Tags

,


जब तक मुसलमान कुरान की आयतों के विवादास्पद अंश नहीं हटाते, परिवार नियोजन नहीं अपनाते हिन्दुओं मुसलमानों का आर्थिक बहिष्कार करो विचारणीय बिंदु हिन्दुस्थान में मुसलमानों की कुल आबादी का 3 प्रतिशत भाग सरकारी नौकरी में है और 2 प्रतिशत भाग अरब देशों में नौकरी करके अपनी जीविका चला रहा है । इसके अलावा 10 प्रतिशत मुसलमानों पर कृषि का साधन है । इस प्रकार 15 प्रतिशत मुसलमान नौकरी व कृषि पर स्वावलम्बी हैं । उस 15 प्रतिशत आबादी का हम कुछ नहीं कर सकते ।

अब बची 85 प्रतिशत आबादी, इतनी बड़ी मुस्लिम जनसंख्या पर कुछ भी नहीं है । यह आबादी पूर्णतया हिन्दुओं के ऊपर निर्भर है । इस 85 प्रतिशत आबादी में भिखारी, नाई, राज मिस्त्री, दर्जी, दूधिए बैण्ड बाजे वाले, फेरी वाले, पटाखे बनाने वाले, कबाड़ी रिक्शेवाले आदि हैं । इनके पास न नौकरी है और न जमीन । पिछले पचास वर्षों में हिन्दुओं ने अपने सारे मूल कार्य छोड़ दिए । वे सारे तकनीकी कार्य मुसलमानों ने छीन लिए । यही उनकी जनसंख्या बढ़ाने का आधार हैं । जिस भिखारी के पास पेट भरने के का आधार नहीं है उसके भी 14 बच्चे हैं । वे 14 बच्चे हिन्दुओं की दया के कारण ही पल रहे हैं ।

जिस दिन हिन्दू इन गउ हत्यारों को भीख देनी बंद कर देगा, यह भिखारी और उसकी 14 संताने स्वयं ही जहर खाकर सो जाएगी । 10 प्रतिशत मुस्लिम आबादी भीख मांग कर हिन्दुओं का आटा खाकर ही खतरा बन रही है । संकल्प लो कि आज के बाद देश के प्रत्येक गांव प्रत्येक शहर से भीखबंदी का अभियान चलाकर इस विकराल समस्या का निदान करेंगे । दीपावली को हम बीस हजार करोड़ की आतिशबाजी में आग लगा देते हैं ।

करोड़ों मुसलमान आतिशबाजी बनाकर आबादी बढ़ा रहें हैं । जिस दिन हिन्दू संकल्प ले लेगा कि आतिशबाजी नहीं छोड़ेगे , करोड़ो गउ हत्यारों का राम नाम सत्य हो जाएगा । हम जयंतियों , शादियों आदि में बैण्ड बजवाकर स्वयं नाच रहे हैं बहु बेटियों को सड़को पर नचा रहे हैं । गउ हत्यारों पर नोटों की बरसात कर रहे हैं ं । अगर एक रूपया भी गउ हत्यारे के सिर पर रखा जाएगा तो वही एक रूपया शाम को गऊ हत्या का कारण बनेगा , वही रूपया इस्लामीकरण व आतंकवाद का कारण बनेगा ।

यदि हम शादी बिना बैण्ड के कर लें तो लगभग तीन गऊ माताओं की हत्या स्वयं रूक जाएगी । अगर हम किसी गऊ हत्यारे को दूध बेच रहें हैं या उससे दूध खरीद रहे हैं तो हम उसे रोजगार देकर उसके पूरे परिवार को पाल रहे हैं । इसी दूधिया के परिवार की फौज एक दिन हिन्दुओं के लिए खतरा बनेगी ं। हम मुल्ला की दुकान पर दाढ़ी या बाल कटवा कर आए ।

