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तारीखे बगदादी में याहया बिन सईद ने लिखा है कि ,इमाम अबू हनीफा ने कहा है ,गर कोई मुसलमान की नजदीकी हासिल करने लिए अपने जूतों की पूजा करे तो इसमे कोई गुनाह नहीं है (यानी इमान पक्का रहेगा )

( फिर मुसलमान मूर्ति पूजा के कारण हिन्दुओं को काफ़िर क्यों कहते हैं ,मूर्तिपूजा जूता पूजा से अच्छी है )

We read in Tarikh Baghdad, Volume 15 page 509:

حدثنا يحيى بن حمزة وسعيد يسمع ، أن أبا حنيفة قال : لو أن رجلا عبد هذه النعل يتقرب بها إلى الله ، لم أر بذلك بأسا

Yahya bin Saeed said: ‘Abu Hanifa said that if anyone worships this shoe in order to get close to Allah (swt), it is not a sin’

3- अबूबकर और इब्लीस (शैतान )ईमान में बराबर हैं

Abu Bakar and Iblis were equal in faith

तारीखे बगदादी में इमाम अबू हनीफा ने लिखा है कि मुहम्मद के ससुर और पहले खलीफा अबूबकर सिद्दीकी का इमान इब्लीस (शैतान )के बराबर था

(जब मुसलमानों का पहला खलीफा ही इमान के मामले में शैतान के बराबर था तो दुसरे मुसलमानों का इमान कैसा होगा )

We read in Tarikh Baghdad, Volume 13 page 376:

سمعت أبا حنيفة يقول أيمان أبي بكر الصديق وإيمان إبليس واحد

“Imam Abu Hanifa said that Abu Bakr al-Sidiq and Iblis were equal in Iman”.