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इस्लाम में कुरान के बाद हदीसों को ही प्रमाण माना जाता है , क्योंकि उनमे मुहम्मद साहब के कथन संग्रहित हैं . अधिकांश इस्लामी देशों में उन्हीं के आधार पर कानून भी बनाये गए हैं . लेकिन कुरान की तरह हदीसों में भी परस्पर विरोधी बातों भरमार है . जहाँ एक हदीस किसी काम को गुण , या अच्छा काम बताती है , तो ऐसी कई हदीसें मिल जाती हैं , जो उस से उलटा काम करने का हुक्म देती हैं .
उदाहरण के लिए पिछले महीने एक इस्लामी ब्लॉग पढ़ा , जिसमे यह साबित करने की कोशिश की गयी थी ,कि इस्लाम भी सभी प्राणियों पर दया करने की शिक्षा देता है , और अल्लाह जानवरों पर दया करने वालों के सभी गुनाह माफ़ कर देता है ,और इसी बात को साबित करने के लिए एक हदीस भी दी गयी थी ,परन्तु उसी विषय पर और हदीसें पढ़ने से दी गयी हदीस के दावों का भंडा फ़ूट गया .
इस बात को और स्पष्ट करने के लिए पहले वह हदीस दी जा रही है ,जिसमे जानवरों पर दया करने की बात की गयी है , फिर ऐसी हदीसें दी जाएगी , जो जानवरों की हत्या करने और उनपर क्रूरता करने का हुक्म देती है , और आखिर में उन बेतुकी हदीसों के आधार बने हुए इस्लामी कानून की प्रष्ठभूमि दी जा रही है ,

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मिस्र में मुसलमानों द्वारा जहरीली गैस से मारे गये हजारो कुत्ते

1-कुत्ते की सेवा से जन्नत 

“अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने कहा है , एकबार बनी इजराइल के कबीले की एक वेश्या ने देखा कि एक कुत्ता कुएं के आसपास मंडरा रहा है . गर्मी के दिन थे , इसलिए कुत्ता प्यास के मारे अपनी जीभ निकाल कर हांफ रहा था . यह देख कर उस वेश्या ने अपनी जूती से पानी भर कर उस कुत्ते को पिला दिया .और उसके इस काम के लिए अल्लाह ने उस वेश्या के सभी गुनाह माफ़ कर दिए ” 

عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّ امْرَأَةً بَغِيًّا رَأَتْ كَلْبًا فِي يَوْمٍ حَارٍّ يُطِيفُ بِبِئْرٍ قَدْ أَدْلَعَ لِسَانَهُ مِنْ الْعَطَشِ فَنَزَعَتْ لَهُ بِمُوقِهَا فَغُفِرَ لَهَا

قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بَيْنَمَا كَلْبٌ يُطِيفُ بِرَكِيَّةٍ قَدْ كَادَ يَقْتُلُهُ الْعَطَشُ إِذْ رَأَتْهُ بَغِيٌّ مِنْ بَغَايَا بَنِي إِسْرَائِيلَ فَنَزَعَتْ مُوقَهَا فَاسْتَقَتْ لَهُ بِهِ فَسَقَتْهُ إِيَّاهُ فَغُفِرَ لَهَا بِهِ

सही मुस्लिम -किताब 26 हदीस 5578
 ( 2245 صحيح مسلم كتاب السلام باب فضل سقي البهائم المحترمة وإطعامها   )

2–कुत्ता मार हदीसें 

1.”अब्दुल्लाह इब्न उमर ने कहा ,कि रसूल का आदेश है , कि सभी कुत्तों को मार दिया करो ” बुखारी -जिल्द 4 किताब 54 हदीस 540 

2-“अब्दुल्लाह बिन मुगाफ्फल ने कहा कि हमें रसूल ने आदेश दिया कि मदीना में और उसके आसपास के गाँव में जितने भी कुत्ते मिलें उनको मार डालो ” 
अबू दाऊद – किताब 10 हदीस 3814
3-.” इब्न मुगफ्फल ने कहा कि रसूल का आदेश है ,कि तुम्हें जहाँ भी कुत्ते दिखाई दें , उनको फ़ौरन मार डाला करो ” सही मुस्लिम -किताब 2 हदीस 551 
4-.”अबू जुबैर को अब्दुल्लाह ने बताया कि जब रसूल में हम लोगों को कुत्ते मारने के लिए भेजा , तो हमने देखा कि रेगितान में एक बद्दू औरत ने एक कुत्ते का पिल्ला पाला हुआ जो उस औरत के पास ही खेल रहा था . हमने वह पिल्ला औरत से छीन कर वहीँ पर पटक कर मार दिया ” सही मुस्लिम -किताब 10 हदीस 3813

