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मुफ्ती उसे कहते हैं, जिसे पूरी कुरान याद हो| ऐसे ही रट्टू मुफ्ती एजाज अरशद कासमी को फेसबुक और ट्विटर पर लिखे गए तमाम लेख आपत्ति जनक लगे, लेकिन १४ सौ वर्षों से मस्जिदों से चिल्लाई जाने वाली अजान आपत्ति जनक नहीं लगती| शासकों को भी अजान, मस्जिद, इस्लाम और कुरान में इसलिए बुराई नहीं दिखाई देती कि मुसलमानों ने स्वेच्छा से दासता स्वीकार कर लिया है| अजान में मुसलमान ईमाम के कथन का विवरण नीचे की लिंक में पढ़ें,
http://www.aryavrt.com/fatwa
मस्जिदों से ईमामों के खुतबों को ध्यान पूर्वक सुनिए.
ईमामों को कुरान के आदेशों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने की भी आवश्यकता नहीं. भारतीय संविधान के अनुच्छेद २७ का उल्लंघन कर आप के कर से प्राप्त १० अरब रुपयों में से वेतन लेकर ईमाम बदले में कुरान के सूरह अनफाल (८) की सभी मुसलमानों को सीधी शिक्षा देते हैं. (एआईआर, एससी, १९९३, प० २०८६). अजान द्वारा ईमाम स्पष्ट रूप से गैर-मुसलमानों को चेतावनी देते हैं कि मात्र अल्लाह की पूजा हो सकती है. अल्लाह के आदेश से ईमाम कहता है कि काफ़िर मुसलमानों के खुले दुश्मन हैं. (कुरान ४:१०१). कुछ खुतबे कुरान के सूरह अनफाल (८) में स्पष्ट दिए गए हैं. अल्लाह निश्चय रूप से कहता हैं कि उसने मुसलमानों को जिहाद के लिए पैदा किया है, युद्ध (जिहाद) में लूटा हुआ माल, जिसमे नारियां भी शामिल हैं, अल्लाह और मुहम्मद का है. (कुरान ८:१, ४१ व ६९). जान लो जो भी माल लूट कर लाओ, उसका ८०% लूटने वाले का है. शेष २०% अल्लाह, मुहम्मद, ईमाम, खलीफा, मौलवी, राहगीर, यतीम, फकीर, जरूरतमंद आदि का है. (कुरआन ८:४१). लूट ही अल्लाह यानी सत्य है. लूट में विश्वास करने वाले विश्वासी हैं. गैर-मुसलमानों के गले काटो, उनके हर जोड़ पर वार करो और उनको असहाय कर दो. क्यों कि वे अल्लाह के विरोधी हैं, (कुरआन ८:१२). जो भी अल्लाह और मुहम्मद के आदेशों का उल्लंघन करता है, वह जान ले कि अल्लाह बदला लेने में अत्यंत कठोर है. (कुरआन ८:१३). काफ़िर के लिए आग का दंड है. (कुरआन ८:१४). जब काफिरों से लड़ो तो पीठ न दिखाओ. (कुरआन ८:१५). तुमने नहीं कत्ल किया, बल्कि अल्लाह ने कत्ल किया. (कुरआन ८:१७). मुसलमानों को लड़ाई पर उभारो. (कुरआन ८:६५). तब तक बंधक न बनाओ, जब तक कि धरती पर खून खराबा न कर लो. (कुरआन ८:६७). जो भी लूट का माल तुमने (मुसलमानों ने) प्राप्त किया है, उसे परम पवित्र मान कर खाओ. (कुरआन ८:६९). सत्य स्पष्ट है. काफिरों को आतंकित करने व समाप्त करने के लिए मुसलमानों में जोश पैदा करते हुए अल्लाह कहता है, “जब तुम काफिरों से लड़ो, तो उनको इस तरह परास्त करो कि आने वाले समय में उन्हें चेतावनी मिले. काफ़िर यह जान लें कि वे बच नहीं सकते. (कुरआन ८:६०). जो मुसलमान नहीं वह काफ़िर है| कत्ल से कुफ्र बुरा है (कुरान २:१९१). इस्लाम है तो काफ़िर कि मौत पक्की|
यह आश्चर्य है कि मुफ्ती और जज को कुरान के उपरोक्त आदेश आपत्तिजनक नहीं लगते. ऐसा नहीं है कि मेरी माँ के हत्यारे जज को उपरोक्त लेखों का ज्ञान नहीं है| मुझको इसी हत्यारे जज ने थाना नरेला के दो प्राथमिकियों १०/२००१ व ११०/२००१ में न्यायिक अभिरक्षा में तिहाड़ जेल भेजा था| लेकिन हर जज विवश है, यदि मुफ्ती की बात नहीं मानेगा तो दिल्ली उच्च न्यायालय के जज शमित मुखर्जी की भांति जेल चला जायेगा|