजदा  करने से रोका  ,जबकि मैंने आदम को अपने हाथों  से बनाया है “सूरा -साद 38 :75
“क़यामत के दिन यह धरती  पूरी  की पूरी अल्लाह की मुट्ठी  में होगी ,और आकाश उसके दायें  हाथ  में लिपटा  होगा ” सूरा -अज जुमुर 39 :67

3-आदम  को कैसा बनाया 
आप  पढ़ चुके हैं कि  अल्लाह ने आदम को अपने हाथों  से बनाया था ,अब हदीस आदम  की ऊंचाई के बारे में बता    रही है ,
अबू हुरैरा ने कहा कि  रसूल ने बताया ,अल्लाह ने आदम  की ऊंचाई 60 हाथ (Cubits ) बनाई  थी . और जो भी व्यक्ति जन्नत में जायेगा  उसकी ऊंचाई  भी आदम  के  बराबर  हो   जाएगी .”सही  बुखारी – जिल्द 4   किताब 55 हदीस 543
नोट -यदि  हम  मुहम्मद साहब की इन हदीसों  को सही माने   कि  अल्लाह  ने आदम  ऊंचाई  60   हाथ  यानी  90  फुट (  27.5 meters  ) बनाई  थी . जो एक ऊंचे से ऊंचे जिराफ  से अधिक है .और एक दस मंजिला  भवन  से भी अधिक है .और हमें  यह भी  पता होना चाहिए कि इस्लामी  मान्यता के अनुसार मनुष्य यानि आदम  की सृष्टि  केवल पांच  हजार साल पहले ही  हुई थी .
अबू  हुरैरा ने कहा कि  रसूल ने बताया है ,आदम  की सूरत अल्लाह  जैसी बनाई  गयी थी . और लम्बाई 60 हाथ (30 मीटर ) थी
“حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، عَنْ مَعْمَرٍ، عَنْ هَمَّامٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ “‏ خَلَقَ اللَّهُ آدَمَ عَلَى صُورَتِهِ، طُولُهُ سِتُّونَ ذِرَاعًا،  ”
“सही बुखारी – जिल्द 8 किताब 74 हदीस 246
नोट- इस हदीस में पैमाने के लिए अरबी में “जिरआ  –   ذِرَاعًا “शब्द का प्रयोग किया है , एक “जिरआ- ذِرَاعًا ” कंधे से  हाथ कीबीच की उंगली  के बराबर  होता है .इसे गज या (Cubit ) कहते  हैं .

4-अल्लाह  का चेहरा 

चेहरा या सूरत साकार व्यक्ति  का ही होता है , अर्थात  अल्लाह निराकार नहीं हो सकता
“तुम  जिस दिशा  में  मुंह करोगे  अल्लाह का चेहरा उसी  तरफ    होगा ”
” ۚ فَأَيْنَمَا تُوَلُّوا فَثَمَّ وَجْهُ اللَّـهِ  (البقرة ، 2: 115
सूरा -बकरा 2:115
” जो अल्लाह  के चहरे पर प्रसन्नता  चाहते हैं  वही सफल होते हैं ”
” لِلَّذِينَ يُرِيدُونَ وَجْهَ اللَّهِ وَأُولَئِكَ هُمُ الْمُفْلِحُونَ (الروم ، 30: 38).
सूरा -रूम 30:38
” जो लोग  अल्लाह  के चहरे  की आकांक्षा  के लिए देते हैं ,वह कई गुना  पाते  हैं
” مِنْ زَكَاةٍ تُرِيدُونَ وَجْهَ اللَّهِ فَأُولَئِكَ هُمُ الْمُضْعِفُونَ (الروم ، 30: 39
सूरा रूम –  30:39
“हम  तो अल्लाह के चहरे की ख़ुशी  के लिए देते हैं ,हमें कुछ  नहीं  चाहिए ”
إِنَّمَا نُطْعِمُكُمْ لِوَجْهِ اللَّهِ لَا نُرِيدُ مِنْكُمْ جَزَاءً وَلَا شُكُورًا (الإنسان ، 76: 9
सूरा -दहर 76 :9
नोट- इन सभी आयतों  में अरबी में “ वज्ह –  وَجْهَ  ” शब्द आया  है इसका अर्थ चेहरा  याFace  होता  है .
जिस तरह अल्लाह  के हाथ  हैं  उसी तरह अल्लाह  का चेहरा  भी है , जो इन आयतों  से पता चलता है . और अल्लाह ने अपनी शक्ल     जैसा ही  आदम  को बनाया  था ,
5-आदम  की सूरत अल्लाह  जैसी थी
अबू  हुरैरा  ने कहा  कि  रसूल  ने बताया  ,अल्लाह  ने आदम की  सूरत अपने जैसी   बनाई  थी .( created Adam in HIS own image –  ” خلق الله آدم على صورته “
सही मुस्लिम -किताब 40 हदीस 6809
“इब्ने  हातिम  ने   जहा कि रसूल  ने बताया है ,यदि  तुम   में से  कोई आपस में लड़ाई  करे ,तो उसे अपने   विरोधी व्यक्ति  के चहरे  पर  प्रहार  नहीं  करना  चाहिए . क्योंकि अल्लाह  ने आदम  की  शक्ल अपने  जैसी  बनाई थी ”
सही मुस्लिम -किताब 32  हदीस 6325