सोचो यदि उसे इसके उस रूपए देकर आए तो बाल कटवाकर आए या गाय कटवाकर आए । उन दर्स रूपयों से वह सत्यनारायण की कथा नहीं करवाएगा । उसी से शाम को गाय का मांस बेचेगा । कहने का सार है कि आज जो घुसपैठ हो रही है, मुस्लिम आबादी बढ़ रही है उसका मूल कारण हिन्दू समाज की दया व मूर्खता ही है । जिस दिन हिन्दू इन दुष्ट गऊ हत्यारों को भीख देना बंद कर देगा, आतिशबाजी बंद कर देगा, बैण्ड बंद कर देगा तथा अपना पैसा हिन्दू को देना शुरू कर देगा , उसी दिन से हिन्दुस्थान परम वैभवशाली बन जाएगा । हिन्दू समाज का रोजगार बढ़ेगा । जो घुसपैठिए आ गए हैं वे स्वयं ही भागकर जहां से आए हैं वही स्वयं चले जाएगें । न हिन्दू नक्सली बनेगा । जातिगत विद्वेष स्वयं ही समाप्त हो जाएगा । जब हिन्दू दूसरे हिन्दू को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा तो स्वयं ही प्रेम का सागर हिलोरे लेने शुरू कर देगा हिन्दू समाज से जातिभेद स्वये ही समाप्त हो जाएगा ं।

मुसलमानों ने वे सारे कार्य हराम घोषित कर रखे हैं जो इस्लाम के फलने फूलने में बाधक हैं । स्वयं बैण्ड बजाते हैं व आतिशबाजी का कार्य करते हैं लेकिन ये दोनों इस्लाम में हराम हैं क्योंकि यदि बैण्ड बजाऐगें, आतिशबाजी छोड़ेगें तो 14-14 बच्चों का पालने कैसे करेंगें । देश पर कब्जा कैसे होगा । लेकिन चोरी करना, हिन्दुओं की लड़की भगाना, अटैची चोरी करना हराम नहीं है ं। राम रावण युद्ध में जब भगवान राम दस दिनों तक रावण से युद्ध करते करते थक गए । रावण का एक सिर काटें तो पांच तैयार पांच कांटें तो पच्चीस तैयार हो जाते थे । तब विभीषण से भगवान ने रावण की मृत्यु का रहस्य पूछा विभीषण बोला कि भगवान .रावण की नाभि में अमृत है जब तक उसे नहीं सुखओगे रावण नहीं मरेगा । तब भगवान श्री राम ने अग्नि बाण चलाकर रावण की नाभि का अमृत सुखा दिया । रावण क्षण भर में धराशायी हो गया ।

हिन्दुस्थान में इस्लाम को यह अमृत कहां से प्राप्त हो रहा है: हिन्दुओं द्वारा दी गयी रोटी से रोजगार से । जब रोटी नहीं मिलेगी, रोजगार ही नहीं होगा तो अमृत स्वयं ही सूख जाएगा और यह इस्लाम रूपी रावण क्षण भर में धराशायी हो जाएगा । हमें देश के प्रत्येक गांव को स्वावलम्बी गांव बनाना होगा । बहुत हिन्दू नौजवान बेरोजगार घूम रहे हैं । उन्हें प्रेरित करके टैक्नीशियन बनाना होगा । हेयर कटिंग, दूध के कार्य, सिलाई, राज मिस्त्री आदि के कार्य गांव गांव में खड़े करने होगें ।

जिस दिन हिन्दुओं के ये कार्य खड़े होने शुरू हो जाएगें इस्लामीकरण की समस्या, ईसाईकरण की समस्या स्वयं ही समाप्त हो जाएगी । हमें एक ओर देश के प्रत्येक हिन्दू को जागृत करना होगा कि तुम ही इस आंतकवाद के कारण हो । तुम्हारे पैसे से ही इस्लाम का बीज पल कर बढ़ रहा है । तुम्हारे पैसे से गाय की हत्या हो रही है । हरेक गांव में रोजगार खड़े करने होंगे तो हिन्दू आर्थिक दृष्टि से शक्तिशाली बनेगा । उसका उत्साह आत्मविश्वास बढ़ेगा । तब सब समस्याओं का निदान आपको स्वयं होता दिखाई देगा ।