पिछले दो तीन लेखों में इस्लाम और मुहम्मद के बारे में गर्मागर्म बहस चल रही है.किसी ने मुहम्मद के बारे में लिख दिया की उन्हों ने अपनी औरतों को नही मारा.और न कुरआन में इस की इजाजत है.जवाब देना जरूरी था इसलिए समय कम होने के बावजूद संक्षिप्त में लिख रहा हूँ
इसा समय मेरे सामने कुरआन ,और सही बुखारी,सही मुस्लिम की किताब मौजूद है.
औरतों को मारने के बारे में कुरआन कहता है की “अगर तुम्हारी औरतें तुम्हारी बात यानी बिस्तर पे आने की बात न मानें ,तो उनको पाहिले तो बिस्तर पर अकेला छोड़ दो,और राज़ी करो,फिर भी न माने तो उन्हें पीटो.
कुरआन-सूरा अन निसा -४/३४
मुहम्मद ने अपनी ९ साल की पत्नी आयेशा को मारा
इब्न बिन अब्दुल्लाह से रवायत है की आयेशा ने कहा “की रसूल ने मुझे छड़ी से मारा .और फिर मेरी छाती पर घूंसे मारे .जिस स से मुझे कई दिनों तक दर्द होता रहा ”
सही मुस्लिम -४/२१२७
इल्यास बिन अब्दुल्लाह कहते हैं की कुछ औरते उम्र के पास गयीं ,उस समय नबी भी थे.औरतों ने अपने पति जी जिस्मानी इच्छा पुरी न पाने की शिकायत की थी .नबी ने आदेश दिया की अगर यह औरतें न माने तो उनकी पिटाई करो .
अबू दाउद- हदीस २१४१
एक बार एक औरत मुहम्मद के पास गयी ,और बोली की वह अपने अत्यधिक वासना पूरी नही कर पायी ,इसलिए मेरे पति ने मुझे बेरहमी से मारा मुहामद ने तुरत उस औरत को उसके पति के पास भेज दिया.पति ने उस औरत को खूब मारा.औरत ने इसका कारण पूछा तो नबी ने कहा की औरतों को यह पूछने हक़ नहीं है की उसे क्यों मारा गया
अबू दाउद -२१४२
मुसलमान रसूल की सुन्नत का अनुसरण करते हैं,यानी जैसा नबल ने किया था वही सुन्नत है.और वही शरीयत है.
इससे साफ़ है की जब मुहम्मद खुद अपनी औरतों को मारता था ,ताभ्ही तो वह दूसरों को वैसा ही करने को कहता था
यथा राजा तथा प्रजा.
मेराउन लोगों से अनुरोध है जो बौखलाहट में क्रिसन की तुलना मुहम्मद से करने लग जाते हैं.मुझे खुद उन कहानियों पर विश्वास नहीं है
मेरा निशाना सिर्फ इस्लाम है.
अगला लेख पूरी तय्यारी के साथप्रकाशित .आप सब कृपा करके टिप्पणियाँ जरूर दीजिये

बी एन शर्मा