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by: Rohit Sharma

साईं
शिर्डी साईं
शिर्डी के बाबा साईं
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शिर्डी वाले साईं बाबा,
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क्या क्या नहीं कहते इस पाखंडी को हम,
शिर्डी पर जाने से पहले बाबा के बारे में जाने,
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भगवत गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि भूत प्रेत, मूर्दा (खुला या दफ़नाया हुआ अर्थात् कब्र अथवा समाधि) को सकामभाव से पूजने वाले स्वयं मरने के बाद भूत-प्रेत ही बनते हैं. यान्ति देवव्रता देवान् पितृन्यान्ति पितृव्रताः भूतानि यान्ति भूतेज्या यान्ति मद्याजिनोऽपिमाम्. मरे हुये साई बाबा और उनके कब्र की पूजा क्यों की जाती है? मतलब भागवत गीता के कथन असत्य हैं इसीलिये उसके कथन को नकारा जाता है????
हिन्दु ग्रंथो के अनुसार भगवान का अवतार किसी विशेष कार्य अथवा मनुष्यों के संकट निवारण हेतु होता है. साई के जन्म का क्या उद्देश्य था????? साई अवतार में उन्होंने लोगों को किस संकट से मुक्ति दिलाई? ??? अब यदि यह कहा जाये की साई बाबा ने धर्म, सम्प्रदाय, जाति-पाति का सदा विरोध किया तो ऐसे बहुत संत सन्यासी हुये हैं, जिन्होंने ऐसी समाजिक बुराईयों का विरोध किया. सिर्फ़ साई बाबा को इतनी मान्यता क्यों?
किसी भी हिन्दु ग्रन्थ में संत सन्यासियों के लिये आदर भाव तो बताया गया है परन्तु भगवान कभी नही माना गया तो साई बाबा को भगवान की संज्ञा क्यों दी जाती है?????
हिन्दु ग्रन्थों में भगवान विष्णु के दशावतार (मत्स्य, कूर्म, वराह, वामन, नृसिंह, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध, कल्की) बताये गये हैं जिनमें से दसवां व आखिरी कल्कि अवतार कलयुग के नाश के लिये होगा. किसी भी हिन्दु ग्रन्थ में साई अवतार का कोई जिक्र नही है. तो कैसे साई को अवतारवाद की संज्ञा दी जाती है????? अब या तो हिन्दु ग्रन्थ असत्य हैं या साई बाबा…

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बाबा एक फारसी शब्द है जी हा फारसी पर कुछ मूर्खो ने इसे संस्कृत का शब्द बताने का षड्यंत्र किया हिया, आप सभी ने मलेशिया का नाम तो सुना ही होगा, मलेशिया एक मुस्लिम बहुल देश है 60% जनसँख्या मुस्लिम है और विकसित हिते हुए भी वो सब वह होता है जो एक मुस्लिम देश में काफिर के साथ होता है, मेरे मुर्दा हिन्दू मित्र ध्यान दे की आप सभी अपने मुल्ले मित्रो की नजर में काफ़िर है, आपको नुकसान पंहुचा और पीठ पीछे वार करना और खुद को आपका सबसे बड़ा हिमायती दिखा कर आपका दिल जीत कर आपकी पीठ में चुरा घोपना इनका सबसे बड़ा काम है,
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अब मुद्दे पर आते है बाबा – बाबा मलेशिया में सबसे बड़ी सम्मान की उपाधि है, जो व्यक्ति पुरे जीवन इस्लाम के लिए काम करके इस्लाम का झंडा बुलंद करता है या किसी गाँव या क्षेत्र का इस्लामीकरण करता है उसे मलेशिया में बाबा की उपाधि देकर एक बड़ी से टोपी सर पर रखकर सम्मानित किया जाता है और हज पर जाने की सुविधा भी प्रदान की जाती है
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अब साईं बाबा – बहुत से मित्र कहते है की साईं हिन्दू है तो मित्रो मुसलमान उसका बचाव क्यों कर रहे है, और सबसे बड़ी बात विकिपीडिआ और खुद साईं सत्चरित्र ने भी साबित कर दिया है की साईं मुल्ला है
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अब साईं के कट्टर हिन्दू भक्त सुने – बहुत से मुर्दा हिन्दू कहते है की साईं ने जीवन भर हिन्दू मुसलमानों को एक करने का प्रयास किया, मेरे कट्टर हिन्दू मित्र ध्यान दे,, जो हिन्दू मुस्लिम एकता की बात करता है क्या वो कट्टर है?? अगर नहीं तो पूजना बंद करे ऐसे पाखंडी को हिन्दू मुस्लिम भाई भाई करके हिन्दू को मुर्दा बनाने की घुट्टी पिला रहा है
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अब मुर्दा हिन्दुओ के लिए – आप लोगो से तो वैसे भी कोई उम्मीद नहीं है, क्युकी जिन लोगो ने मोपला में ५००० हिन्दुओ को २ घंटे में काट डाला और बटवारे में जिन कतुवो ने भारत मेटा की छाती पर पैर रख कर ३५ लाख हिन्दुओ का नरसंहार किया, ऐसे लोगो के मुखिया को आप भगवन मान सकते है और वैसे भी आप लोग तो अपनी माँ बहन को इन कतुवे के हवाले कर सकते है पर हम इतने गिरे हुए नहीं की जिस मुह्हमद गजनवी ने ७० लाख हिन्दू औरतो को अरब के बाजारों में बेचा उनके सरताज को हम भगवान् मान ले, आप लोगो को तो साईं के सिवाय कुछ दीखता भी नहीं,
उसी पर एक कहानी सुनिए – एक बार भगवन बुद्ध के पास एक आदमी आता है और कहता है गुरु जी मुझे ज्ञान दे, भगवन उसे एक बर्तन में गोबर भरकर कहते है जाओ और इस बर्तन में खीर ले आओ, वो आदमी कहता है की भगवन इस गोबर में पात्र में खीर कैसे लाऊ तो भगवन कहते है की इसी तरह तुम्हारा दिमाग भी सांसारिक गोबर से भर गया है पहले वो गोबर निकाल कर मन साफ़ करो फिर ज्ञान लो,
इसलिए ऐ मुर्दा साईं भक्तो, पहले साईं जैसे गोबर को दिमाग से निकालो और श्री राम को मन में बसाओ तो तुम भवसागर पार हो जाओगे वरना जैसे भगवन कृष्ण कहते है की भूतो को पूजने वाले भुत बनते है और मुर्दे को पूजने वाले मुर्दे बन कर इस लोक में भटकते रहते है, कही ऐसा न हो की राम नाम की जगह इस साईं कतुवे का नाम लेते लेते तुम भवसागर के कीचड़ में समां जाओ
और एक बात, साईं को पूजो या न पूजो पर श्री राम की भार्या सिर्फ माता सीता है, उनके साथ ऐसे कतुवे का नाम जोड़कर भगवन और माता को अलग करने का जो पाप कर रहे हो उससे तुम्हे कुछ नहीं मिलने वाला, सिवात घोर पाप के
और अब भी किसी को शंका हो तो मुझे साईं के भगवान होने का प्रमाण दे नहीं तो चुल्लू भर डूब मरे और उसी पानी को पी पी कर मुझे कोसना शुरू कर दे,,,