3-कुत्ताशत्रु होने का कारण
जो मुहम्मद साहब एक वेश्या द्वारा प्यासे कुत्ते को पानी पिलाने पर की गयी दया के कारण उसके सभी गुनाह माफ़ होने की हदीस कह चुके थे , वही मुहम्मद कुत्तों के प्रति इतने निर्दयी क्यों बन गए कि उन्होंने मुसलमानों को सभी कुत्तों को मारने का आदेश दे दिया , इस रहस्य का भेद कुरान की इस आयत में छुपा हुआ है , जो इस प्रकार है ,
“वे पूछते हैं कि उनके लिए वैध क्या है , तो कह दो ,कि जानवरों को तुमने प्रशिक्षित किया है , वे शिकार को पकडे रहें ,और तुम उसे खा जाओ , अल्लाह जल्द हिसाब करने वाला है “
{ يَسْأَلُونَكَ مَاذَآ أُحِلَّ لَهُمْ قُلْ أُحِلَّ لَكُمُ ٱلطَّيِّبَاتُ وَمَا عَلَّمْتُمْ مِّنَ ٱلْجَوَارِحِ مُكَلِّبِينَ تُعَلِّمُونَهُنَّ مِمَّا عَلَّمَكُمُ ٱللَّهُ فَكُلُواْ مِمَّآ أَمْسَكْنَ عَلَيْكُمْ وَٱذْكُرُواْ ٱسْمَ ٱللَّهِ عَلَيْهِ وَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ إِنَّ ٱللَّهَ سَرِيعُ ٱلْحِسَابِ }  “
 सूरा -मायदा 5:4 
कुरान की इसी आयत की व्याख्या और उसके उतरने का कारण ( Reasons for the descent)  समझाते हुए ” अली इब्न अहमद अल वाहिदी “علي ابن احمد الواحدي ” (d. 468/1075), अपनी किताब ” असबाबे नुजूल- أسباب نزول” में लिखा है ,कि अल हकीम अब्दुल्लाह ने कहा है कि इस आयत के बाद कुरान की नयी आयतें अचानक बंद हो गयी थीं ,जब अबू रफ़ी ने रसूल से पूछा कि कुरान की नयी आयतें आना क्यों बंद हो गयी , तो रसूल ने कहा जिब्रइल ने मुझसे मिलने का वादा किया था . वह कुरान की आयतें देने वाला था . परन्तु उसने कहा फ़रिश्ते कुत्तों से इतना डरते है कि अगर किसी के घर में कुत्ते की तस्वीर भी हो तो फ़रिश्ते उस घर में नहीं घुसते , इसी लिए मैं दो बार आपके घर के दरवाजे से ही लौट गया .अबू रफ़ी ने कहा कि रसूल ने कहा जिब्रईल की यह बात सुनते ही मैंने अपने घर की ठीक से तलाशी ली , तो देखा कि एक अँधेरे कोने में छोटा सा कुत्ते का पिल्ला सो रहा था . और मैंने तुरंत उस पिल्ले को मार डाला .इसके बाद मैंने शहर के सभी कुत्तों को मारने का आदेश दे दिया . और सभी कुत्ते मारे गए तो अल्लाह का भेजा हुआ फ़रिश्ता जिब्रईल निडर होकर कुरान की आयतें भेजने लगा .

http://www.altafsir.com/AsbabAlnuzol.asp?SoraName=5&Ayah=4&search=yes&img=A

4-कुत्तामार पुलिस 
सब लोग जानते हैं कि मुहम्मद साहब का जन्म सऊदी अरब के मक्का में हुआ था . और आजकल सऊदी अरब में इस्लामी बादशाही (Islamic Monarchy ) चल रही है , लेकिन बहुत कम लोग जानते होंगे कि सऊदी अरब में धार्मिक पुलिस (Religious Police  ) भी है .जिसे “मुतवईअह ”  mutawwiyyah(مطوعية‎ )कहा जाता है , और इसका बहुवचन  “मुतवईन ” mutaween (Arabic: المطوعين،  “होता है .और सऊदी अरब की इस धार्मिक पुलिस का काम कुत्ते मारना भी है .और सऊदी अरब के बादशाह ने पलिस को एक अध्यादेश जारी कर रखा है ,कि लाल समुद्र की सीमा से आगे मक्का मदीना सहित पूरे अरब में जहाँ भी कुत्ते मिलें उनको पटक पटक कर वहीँ मार दिया जाए .
http://www.ynetnews.com/articles/0,7340,L-3301505,00.html

मुसलमान कुत्तों से इतनी नफ़रत क्यों करते है , यह इस विडियो में दिया गया है , देखिये विडिओ 
Why muslims hate dogs.

http://www.youtube.com/watch?v=Bu-c3kIE_u8

5-गीता में कुत्तों का उल्लेख 
एक तरफ भगवान कृष्ण का गीता में मनुष्य सहित प्राणीमात्र समान दृष्टि से देखने का उपदेश देता है , जैसा इस श्लोक में कहा है ,तो दूसरी तरफ मुहम्मद का राक्षसी आदेश है , जिसके कारण हजारों कुत्ते मारे जाते, जबकि अब न तो मुहम्मद जिन्दा हैं , और न फ़रिश्ता कुरान की आयतें लेकर आने वाला है ,

विद्याविनयसम्पन्ने ब्राह्मणे गवि हस्तिनि ।
शुनि चैव श्वपाके च पण्डिताः समदर्शिनः ॥5:18

जो ज्ञानी है ,यकसां नजर उसको आय ,वो हाथी हो कुत्ता हो या कोई गाय ,
या हो ब्राहमण आलिमो बुर्दबार ,कि चांडाल ,नापाक मुरदारखार .

6–इस्लामी पाखंड ,
हदीसों में कितना पाखंड और दोगलापन भरा हुआ है , यह इस बात से सिद्ध होता है , जहाँ जानवरों ( कुत्तों ) पर दया करने सम्बंधित एक ही हदीस मिलती तो दूसरी तरफ कुत्तों को मारने का आदेश देने वाली हदीस की सबी किताबों से लेकर कुल 98 हदीसें मौजूद है , जिनका विवरण इस प्रकार है , बुखारी -79 , मुस्लिम 11, दाऊद 2 और मुवत्ता 6.इन तथ्यों से प्रमाणित होता है , जिस तरह इस्लाम में जीवदया की बातें केवल पाखंड और धोखा है , उसी तरह शांति और भाईचारे की बातें झूठ और पाखंड के सिवा कुछ नहीं हैं ,
इसलिए मुसलमानों और उनके इस्लाम पर विश्वास करना मुर्खता होगी .

http://www.altafsir.com/AsbabAlnuzol.asp?SoraName=5&Ayah=4&search=yes&img=A