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“पत्नी विनिमय”

सट्टा वट्टा. سٹّہ وٹّہ Satta Watta —

इसका मतलब है “पत्नी विनिमय “या Barter Marriage “अक्सर मुसलमान आपस में ही लड़ते रहते हैं .और कई बार मामला गंभीर होजाने से जिरगा या पंचायत के पास चला जाता है .जब झगड़ा किसीभी तरह से नहीं सुलझाता है तो ,जिरगा ऐसे दौनों पक्षों के परिवार जिनके लडके और लड़कियां हों ,आपस में शादियाँ करा देता है .यानी किसी एक परिवार के लडके की दूसरे परिवार की लड़की से शादी करा दी जाती है .और विवाद का निपटारा हो जाता है .जादातर लोग यह फैसला मान लेते हैं .लेकिन यदि कोई परिवार नहीं मानता है तो ,जिरगा बच्चों की जबरदस्ती शादी करा देता है .यह रिवाज सिंध ,बलूचिस्तान ,पंजाब और सीमांत प्रान्त में प्रचलित है .इसका आधार यह हदीस है –

 

“अबू हुरैरा ने कहा कि,इब्ने नुमैर ने एक बार रसूल से पूछा कि ,मैं ने अपने पडौसी से कहा कि ,यदि वह अपनी लड़की का हाथ मेरे हाथों में दे देगा तो ,मैं अपनी बहिन की शादी उसके साथ कर दूँगा .क्या ऐसा करना उचित होगा .रसूल ने कहा इसमे कोई बुराई नहीं है ,बल्कि इस से एक मुसलमान दूसरे मुसलमान से जुड़ जाता है .और मनमुटाव ख़त्म होता है.सहीह मुस्लिम -किताब 8 हदीस 3299 .

Honour Killing

कारोकारी . کاروکاری KaroKari —

 

इज्जत के लिए ह्त्या Honour Killing .चूँकि इस्लाम में औरतों को परदे रखने का हुक्म है ,और यदि लड़कियाँ किसी लडके से बात भी करती हैं ,तो इसे बेशर्मी और गुनाह माना जाता है .और औरतों को घर में ही कैद रखा जाता है .इसका आधार यह हदीसें है .-

 

“अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने कहा कि औरतें ,गधा ,और कुत्ते लोगों का ईमान बिगड़ देते हैं ,इसलिए इनको एक जगह बांध कर रखना जरूरी है .यह बाहर जाकर ख़राब हो जाते हैं “.सही मुस्लिम -किताब 4 हदीस 1034

 

“अब्दुला इब्ने अब्बास ने कहा कि ,रसूल ने कहा है कुत्ता ,गधा ,यहूदी ,पारसी (मजूसी )और लड़कियां इमानबिगड़ देते हैं ,इनको बाहर नहीं रहने देना चाहिए “.अबू दाऊद-किताब 2 हदीस 704

 

“सईदुल खुदरी ने कहा कि ,रसूल ने कहा है औरतें ,ऊंट और गुलाम सब एक जैसे हैं .इनको आजादी नहीं देना चाहिए .यह आजादी देने से काबू में नहीं आ सकते हैं “अबू दाऊद -किताब 4 हदीस 2155

 

अब यदि कोई लड़का या लड़की आपस में प्रेम करने लगते हैं ,या शादी करना चाहते हैं ,तो इसे बदचलनी और इस्लाम के विरुद्ध माना जाता है .और लोग उस परिवार का अपमान करते है .या समाज से निकाल देते है .दोनो परिवार अपनी बदनामी से बचने के लिए उस प्रेमी जोड़े कीहत्या कर देते है .दुःख की बात यह है कि यह हत्याएं उन बच्चों के बाप ,बड़े भाई ,या सम्बन्धी ही करते है .और इस बात को छुपा देते हैं .भारत में भी यह कुरीति आ गयी है .यहाँ सगोत्र ,या अन्य जाती में शादी करने पर हत्या कर दी जाती है .लेकिन मुसलमानों में गोत्र का या जाती का सवाल ही नहीं है .वहां केवल इन हदीसों के कारण ही हत्या करते हैं .सन 2004 में सिंध में 2700 और पंजाब में 2005 में 1300 लड़कों और 3451 लड़कियों की हत्या कर दी गई थी .इस का सारा पाप मुहमद पर पड़ेगा .