स्पष्ट  है कि  जब अल्लाह ने आदम की सूरत अपनी जैसी बनाई  थी ,तो इसका मतलब है कि  अल्लाह की सूरत  आदम की सूरत जैसी थी .अर्थात आदम और अल्लाह की सूरत  एक जैसी   है .

6-कुरान से सबूत 

चूंकि कुछ  लोग  हदीसों  की इन बातों को अप्रमाणिक  बताने का  प्रयत्न  करेंगे , इसलिए  कुरान की यह आयत दी  जा रही है ,जिसमे  साफ  कहा गया है ,आदम  की सूरत अल्लाह  की सूरत जैसी  थी ,
” जिसने (अल्लाह ने )  इन्सान  को अच्छी  बनावट से बनाया ” सूरा -तीन 95 :4
(who created humans in the best image)

لَقَدْ خَلَقْنَا الْإِنسَانَ فِي أَحْسَنِ تَقْوِيمٍ  (التين ، 95: 4).
नोट-इस आयत में  बनावट  के लिए अरबी में “तकवीम – تَقْوِيمٍ   ” शब्द काप्रयोग किया गया  है . और इस शब्द की तफ़सीर (व्याख्या  ) में इब्ने कसीर और इमाम शुयूती  में अपनी किताब “अल तबरी ” में  “ तकवीम –  تَقْوِيمٍ  “ का अर्थ  सूरत  ( Image )   बताया है . और  इस आयत  का सही  अर्थ  है ‘अल्लाह  ताला ने मनुष्यों  की सूरत अपने जैसी  बनायी  है , जो  सबसे अच्छी  सूरत  है .
خلق الله آدم على صورته، على صورة أفضل 
(His Highness, created human beings on His Image, the Best Image)

7-प्रमाणों  का विश्लेषण 

इस  लेख में दी गयी हदीसों और कुरान की आयतों  का  क्रमानुसार   जमाकर  पढ़ने  से यह तथ्य   निकलते  हैं ,1 अल्लाह निराकार नहीं  है 2 .उसका  शरीर  है ,जिसमे आत्मा  भी है . अल्लाह   के हाथ , और चेहरा  यानी सूरत भी  है .3 .आदम की सूरत  अल्लाह जैसी  थी . अर्थात अल्लाह की सूरत आदम   की सूरत  जैसी थी .अब  प्रश्न  यह है कि हजारों  साल  पहले  के व्यक्ति अर्थात  आदम  की सूरत  कैसी रही होगी , जो अल्लाह  की सूरत  जैसी  थी , इस  प्रश्न  का उत्तर  कुरान और हदीसों  से नहीं मिल सकेगा   बल्कि  विज्ञानं  ने   दे दिया   है ,जो इस प्रकार  है
8-आदम  अर्थात आदिमानव 

इस्लामी विद्वान्  विश्व  के प्रथम  मनुष्य यानी आदम  की रचना  करीब  13  से  14 हजार  पहले   मानते हैं . लेकिन  वैज्ञानिक  प्रमाणों  के आधार पर मनुष्य की उत्पत्ति  पचास हजार साल पहले  हुई थी उसे” होमो इरेक्टस-HomoErectus   ” कहा  जाता है .यद्यपि दो लाख  पचास हजार पहले चिम्पांजी  जैसे प्राणी  बने थे उन्हें  मनुष्य  नही  माना   जा सकता  है .उनका  नाम ” होमो हैबिलिस – Homo habilis”  कहा  जाता है .वह अर्धमानव  थे .वास्तव में आदम  भी एक होमो इरेक्टस   ही  था . दौनों  पैरों  पर  सीधा  खड़ा   हो सकता  था .और जिसे अल्लाह ने अपना जैसा  बनाया  था .(Allah created Adam in His picture).अर्थात अल्लाह  की सूरत एक आदिमानव   जैसी  है
.
पाठकों  से निवेदन  , हमने  तो अल्लाह  सुराग  लगा कर उसकी  सूरत  कैसी  है ,यह सबको बता  दिया  और इस रहस्य का भंडा फोड़  दिया . अब आप  लोग गूगल  इमेज  में “homo erectus ” सर्च  करिए आपको अल्लाह की असली सूरत  दिख  जाएगी .!

http://www.answering-islam.org/authors/shamoun/rebuttals/zawadi/allahs_pyhsical_image.html