अब ऐसे लोगो से पूछो की साईं क्या है तो कोई कहता है की सिर्फ एक अच्छे संत है, चलो कोई बात नहीं
कुछ दिन पहले एक कट्टर हिन्दू, जी हाँ मित्रो कट्टर हिन्दू मित्र कहना लगा की साईं दत्तात्रेय का अवतार है, अब सुनिए दत्तात्रेय खुद तीनो देवो के अंश अवतार है जो माता अनुसूया के पुत्र थे, क्या एक अवतार फिर से अवतार लेगा, चलो कोई बात नहीं
अब एक अन्य मित्र कहने लगे की साईं को विष्णु का अवतार है, तो मैंने कहा की विष्णु भगवन के दस अवतारों में तो साईं का जिक्र नहीं है ये क्या अर्जंट आर्डर पर आये थे, चलो कोई बात नहीं
एक अन्य मित्र ने एक कहानी का लिंक दिया जिसमे माता पारवती और शंकर जी कैलाश पर जाते है और माता पारवती भगवन को नर रूप में देखने की बात कहती है और भगवन शिव साईं के रूप में जन्म लेते है, तो मिरतो रूद्र के सभी अवतार आप जानते है, क्या उनमे या फिर शिव महापुराण में कही साईं का जिक्र है, चलो कोई बात नहीं
अब एक और बात, बहुत से मित्र कहते है की साईं हिन्दू मुस्लिम एकता की बात करते थे और अल्लाह मालिक और सबका मालिक एक कहते थे, तो मित्रो कभी किसी यवनी, गौ हत्यारे, मुल्ले, पाकिस्तानपरस्त या अरब्परस्त कुत्ते ने कहा है की राम भगवन थे, कृष्ण भगवन थे और अल्लाह के जैसे है, हम तो कह देते है की सब एक है वो क्यों नहीं कहते है, वो चींख चींख कर मस्जिदों से गले फाड़ फाड़ कर कहते है की इश्वर सिर्फ अल्लाह है बाकी सब झूठे है, तो क्या हम हिन्दू ही बेवकूफ है जो उनके बलात्कार की पैदाइश को भी भगवान् मान ले, चलो कोई बात नहीं
हम मान लेंगे, जब महाराज पृथ्वीराज को धोखे से मरवाने वाले अजमेर कुत्ते ख्वाजा के यहाँ चादर चढ़ा सकते है तो इस मुल्ले को भी भगवन मान सकते है
जब अकबर जैसे कुत्ते को जिसने औरंगजेब की नीति प्यार से लागू करके लव जिहाद को बढ़ावा दिया, तो ऐसे पाखंडी को भी भगवन मान सकते है,
जब शिवाजी महाराज द्वारा मारे गये अत्याचारी अफज़ल खान की दरगाह पर दिया जला सकते है तो इस ढोंगी को भी भगवान् कह सकते है,
हम तो चलते फिरते को भी भगवन बना लेते है, पूजने को पत्थर भी पूजे जाते है,
जी हां, मेरे कुछ मित्र यही दलील देते है पर मेरे प्यारे मित्रो पत्थर न किसी की हत्या करता है न बलात्कार करता है,
साईं ने मुसलिम बनाने के लिए क़त्ल भी किये और बलात्कार भी किये, जिसके सभी प्रमाण महाराष्ट्र के किसी भी थाने में जाकर पता लगा सकते है
पर ध्यान रहे वो सब आप चाँद मिया १८८० के केस में देख सकते है, साईं नाम मत लेना वरना पोलिसे वाले मरते हुए कोर्ट तक ले जायेंगे,