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आमतौर पर विद्यार्थियों को देश का कर्णधार माना जाता है ,और लोग अपने बच्चों को इसलिए पढ़ाते हैं ,कि वे पढ़कर अच्छीशिक्षा प्राप्त करें और अपने परिवार और समाज का भला कर सकें लेकिन विद्यार्थी शब्द का अर्थ तालिबान होता हो ,जो आतंकवादियों के लिए प्रयुक्त होता है .जब धीमे धीमे इस्लामी आतंकियों ने देश में अपने पी फैलाए तो भारत में उसका नाम सिमी कर दिया .इसका पूरा नाम इस प्रकार है Students Islamic Movements of India “जिसे सिमी भी कहते हैं .इसकी स्थापना 25 अप्रेल 1977 को अलीगढ़ में हुई थी .यह जमाते इस्लामी का एक अलग गिरोह है.वैसे तो इसका उद्देश्य मुसलमानों को पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव से मुक्त कराना ,गैर मुसलमानों को मुसलमान बनाना ,और इस्लामी नियमों का पालन कराना है .इसे सिमी भी कहा जाता है .इसका एक गुप्त नाम “अल अरबी अल हिन्दी “भी है .उस समय इसका अध्यक्ष “मुहम्मद अहमदुल्लाह सिद्दीक ‘था .सिमी कि देश विरोधी गतिविधियों के कारण एन ड़ी ऐ सरकार ने सन 2002 में इस पर रोक लगा दी थी .लेकिन ,लालू ,मुलायम और दिग्विजय जैसे हिन्दू विरोधी नेताओं ने इस पाबंदी का घोर विरोध किया और ,इसकी तुलना आर एस एस से कर डाली .और अदालत को गुमराह कर दिया .आखिर सुप्रीम कोर्ट ने 6 अगस्त 2008 को सिमी से पाबंदी हटा दी.
पाबंदी हटाते ही सिमी ने अपना जाल पूरे देश में फैला दिया.खासकर मध्य प्रदेश उसका गढ़ बन गया. सिमी के स्थानीय नेता को “अंसार “और कार्यकर्ता को “इखवान “कहा जाता है .इनकी संख्या 20000 से अधिक है .यही नहीं सिमी हर भाषा में अपने विचारों का प्रचार करने के लिए मासिक और साप्ताहिक पत्रिकाएं भी प्रकाशित कराती है जैसे ,उर्दू -हिंदी में “तहरीक “गुजराती में “इकरा “बंगाली में “रूपान्तर “अंगरेजी में “Movement “तमिल में “Sedhimandal “,मलयालम में “Vivekam “यही नहीं मुस्लिम बच्चों में कट्टर विचारों को भरने के लिए “shahee Times “नामकी एक साप्ताहिक भी नीकलती है.
लेकिन इन सभी में संघ परिवार को अपना मुख्य शत्रु बताती है .
1 -सिमी के पोषक
जैसे जैसे यू .पी. के चुनाव निकट आने लगे है ,सिमी सक्रीय होने लगी है .और कांग्रेसी नेताओं ने हिन्दुओं के विरुद्ध जहर उगलना शुरू कर दिया है.इनका उद्देश्य सिमी के अपराधों को को कम दिखाना और उन पर पर्दा डालना है.इसमे दिग्विजय सबसे आगे है.वह दुबारा एम्. पी में कब्ज़ा करना चाहता है .इसी लिए 6 अक्टूबर 2010 को राहुल गंदी ने कहा कि देश को सिमी से अधिक भगवा से अधिक खतरा है .यही बात दिग्विजय ने २३अक्टूबर 2010 भोपाल में कही थी .वास्तव में कांग्रेस हिंदी भाषी प्रान्तों में सत्ता पाने के लिए सिमी का हौसला बढ़ा रही है .और सिमी उन प्रदेशों में अफरातफरी फैला कर लोगों में वहां कि सरकारों के प्रति आक्रोश पैदा करना चाहती है .जिसका चुनाव में कांग्रेस को लाभ मिलेगा .
2 सिमी का देशव्यापी जाल .
चूंकि दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश को अपनी रियासत समझता है,और सिमी कि मदद से फिर से एम्.पी. में सत्ता हथियाना चाहता है ,जैसा मैंने पाहिले भी लिख दिया था. दिग्विजय ने अपने कार्यकाल में सिमी के लोगों को विभिन्न पदों पर रखाव दिया था.आज वह सक्रीय होकर प्रदेश में लूट ,बैकों में डकैती ,अन्य अपराध कर रहे है.एम्.पी. के साथ यू.पी.. कि सीमा लगी है .इसलिए सिमी के लोग वहां भी अपराध करके छुप जाते है .उत्तर प्रदेश में बलात्कार कि .और मध्य प्रदेश में चोरी ,डकैती बाढ़ सी आ गयी है .निश्चय ही इसका चुनाव में कांग्रेस को लाभ होने वाला है.