 

यहाँ भी इस कुरीति का विरोध होना चाहिए .यह महा पाप है .

Child Marriage

अड्डोवद्ड़ो. اڈّووڈّو Addo Vaddo —

 

जिन परिवारों में किसी न किसी बात पर विवाद या झगड़े चलते रहते हैं ,वे आपसी झगडा निपटने के लिए एक दुसरे के बच्चों की शादी करा देते हैं .यह एक प्रकार का Child Marriage है .यह रिवाज सिंध पंजाब और बलूचिस्तान में प्रचलित है.इसका आधार यह हदीस है –

 

“आयशा ने कहा कि जब मैं 6 साल कि थी ,मेरे माँ बाप में मेरी शादी रसूल के साथ कर दी थी और जब मैं 9 साल की हुई तो रसूल ने मेरे साथ सम्भोग किया था “बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 64

 

इसी हदीस की आड़ लेकर 21 मई 2010 को एक 25 साल के युवक ने एक 6 साल की बच्ची से शादी की थी .और शरई कानून ने उसे जायज बताया था .आज भी पाकिस्तान में छोटी छोटी बच्चियों की शादियाँ होती है ,जिस से कई बच्चियां मर जाती है ,

बच्चों के जन्म से पूर्व ही उनकी शादी.

पेटलिखी .پیٹ لکهی Pait Likkhi .-

 

इसका अर्थ है कि बच्चों के जन्म से पूर्व ही उनकी शादी तय कर देना .Arrangin Marriages in the Womb .अक्सर कई मुस्लिम परिवार एक साथ रहते हैं .और एक ही मकान में रहते है .मुसलमानों में चचेरे ,ममेरे भाइयों और बहिनों में शादी हो जाती है .जब किन्हीं भाइयों की औरतें एक ही समय गर्भवती हो जाती है ,तो घर के बुजुर्ग बच्चों के पेट में होते ही आपस में तय कर लेते है की ,अगर अमुक के घर लड़का होगा ,और अमुक के घर लड़की होगी तो ,उनकी आपस में शादियाँ करा देंगे .यह बात काजी के सामने लिखी जाती है .और दौनों तरफ के लोगों के सही कराये जाते है .बाद में यदि कोई इस बात से मुतारता है ,तो उस पर जिरगा जुरमाना लगा देती है .चूंकि यह अनुबंध पेट के बच्चों के लिए होता है ,उस पर बाल विवाह का कानून नहीं लगता ..इसका अधार यह आयतें और हदीसें है –

 

“अल्लाह माता के पेट में ही जोड़े बना देता है “सूरा-अज जुमुर 39 :4 -6

 

“हमने हरेक के शकुन अपशकुन को गले में बांध दिया है “सूरा -बनी इस्राएल 17 :13

 

“गर्भ में क्या है अल्लाह यह जानता है ,”सूरा -हूद 11 :5 .

 

हत्या के बदले में औरतें.

दिय्यत دِیَّت Diyyat —

वैसे तो इसका अर्थ है क्षतिपूर्ति या बदला है ,लेकिन किसी की शारीरिक हनी ,या हत्या के बदले में अपराधी से औरतें ली जाती है “Women as Compesation”. यह प्रथा सीमांत प्रान्त ,बलूचिस्तान ,और स्वात में अधिक है .इसके बारे में कुरानऔर हदीसों में यह लिखा है-

 

“यदि कोई ईमान वाला भूल से या जानबूझकर किसी ईमान वाले ला वध कर दे ,तो मारे गए व्यक्ति के परिवार को एक आदमी सौंपना होगा .और खून के बदले धन भी देना होगा “सूरा -अन निसा 4 :92

 

“एक पुरुष के बराबर दो स्त्रियाँ होंगीं “सूरा-निसा -4 :11

 

“यदि मारा गया व्यक्ति पागल हो तो उसकी दिय्यत आधी होगी .और मारी गयी औरत की दिय्यत मर्दों की कीमत से आधी होगी .यानि एक मर्द की हत्या के बदले दो औरतें देना होंगी .और औरत की आयु अगर सात साल से कम हो तो दो छोटी बच्चियों से काम चलाओ .”

