जमाअत-ए-इस्लामी हिंद द्वारा इस्लाम 14 से 21 फरवरी 2011 तक इस्लाम के प्रचार प्रसार का कार्य किया जा रहा है। जाहिर तौर पर संस्था का मुख्य उद्देश्य लोगों के दिलों से इस्लाम की भ्रांतियों को दूर करना है। इसके लिए इस संस्था द्वारा विभिन्न प्रकार के आयोजन कर सभी धर्मो के लोगों को इस्लाम के बारे में बताया जा रहा है। यहां तक तो सही है। लेकिन शुक्रवार को संस्था द्वारा रैली निकालकर इस्लाम संबंधित साहित्य लोगों में वितरित किया गया।

इस साहित्य में ‘इस्लाम सब के लिए’ नामक पुस्तक भी शामिल थी। पुस्तक के अंदर वैसे तो केवल इस्लाम का संक्षिप्त परिचय दिया गया था। लेकिन इस पुस्तक के कवर पर लोगों की नजर पड़ी तो उनकी आंखें फैल गई। पुस्तक के कवर पर एक ग्लोब दर्शाया गया है, जिसमें भारत के नक्शे को हरा व पाकिस्तान के नक्शे को लाल रंग से दर्शाया गया है। लेकिन इस ग्लोब में भारत के मानचित्र से जम्मू व कश्मीर को ही गायब कर दिया गया। जम्मू व कश्मीर वाले हिस्से को हल्के लाल रंग का दर्शाया गया है। इससे लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। लोगों का आरोप है कि संस्था की यह भूल जानबूझकर की गयी है।

इस प्रकार की संस्थाएं ऊपर से देश हित की बातें करती हैं लेकिन अंदर ही अंदर देश को विभाजित करने की साजिश में शामिल हैं। धर्म के नाम पर कुछ लोगों द्वारा इस प्रकार से कुप्रचार व देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि इस मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा संस्था की उच्च स्तर पर शिकायत की जाएगी। ताकि इस संस्था पर प्रतिबंध लगाते हुए कार्रवाई की जा सके।