3 -मध्य प्रदेश सिमी का गढ़ है
सिमी कि जड़ें दिग्विजय के समय मजबूत हो चकी थीं .आज सिमी के लोग जगह जगह बैंक लुट रहे हैं ,और काग्रेसी बी .जे. पी.की सरकार को निकामा साबित करने लगे रहते हैं.यही चाल कांग्रेसी यू.पी. में चल रहे हैं.11 जून 2011 को खंडवा में बैंक लुटा गया .फिर जिसमे सिमी के जो लोग पकडे गए वे इस प्रकार हैं ,शेख मुजीब अबू असलम (खंडवा )साजिद (उज्जैन )इकरार (उज्जैन )एजाजुद्दीन (भोपाल )इन सबी ने ऐस.टी.ऍफ़ के सामने कबूल किया कि वे सिमी के लोग हैं.
4 -मध्य प्रदेश को दहलाने कि योजना
जब सिमी के लोगों को कुछ राजनेताओं का अभयदान मिल गया तो ,सिमी लोग जगह जगह लूट करने लगे .दानिक जागरण के मुताबिक 15 मई से 12 जून 2011 भोपाल में कुल ३६ लूट के मामले दर्ज हुए .जिसमे मणपपुर सोने कि लूट भी शामिल है .इन लुटेरों के पास मंहगी गाड़ियां ,औए साजो सामान बरामद हुए थे.पकडे हुए सिमी के लोगों ने भोपाल ,इटारसी ,जावरा ,देवास ,खंडवा ,और मंदसौर कि लूट को काबुल किया था .लूट के मॉल के अलावा सिमी के लोगों को जकात से भी धन मिलता था .
5 -सिमी की कार्य प्रणाली
सिमी के पकडे हुए लोगों ने पुलिस को नाट्य कि वह अक्सर आपराधिक वृत्ति के मुसलमान लड़को को अपने साथ जोड़ लेते हैं.और फिर चार चार लड़कों कि एक एक टीम बना लेते हैं .भोपाल में कई ऐसी मस्जिदें हैं ,जिनमे तहखाने ,कमरे ,सुरंग और गुप्त दरवाजे है.वहां पर लूट कि योजना बनाई जाती है .लूट कामयाब होने के बाद टीम भंग करदी जाती है.जरूरत पड़ने पर किसी स्थानीय नेता कि मदद भी ली जाती है ..जो पुलिस से बचा सके.
6 -सिमी ने मध्य प्रदेश को ही लयों चुना
सब जानते है कि सिमी ने दिग्विजय सिंह के ज़माने से अपने पैर जमाये थे .ऐस .टी.ऍफ़ के सामने सिमी के चीफ अबू फैलल ने कहा था कि मध्य प्रदेश में ,गाड़ियों के फर्जी लाइसेंस बनवाना ,पासपोर्ट बनवाना ,राशन कार्ड बनवाना आदि काफी आसान है.भले वहां बी .जे.पी. की सरकार है .लेकिन महत्व पूर्ण पदों पर दिग्विजय के समय नियुक्त लोग ही हैं .जो कांग्रेसी मानसिकता के लोग हैं.फिर पुराने भोपाल में मुसलमानों कि संख्या अधिक है.जिनसे मदद मिल जाती है.सिमी के लोग खुले आम प्रदेश भर में घूमते रहते हैं .कुछ हिन्दू विरोधी नेताओं ने लोगों का ध्यान सिमी से हटा कर हिन्दुओं पर कर दिया है ,जिसका लाभ सिमी को मिल रहा है .वे बेख़ौफ़ और निडर हो गए हैं .
7 -सिमी की दीदादिलेरी
सिमी के लुटेरों का इतना दुस्साहस हो गया की वह अदालत का मखौल उड़ाने लगे .जब 17 जून 2011 को खंडवा के बैंक के लूट के आरोप में सिमी के लोगों को मजिस्ट्रेट श्री गंगा चरण दुबे के सामने आरोपियों को पेश कियागया तो ,वह लोग सलमान खान की तरह शर्त निकले ,और उल्टा चश्मा लगा कर गए .जब मजिस्ट्रेट ने एक से पुचा की तुम कौन हो ,तो उसने कहा मैं ऍफ़.टी.एस .का अफसर हूँ .दुसरे खुद को दबंग बताया और एक ने खुद को सलमान खान बता कर अदालत को मजाक उड़ाया. नाराज होकर मजिस्ट्रेट ने रिमांड की तारीख 26 जून तक बढ़ा दी .यदि काम किसी हिन्दू ने किया होता तो ,कांग्रेसी हंगामा कर देते. (दैनिक जागरण 17 जून 2011 )
इस बात से साबित होता है कि लूट करना इस्लामी तालीम का हिस्सा है.जो लोग यह दावा करते हैं कि लूट इस्लाम में गुनाह है ,वह झूट बोलते हैं .अगले लेख में बताया जायेगा कि लूट इस्लाम का धार्मिक कार्य है .और जायज है.आप अगला लेख जरूर पढ़िए.
प्रस्तुतकर्ता बी एन शर्मा