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साभार : विनीत कुमारसिंह एक भारतीय

रमजान के पवित्र कहे जाने वाले महीने में बरेली जनपद में रमजान रखने वाले कुछ भटके हुवों ने शुरू किया दंगा|

बरेली के जिहादी दंगे

ये सर्व विदित है कीशिव भक्त कांवड़ीये जब भी चलते हैं वो जयकारा लगते हुए और शिव के गाने की धुन को सुनते हुए चलते हैं| यही होता आ रहा था उत्तर प्रदेश में लेकिन जैसे ही इन शिव भक्तों की टोली शाहबाद मस्जिद के पास पहुंची वैसे ही वहां के कुछ भटके हुए मुसलमानों को परेशानी हो गई और शिव नारा लगाने और शिव धुन वाले गाने बंद करने को कहने लगे जैसे इनको हमेसा से हिन्दुओं के त्योहारों से परेशानी चली आती रही है| शिव भक्तों ने भी मना कर दिया और कुछ भटके हुए मुसलमानों ने जो कुछ समय पहले रोजा तोड़ शाम का खाना खाकर तरोताजा हुए थे ने वहां पर हंगामा मचा दिया | लेकिन कुछ बुद्धजीवियों के द्वारा बिच-बचावकरने से वहां झगडा टल गया|

मुस्लिम दंगाईयो द्वारा जलाये गये हिन्दुओ के घर और बाज़ार

लेकिन जैसे ही वो शिव भक्त वहां से आगे बढे और “मठ की चौकी” पहुंचे वैसे ही फिर से कुछ भटके हुए मुसलमानों ने पुनः उन्हें घेर कर पथराव शुरू कर दिया| इस पथराव में तक़रीबन २५ शिव भक्त हिन्दू गंभीर रूप से घायल हो गए और जैसा की वहां के प्रत्यक्षदर्शी बता रहे हैं लेकिन किसी भी मीडिया में इसकी पुष्टि नहीं हुई है की “एक शिव भक्त हिन्दू का हाथ भी काट दिया है भटकेहुए मुसलमानों ने|” जो भी गंगा का पवित्र जल लाया था शिव भक्त हिन्दुओं ने वो सभी उस समय हुडदंग मचा कर इन भटके हुए मुसलमानों ने बिखेर दिया ताकि वो जल ये शिव भक्त शंकरभगवन पर न चढ़ा सकें|

 

बरेली के सुभाष नगर में मुस्लिम दंगाईयो द्वारा फूंकी गाड

अब मठ की चौकी पर बवाल काटने के बाद इन भटके हुए मुसलमानों का मनोबल बढ़ गया और इन्होने “सहामत गंज” के हिन्दुओं पर धावा बोल दिया| वहां पर पुलिस चौकी मौजूद थी अतः वहां की पुलिस इनको रोकने लिए आगे आई लेकिन मुसलमानों की संख्या इतनी ज्यादा थी की उन्होंने ने पुलिस को दौड़ा लिया और साथ ही गोलियां भी चला रहे थे ये पुलिसपर जिसमे एसपि समेत कई पुलिस वाले बुरी तरह जख्मी हो गए| इतना होने के बाद भीकी पुलिस वालों की जान खतरे में है वहां के एसडीएम् साहब खड़े हो कर देखरहे थे और पिएसी को उसका काम करने से रोक रहे थे| लेकिन हालात इतने बदल गए की लाठी चार्ज से कुछ नहीं होने वाला था तब पिएसी के जवानबार-बार एसडीएम् सेगोली चलने का आदेश मांग रहे थे लेकिन आदेश नहीं मिल रहा था और वहां मुसलमान सारी चीजें फूंकते हुए अब पुलिस चौकी तक को फूंकने आ पहुंचे तथा बराबर गोलियां चलाये जा रहे थे तब जा कर पिएसी के जवानों ने एसडीएम् से कहा की हम वापस जा रहे हैं और आगे की स्थिति कीजिम्मेदार आप होंगे| तब जाकर अपनी गर्दन फंसते देख एसडीएम् ने गोली चलाने का आदेश दिया|