 

बुखारी -जिल्द ५ किताब 59 हदीस 709 .और बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 64

 

(नोट -इस के मुताबिक एक मर्द के हया के बदले दो औरतें ,या 7 साल से कमकी चार बच्चियां देना होंगी )

 

फिर जो औरतें या बच्चियांबदले में ली जाती हैं ,उनसे मृतक के परिवार के लोग गुलामी करते हैं .और सब मिल कर बलात्कार भी करते हैं .कई जगह जमीदारों ने अपने निजी जेल भी बना रखे है

 

महिला खतना (Female Genital Mutilation)

वुलवार.وُلوار Vulvar–

 

महिला खतना Female Genital Mutilation ,इसके बारे में पिछले लेखों में विस्तार से दिया गया है .इसमे चार से पांच साल की बच्चियों की योनी की भगनासा (Clitoris )और उसके आसपास के भगोष्ठ को छील दिया जाता है .कई बार इस से बच्चियों की मौत भी हो जाती है.

 

सब जानते हैं कि मुसलमान हफ़्तों तक नहीं नहाते .वह इसे रसूल कि सुन्नत मानते हैं .मुसलमान नहाने से बचने के लिए बच्चियों कि खतना करा देते हैं .हदीस में कहा है कि–

 

“यदि कोई खतना वाले पुरुष का अंग (लिंग )किसी बिना खतना वाली स्त्री के अंग (योनी )में प्रवेश करता है ,तो उस पुरुष को गुस्ल(स्नान )करना जरुरी है “सही मुस्लिम -किताब 3 हदीस 684 .

 

इसलिए मुसलमान बार बार नहाने से बचने के लिए लड़कियों कि खतना करा देते है .फिर मुहम्मद ने भी कहा था कि –

“उम्मे आत्तिय्या अन्सारिया ने कहा कि ,मदीना में एक औरत एक बच्ची की खतना कर रही थी .रसूल वहां गए और उस औरत से कहा कि इस बच्ची कि योनी को इतनी गहरायी से मत छीलना जिस से योनी कुरूप हो जाये ,और इस बच्ची के पति को पसंद न आये ” – सहीह मुस्लिम -किताब 41 हदीस 3251.

 

शारीरिक क्षति की भरपाई (Blood Feud)

सवरा. سوَرا Swara —-

 

इसका अर्थ है शारीरिक क्षति की भरपाई BloodFeud .यदि कोई किसी व्यक्ति के शरीर स्थायी को नुकसान करता है तो ,उसले बदले जो लिया जाता है उसे सवरा कहा जाता है .यह रिवाज भी कई स्थानों में है .कुरान में लिखा है-

 

“हे ईमान वालो ,बदला लेने में बराबरी होना जरूरी ठहरा दिया गया है ,आजाद का बदला आजाद ,गुलाम का बदला गुलाम ,स्त्री का बदला स्त्री .फिर यदि स्त्री के भाई की तरफ से कोई दिया जाये तो उसे उत्तम रीति से निपटा देना चाहिए .बदला लेना ही बुद्धिमानों का जीवन है ” — सूरा -बकरा 2 :178 और 179.

 

“हमने तुम्हें हुक्म दिया है कि जान के बदले जान ,आँख के बदले आंख ,कण के बदले कान ,नाक के बदले नाक ,दांत के बदले दांत और हरेक घाव के बदले घाव है ” — सूरा -मायादा 5 :45 .

 

इन आयातों के अनुसार यदि कोई बदले में बहुत अधिक धन नहीं दे पाताहै तो ,लोग दिय्यत में उसकी लड़की या बहिन को लेने के हकदार होते हैं ,या जिरगा जबरदस्ती शादी करा देती है .आज भी पाकितान की अदालतों में ऐसे हजारों मामले पड़े हैं .क्रिकेटर इमरान खान की पार्टी ऐसे मामले उठती रहती है .लेकिन शरियत के आगे कुछ नहीं कर पाती है.