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मुसलमान अक्सर यह दावा करते हैं कि अल्लाह की नजर में स्त्री और पुरुष दोनों समान हैं .और क़यामत के दिन दोनों को उनके कर्मों के अनुसार फल दिया जाएगा .और यह तय किया जाएगा कि कौन जन्नत में जाएगा और कौन जहन्नम में जाएगा .अल्लाह किसी भी तरह का पक्षपात नहीं करेगा .लेकिन यह बात सरासर झूठ है .मुस्लिम औरतों को पता होना चाहिए कि मरने के बाद उनको हमेशा के लिए जहन्नम में डाल दिया जाएगा .चाहे वे कितनी भी नमाजें पढ़ें ,या रोजे रखें .उनका प्यारा रसूल खुद उनको जहन्नम में ठूंस देगा .और वे जहानम से कभी नहीं निकल पाएंगी .यह बात सभी हदीसों में लिखी है .

1 -मुहम्मद का औरतों से नफ़रत का कारण .

सब जानते हैं कि मुहम्मद को अरतों का बहुत शौक था .वह दुनिया की सारी औरतों को अपनी सम्पत्ती मनाता था.और चाहता था कि अरबी ,यहूदी ,रोमन ,इरानी सभी तरह की औरतें उसके पास हों .लेकिन उसके भाग्य में जादातर विधवा औरतें ही आयी थीं ..इतिहासकारों के अनुसार मुहम्मद कुरूप ,मोटा ,स्थूल और भद्दा था ,देखिये -सुंनं अबू दाऊद-किताब 40 हदीस 4731 .फिर लड़ाई में मुहम्मद के आगे के दांत टूट जाने से वह और बदशक्ल हो गया था .मुहम्मद के दुष्ट स्वभाव और भयानक सूरत के कारण औरतें उस से दूर रहती थीं .इसीलिए मुहम्मद बलात्कार करता था .और मुहमद ने औरतों को भोग्या और दुनिया का सबसे निकृष्ट जीव बता कर औरतोंको जहन्नम के योग्य बताकर अपनी खीज निकाली है ,जो दी गयी हदीसों से प्रकट होती हैं .देखिये –

2 -औरतें निकृष्ट जीव है .

“इब्ने उम्र ने कहा कि रसूल ने कहा कि औरतें दुनिया की सबसे घटिया मखलूक हैं .और्हर तरह से जहन्नम में जाने के योग्य हैं ”

बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 31

बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 6

3 -औरतें जहन्नम के योग्य है .

सईदुल खुदरी ने कहा कि ,रसूल ने कहा कि सारी औरतें एक बार नहीं तीन तीन बार जहन्नम में भेजने के योग्य हैं .”

सही मुस्लिम -किताब 3 हदीस 826 .और सुंनं मसाई -जिल्द 2 हदीस 1578 पेज 342

4 -औरतें जहन्नम का ईंधन हैं .

“इब्ने अब्बास ने कहा कि ,रसूल ने कहा कि औरतें तो जहन्नम का ईंधन हैं ,जिन से जहन्नम की आग को तेज किया जाएगा .”

बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 124 और मुस्लिम -किताब 36 हदीस 6596

5 -99 प्रतिशत औरतें जहन्नम जायेंगी

“इमरान बिन हुसैन ने कहाकि रसूल ने कहा कि ,जहन्नम को औरतों से भर दिया जाएगा .यहांतक कि दूसरों के लिए कोई जगह नहीं रहेगी ”

बुखारी -जिल्द 4 किताब 54 हदीस 464

“अब्दुला इब्ने अब्बास ने कहा कि ,रसूल ने कहा कि ,अल्लाह बिना किसी भेदभाव के सारी औरतों को जहन्नम में दाखिल कर देगा .जाहे वे कितनी ही नमाजी और परहेजदार क्यों न हों ”

बुखारी -जिल्द 1 किताब 2 हदीस 28 और बुखारी -जिल्द 2 किताब 2 हदीस 161

6 -जहन्नम औरतों से ठसाठस भर जायेगी .

“इब्ने अब्बास ने कहा कि ,रसूल ने कहा कि मैं जहन्नम को औरतों से ठसाठस भरवा दूंगा .और देखूंगा कि कोई खाली जगह न रहे ”

बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 125 और बुखारी -जिल्द 6 किताब 1 हदीस 301 और मिश्कात -जिल्द 4 किताब 42 हदीस 24

7 -अल्लाह ने यह तय कर लिया है

“सईदुल खुदरी ने कहा कि ,रसूल ने कहा कि ,अल्लाह ने यह पाहिले से ही तय कर लिया है कि ,वह जितनी भी औरतें है उन सबको जहन्नम की आग में झोंक देगा .ओर इस में किसी भी तरह कि शंका नहीं है .”बुखारी – जिल्द 7 किताब 62 हदीस 124 .

तिरमिजी -हदीस 5681 और मिश्कात -जिल्द 4 किताब 42 हदीस 24

8 -औरतों को यह सजाये मिलेंगी

“सैदुल्खुदारी ने कहाकि ,रसूल ने कहा कि ,जहन्नम में अधिकाँश औरतें ही होंगी .और उनको दर्दनाक सजाएं दी जायेंगी .सबसे पाहिले छोटे छोटे पत्थरों को गर्म किया जाएगा .फिर उन पत्थरों को औरतों की छातियों पर रख दिया जाएगा .जिस से उनकी छातियाँ जल जायेगी .फिर उन गर्म पत्थरों को औरतों के आगे और पीछे के छेदों (vagina और anus )में घुसा दिया जाएगा ,जिस से उनको दर्द होगा ,और यह सब मेरे सामने होगा

बुखारी -जिल्द 1 किताब 22 हदीस 28

9 -जहन्नम के चौकीदार भी

“रसूल ने कहा कि जहन्नम के चौकीदार होंगे ,और अगर कोई औरर बाहर निकलनेकी कोशिश करेगी तो उसे वापिस जहन्नम में डाल दिया जाएगा “इब्ने माजा -किताब१हदीस 113 पेज 96

10 -जहन्नम कैसी है

जहन्नम में खून का पानी (मवाद )पिलाया जाएगा .सूरा इब्राहीम -14 :15 -17

लोहे की बेड़िया होंगी ,और खाने को कांटे होंगे .सूरा मुज्जम्मिल -73 :12

आग से बने हुए कपडे होंगे ,सर पर गर्म पानी डाला जाएगा ,लोहे कि गुर्ज (hooked rods )से धुनाई होगी .सूरा हज्ज -22 :19 -21

जहन्नम में सदा के लिए रहना होगा .सूरा अत तौबा -9 :63

इन सभी विवरणों से साबित होता है कि ,इस्लाम में औरतों के लिए कोई जगह नहीं है .और अल्लाह के साथ रसूल भी औरतों का शत्रु है .जब अलाह ने अभी से यही तय कर लिया है कि वह हरेक औरत को जहन्नम में भेज देगा तो .मुस्लिम औरतें भी जहन्नम में जायेंगी उनका अल्लाह कि इबादत करना बेकार जाएगा .जीवित रहते तो मुस्लिम औरते अलाह के जंगली कानून शरियत के कारण जहन्नम भोग रही हैं ,और मरने पर भी उनको जहन्नम ही मिलेगी ..