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यदि कोई निष्पक्ष ,बुद्धिमान और निर्भीक व्यक्ति इस लेख को ध्यान से पढ़ेगा ,तो यही कहेगा कि धिक्कार है ऐसे इस्लामी सदाचार पर लानत है ऐसे कुत्सित विचारों पर .!
क्योंकि दुनिया का शायद ही कोई दुर्गुण ,होगा जो इस्लाम और मुसलमानों में नहीं हो .और शायद ही कोई ऐसा पाप और अपराध हो जो मुसलमान नहीं करते हैं .क्योंकि उनके ग्रन्थ कुरान और हदीसों में इसकी शिक्षा दी गयी है .यह सभी दुर्गुण मुहम्मद की सुन्नत मने जाते हैं .और्  शरीयत इनको जायज ठहराती है .फिर भी मुल्ले ,मौलवी ,इस्लाम के प्रचारक और मुस्लिम ब्लोगर सब मिलकर इस्लाम को सर्वश्रेष्ठ धर्म साबित करने में लगे रहते हैं .और लोगों को अपना धर्म छोड़कर इस्लाम जैसे जंगली मजहब को स्वीकार करने को प्रेरित करते रहते हैं .यह लोग मुहम्मद ,उसके परिवार के लोगों और साथियों को चरित्रवान और आदर्श बता कर उनकी तारीफों के पुल बांधते रहते हैं .फिर भी कुछ अज्ञानी लोग उनके जाल में फंस कर अपना जीवन बर्बाद कर लेते हैं .
यहाँ पर इस्लामी सदाचार ,इस्लामी उलेमाओं,खलीफाओं और मुहम्मद के साथियों के चरित्र के कुछ नमूने दिए जा रहे हैं ,जो प्रमाणिक इस्लामी साईट से लिए गए हैं .सबूत के लिए अंगरेजी अंश भी दिए गए है.अब फैसला पाठक खुद ही करें कि ऐसे इस्लाम पर धिक्कार करना और लानत करना उचित है कि नहीं ?
1-हस्तमैथुन करना जायज है .
“इस्लाम के एक प्रमुख इमाम” अहमद इब्ने हम्बल ” ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति कि वासना इतनी भड़क गयी हो ,कि उसे शांत करने के लिए कोई औरत न मिले ,या कोई गुलाम स्त्री नहीं मिले ,या वह इतना कंगाल हो कि शादी न कर सके ,और या वह यात्रामे हो ,तो उसे हस्तमैथुन करने की अनुमति है .इमाम ने आगे यह भी कहा कि मुहम्मद के साथी जब भी किसी अभियान पर जाते थे तो ,हस्तमैथुन किया करते थे.”
Masturbation is Halal
“If a man is torn between continued desire or releasing it, and if this man does not have a wife or he has a slave-girl but he does not marry, then if a man is overwhelmed by desire, and he fears that he will suffer because of this (someone like a prisoner, or a traveller, or a pauper), then it is permissible for him to masturbate, and Ahmad (ibn Hanbal) is explicit on this. Furthermore, it is narrated that the Companions of the Prophet (s) used to masturbate while they were on military expeditions or travelling”.
Badai’alfawaid Ibn Qayyim.Page129

2-औरतें Dildo ( कृत्रिम लिंग )का प्रयोग करें
“अगर किसी औरत का पति न हो ,और उसकी वासना बेकाबू हो गयी हो तो वह अकरंबीज Akranbij (एक प्रकार की फली )पर चमडा इस प्रकार से लपेटे कि उसका आकार लिंग कि तरह हो जाये .फिर उसे अपनी योनी में घुसाकर वासना शांत कर ले ,या फिर ककड़ी (खीरा ) का भी प्रयोग कर सकती है .”
“इसी तरह पुरुष भी किसी तरबूज में छेद करके ,या चमड़े में छेद बना कर अथवा गुंधे हुए आटे में छेद बना कर उसमे लिंग घुसाकर सम्भोग कर सकते .यह उसी हालत में जायज है जब वह व्यक्ति कहीं यात्रा पर हो .हाथों से हस्तमैथुन करने से यह विधि अधिक आसान है ”
Use of a Dildoe (female sex toys)
“If a woman does not have a husband, and her lust becomes strong, then some of our scholars say: It is permissible for the woman to take an akranbij, which is a piece of leather worked until it becomes shaped like a penis, and insert it in herself. She may also use a cucumber”.
If a man makes a hole in a watermelon, or a piece of dough, or a leather skin, or a statue, and has sex with it, then this is the same as what we have said about other types of masturbation [i.e., that it is halaal in the same circumstances given before, such as being on a journey]. In fact, it is easier than masturbating with one’s hand”.