पुलिस और पिएसी की गोली चलाने से इन भटके हुए मुसलमानों में मीडिया और सरकारी रिकॉर्ड के हिसाब से एक मारा गया पर प्रत्यक्षदर्शिय ों के हिसाब से कम से कम ५ भटके हुए दंगा-रत भटके हुए मुसलमान मरे| लेकिनमरने से पहले इन भटके हुए मुसलमानों ने अपना बहादुरी वाला कार्य कर दिया था कीसो रहे कुछ हिन्दुओं के घरों और दुकानों को आग लगा दिया था तथा कुछकमजोर घरों में घुस कर वहां की महिलाओं के साथ वही अपना चिर-परिचित घिनौना आचरण किया यानि उन महिलाओं के साथ अशिष्ट और न कह सकनेवाली शर्मनाक हरकत करी इन भटके हुए मुसलमानों ने।

अखबारों में मुस्लिम जुल्मो की कहानी

लेकिन ५ लोगों के मरने और गोली चलने के बाद भी इन भटके हुए मुसलमानों की तादाद इतनी ज्यादा थी की पुलिस को वहांकालीबाड़ी के हिन्दुओं से सहायता मांगनी पड़ी| तब कालीबाड़ीका हर हिन्दू पुलिस और प्रशासन तथा राष्ट्रीय सम्पदा (पुलिस चौकी) को कोई हानी न हो इसके लिए आगे आ गया और उन भटके हुए मुसलमानों को उनके दडबे में खदेड़ आया| हिन्दुओं के इस सहिष्णु कार्य के लिए वहां उपस्थित पुलिस और पिएसी ने उनका धन्यवाद दिया|

रात भर उसके बाद छिटपुट घटनाएँ होती रहीं पुरे उस दंगा प्रभावित क्षेत्र में| और साथ ही वहां कर्फ्यू भी लगा था| लेकिन आज तडके स्थिति बिगड़ गई जब उस क्षेत्र के शिव भक्त लौटे और उनको बीती रात की घटना कीजानकारी हुई|

बरेली में जिहादी मुस्लिम दंगाई

अब चूँकि ऐसी ही घटना २साल पहले भी हुई थी जिसमे इन भटके हुए मुसलमानों ने कई हिन्दुओं के घर जला दिए थे और उसमे करोडो की क्षति उठानी पड़ी थी हिन्दू भाइयों को| और जैसा सामने आया की सारे बरेली के लोग हाल ही के कोसीकलां और प्रतापगढ़ की घटनाओं को अच्छे से देख और समझ चुके थे| इन क्षेत्रों में भटके हुए मुसलमानों के द्वारा की गई नंगी नाच से ये अच्छे से वाकिफ थे| तथा प्रशासन के तरफ से हाल के उत्तर प्रदेश के कोसीकलां और प्रतापगढ़ के दंगे में किये गए सराहनीय (निंदनीय) प्रदर्शन को भी देख चुके थे|

अब इन थके हारे आये शिव भक्तो में गुस्सा बढ़ा जो की लाजमी था और इन्होने स्टेडियम मोड़ पर स्थित मस्जिद और साथ ही एकऔर मस्जिद को आग के हवाले कर दिया| साथ ही जो पिछले दंगे केनायक रहे थे और उस समय के दंगे के भटकेहुए, एक भटके हुए मुसलमान नेता सादिक जी, उनका और उनके रिश्तेदारों का दुकान फूंक दिया गया क्यूंकि इस दंगे में भी ये थोडाभटका रहे थे भटके हुवों को|
अब चूँकि बीती रात को भटके हुए मुसलमानों की भीड़ ने सहामत गंज में लूट-पाट मचा रखी थी तो आज दिन में जोगिनवारा में इन भटके हुए मुसलमानों की दुकाने लूट ली गईं| क्यूंकि प्रकृति का नियम है की संतुलन बना रहना चाहिए|

http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2010-03-12/india/28127846_1_curfew-reimposed-riots-commissioner-majid-ali

रमादान के महीने में इस्लाम का शांति का पाठ

अब एक सवाल उठता है की जो कुछ शिव भक्त पहले त्रिशूल लेकर चलते थे जल भरने उन्हें इस बार त्रिशूल ले जाने पर लगा दिया था इस मौलाना मुलायम सिंह यादव की सरकार ने। तो क्या यहाँ एकशक की सुई ये नहीं उठती है की क्या ये दंगा पूर्व प्रायोजित था?
ये खबर हमारे एक बरेली के फेसबुक हिन्दू मित्र द्वारा दी हुई है| चूँकि इस समय सारे शांतिप्रिय लोग नजरबन्द हो गए हैं अपने घरों में और हमारे मित्र का इन्टरनेट काम नहीं कर रहा था तो उन्होंने सारी घटना मुझे बताई और मैं आप लोगो तक पहुंचा रहा हूँ|

http://inextlive.jagran.com/bareilly/local