Badai’alfawaid Ibn Qayyim.Page129

3-औरतें अपने दाढी वाले पति को अपना दूध पिलायें
“सलहा बिन्त सुहैल बिन अम्र रसूल के पास गयी और बोली कि या रसूल मेरे करीब सलीम नामका एक गुलाम रहता है जिसे अबू हुजैफा ने आजाद कर दिया है ,अब वह वयस्क होगया है ,उसकी कुछ सेक्स संबधी समस्याएं है ,वह आपसे कुछ सलाह लेना चाहता है .रसूल ने कहा उसे अपनी औरत का स्तन चूसने को कहो .वहां मौजूद सहाबी ईब्ने अबू मुलैका ने कहा कि मैंने रसूल की इस हदीस को एक साल से अधिक तक किसी को नहीं बताया था ,लेकिन बाद में डर के मारे लोगों को बता दिया ,कि यह तरकीब आयशा ने ही रसूल को बतायी थी ”
woman can suckle a Salafi man with a beard
Sahla bint Suhail b. ‘Amr came to Allah’s Apostle (may peace be upon him) and said: Messenger of Allah, Salim (the freed slave of Abu Hudhaifa) is living with us in our house, and he has attained (puberty) as men attain it and has acquired knowledge (of the sex problems) as men acquire, whereupon he said: Suckle him so that he may become unlawful (in regard to marriage) for you He (Ibn Abu Mulaika) said: I refrained from (narrating this hadith) for a year or so on account of fear. I then met al-Qasim and said to him: You narrated to me a hadith which I did not narrate (to anyone) afterwards. He said: What is that? I informed him, whereupon he said: Narrate it on my authority that ‘A’isha (Allah be pleased with her) had narrated that to me.
Sahih Muslim Book8 Hadith Number 3426:
Imam Ibn Tamiyah as quoted by one of the revered scholars of Salafies Ibn Uthaimeen:
“शेखुल इस्लाम इब्ने तैय्यमा ने इस हदीस को चुना और इसकी व्याख्या करते हुए कहा कि मर्दों के लिए अपनी औरतों के स्तन चूसना जरुरी है.वह खुद भी ऐसा करते है .उन्होंने कहा इस से शादी स्थायी बनी रहती है ”
واختار شيخ الإسلام ابن تيميه رحمه الله التفصيل وقال إذا دعت الحاجة إلى إرضاع الكبير وأرضع ثبت التحريم
“Sheikh ul-Islam ibn Taymia (may Allah’s mercy be upon him) chosed to explain in details and said that if the breast suckling by an adult was necessary and he suckled, then the prohibition (of marriage) is established.”
Fatawa Nur Ala Aldarb, Volume 10 page 204

4-मुसलमान अपनी माँ से सम्भोग कर सकते है
“यदि कोई व्यक्ति किसी ऐसी स्त्री से शादी कर लेता है जिस से शादी करना हराम ( वर्जित ) है जैसे कि माँ ,सगी बहिन ,पुत्री ,चाची आदि .और उस से सम्भोग भी कर लेता है .और इस कृत्य को स्वीकार भी कर लेता है .यद्यपि उसे पता है कि यह कार्य हराम है इमाम अबू हनीफा ऐसी शादी को जायज मानते हैं .और इस्लाम के अनुसार उस व्यक्ति को किसी भी सजा के योग्य नहीं माना जायेगा .”
Permissibility of Having Sex with One’s Mother
if a person marries a mahram (mother, sister, daughter, aunt etc.) and has sexual intercourse with them and even admits the fact that he knew while performing the marital rites that it was Haraam for him to do that even then according to Imam Abu Hanifa, he is not subject to any type of Islamic penalty”.

Allamah Hassan bin Mansoor Qadhi Khan writes in his book of fatwa, Volume 4, p. 820:and,p821

5-मुसलमान जिन्दा है ,गुदा ( Anus )में उंगली घुसा कर देखें
अबू फतह (एक सहाबी ) ने कहा कि एक बार मुझे एक लाश को देखने का मौका मिला .जब लाश मेरे सामने आयी तो मैंने देखते ही कह दिया कि यह व्यक्ति मृतक नहीं ,जीवित है .लोगों ने पूछा कि आप यह बात किस आधार पर कह रहे हैं .मैंने सच्चाई पर रोशनी डालने के लिए कहा कि जब कोई मुसलमान मर जाता है तो उसकी गुदा ( ANUS गा*) ठंडी हो जाती है.मैंने उंगली डालकर देखा तो वह व्यक्ति जिन्दा निकला ,फिर मौजूद सभी लोगों ने उस व्यक्ति की Anus में अपनी उंगलियाँ घुसाकर जाँच की और कहा सचमुच यह व्यक्ति जिन्दा है.
Death Ritual
Abu Fathah narrates ‘On one occasion I had the opportunity to see a dead body and I said ‘He is not dead but alive’. People asked ‘How do you know?’ I replied ‘When a man dies his anus goes cold, and I have made this comment in light of this fact, verily he is alive’. Upon saying this all of those present placed their fingers in the body’s anus and concluded he is not dead but is alive”.
‘Maqamath Badhaya al Zaman’, page 26, Maqama 8, by Abu Fadhl Ahmad bin Husayn bin Yahya bin Saeed al Madani:
6-समलैंगिक भी खलीफा बन सकते हैं
“एक अगम्यगामी और समलैंगी भी मुसलमानों का खलीफा बन सकता है .यह बात इमाम जहबी ने पांचवे खलीफा “अब्दुल मलिक बिन मरवान”के एक खुतबे से दर्ज की है ,जिसमे उसने कहा था “मैं उस्मान की तरह डरपोक ,नहीं हूँ और मुआविया की तरह मक्कार नहीं हूँ ,और यजीद की तरह समलिंगी भी नहीं हूँ ( यह तीनों मुसलमानों के आदर्श खलीफा थे )

an incestuous homosexual but also a Khalifa
Imam Dhahabi records the following words from the sermon of Abdul Malik bin Marwan (5thCaliph646-705) in ‘Tarkeeh Islam’ Volume 1 page 634:

ولست بالخليفة المستضعف – يعني عثمان – ولا الخليفة المداهن – يعني معاوية – ولا الخليفة المأبون – يعني يزيد
“I am not weak like Uthman and I am not cunning like Mu’awiya and I am not a homosexual like Yazid”
7-अपनी पुत्री से भी सेक्स की बातें करें
खलीफा उमर अपनी पुत्री से अक्सर सेक्स के बारे में सवाल करते रहते थे .एक बार उसने अपनी बेटी से पूछा बताओ एक औरत सम्भोग के बिना कितने समय तक रह सकती है ,लड़की ने शर्मा कर नजरें झुका लीं ,तो उमर ने कहा अल्लाह के सामने सच कहने में कैसी शर्म .पुत्री ने इशारे से तीन महीने बताये .और कहा अधिकतम चार महीने तक .
Umar would ask questions pertaining to sex from his own daughter!
‘I want to ask you about a matter which concerns me, dispel it for me. How long does a woman long for her husband?’ She lowered her head and was shy. He said, ‘Truly Allah is not shy of the truth’. She gestured her hand indicating three months, and if that was not possible then four months”
Tareekh ul Khulafa by Suyuti) page 142 that Umar went to his daughter…

8-गर्भ में लड़का है या लड़की
प्रसिद्द मुस्लिम विद्वान् “शेख कमालुद्दीन मुहम्मद बिन मूसा दमीरी “ने गर्भ में लड़का है ,या लड़की इसका पता करने का एक नायाब तरीका बताया है “औरत एक जूं Lice पकड कर मर्द की हथेली पर रखे ,फिर उस जूं पर अपने दूध की कुछ बूँदें डाल दे .जिस से जूं ढक जाए .यदि जूं दूध की बंद से बाहर निकल जाये तो लड़की होगी ,और यदि जूं बाहर निकलने में असफल हो जाये तो लड़का होगा .( यही है इस्लामी विज्ञानं )
method of knowing the gender of the unborn
“If a man wants to know whether it’s a boy or a girl in the womb of a pregnant woman then a man should capture and place a lice over his palm and the pregnant woman shall take out a drop of her milk and put it there (means over the plam of the man where he had put the lice). Thus, if the lice is successful to come out of the drop of the milk then the gender is female but if it is unsuccessful to come out of the drop of milk then it’s a male.”
Shakyh Kamaluddin Muhammad bin Musa Damiri (742 – 808 H) in his esteemed work ‘Hayat ul Hewan’ Volume2page567
इस लेख में जो भी लिखा गया है ,उसमे एक भी शब्द मेरा नहीं है ,सब हवाले इस्लाम की प्रमाणित साईट से चुने गए हैं .और साईट देये गए सभी सन्दर्भों की मैंने खुद जाँच की है .
मेरा उन लोगों से अनुरोध है जो मुस्लिम ब्लोगरों के झूठे प्रचार से प्रभावित हो जाते हैं और इस्लाम की ऐसी गन्दगी अपने दिमाग में भर लेते हैं .क्या इस्लाम के वकील इसी अश्लील और निर्लज्जता की बातों के सहारे लोगों से इस्लाम की इज्जत करवाना चाहते हैं ? इस से अधिक ज्ञान तो कोठे वालियों को होता है .क्या इसी इस्लाम के लिए निर्दोष लोगों की हत्याएं की जा रहीं है .है कोई माई का लाल जो जवाब दे सके ?
तब तक आप अगले लेख की प्रतीक्षा करिए .

http://www.answering-ansar.org/answers/mutah/en/chap7.php

इस्लाम और सदाचार ?