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लव जिहाद’ राष्ट्रव्यापी हिंदुविरोधी षड्यंत्र है । दक्षिणी प्रदेशोंके समान वर्तमानमें उत्तरप्रदेशमें भी ‘लव जिहाद’की घटनाएं हो रही हैं । प्रसिद्ध साप्ताहिक पत्रिका ‘इंडिया टुडे’में स्तंभलेखिका ममता त्रिपाठीजी द्वारा लव जिहादकी घटनाओंपर प्रकाशित लेखका सारांश प्रस्तुत है ।

 

उत्तरप्रदेशमें हिंदु युवतियोंको प्रेमजालमें फंसानेका मुसलमान युवकोंका गुप्त षड्यंत्र  – गुप्तचर अधिकारियोंका मत !

 

केरल तथा अन्य दक्षिणी प्रदेशोंमें पिछले कुछ वर्षोंसे ‘लव जिहाद’की घटनाएं अत्यधिक बढ गई हैं । इससे संबंधित घटनाएं वर्तमानमें उत्तरप्रदेशके मेरठ, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, बागपत, सहारनपुर तथा मुरादाबाद इत्यादि जनपदोंमें हो रही हैं । पश्चिम उत्तरप्रदेशमें मुसलमान युवकोंद्वारा हिंदु युवतियोंको प्रेमजालमें फांसकर विवाह करनेकी संख्यामें अचानक वृद्धि हुई है । इसका कारण ‘लव जिहाद’ ही है । पिछले २ माहमें केवल मेरठ जनपदमें ही मुसलमान युवकोंद्वारा हिंदु युवतियोंको झूठे प्रेममें फंसाकर भगानेकी ९ घटनाएं हुई हैं । गुप्तचर अधिकारियोंका मत है कि उत्तर-प्रदेशमें हिंदु युवतियोंको प्रेमजालमें फंसानेका कुछ मुसलमान युवकोंका गुप्त षड्यंत्र है ।

 

‘लव जिहाद’के संदर्भमें मुसलमान युवकोंको बहकानेवाले मुसलमान मौलवी !

गुप्तचर अधिकारियोंका निरीक्षण है कि कुछ मौलवी मुसलमान युवकोंका बुद्धिभेद करते हैं तथा उन्हें बताते हैं कि हिंदु युवतियोंको प्रेमजालमें फंसाकर संतानको जन्म देनेसे स्वर्गकी प्राप्ति होती है तथा इस्लाम धर्मका विस्तार होकर वे अल्लाहके कृपापात्र बनते हैं । मुसलमानबहुल क्षेत्रोंमें मुसलमानोंकी संख्या अधिक होती है तथा इन स्थानोंपर मुसलमान युवतियोंके अतिरिक्त अन्य समाजकी युवतियां सुरक्षित नहीं हैं, यह सार्वजनिक अनुभव है ।

‘लव जिहाद’के लिए हिंदुओं समान व्यवहार करनेवाले धूर्त मुसलमान !

 

रास्तेके लंपट युवकोंके समान (‘रोड रोमियो’ समान) मुसलमान युवक कन्याओंके विद्यालय तथा महाविद्यालयके आसपास चक्कर लगाते हैं तथा स्वयंको हिंदु दर्शानेके लिए कलाईपर कलावा (रक्षा) इत्यादि बांधते हैं एवं अपने नाम भी हिंदुओं समान रखते हैं; जैसे – पप्पू, समीर, कल्लू, बबलू, बंटी इत्यादि । ये मुसलमान युवक अपना रहन-सहन उच्चवर्गीय दर्शानेका भरपूर प्रयास करते हैं । युवतियोंको भेंट देनेके लिए मुसलमान युवकोंको लव जिहादके लिए विदेशसे पैसे तथा सौंदर्यप्रसाधन मिलते हैं ।

बुलंदशहरमें (उत्तरप्रदेश) ‘लव जिहाद’की बलि चढी अल्पवयीन सुलेखाकी सत्य घटना

 

बुलंदशहरमें कक्षा ९ में पढनेवाली सुलेखा अपनी सखियोंके साथ प्रतिदिन विद्यालय जाती थी । उस समय जिब्रहान नामक मुसलमान युवक अपने मित्र शकील, गुड्डू तथा राजू सहित दुपहिया वाहनसे उसका पीछा करता था । वाल्मीकि समाजकी कु. सुलेखा आस्तिक तथा पूजा-पाठ करनेवाली थी तथा माथेपर नित्य कुमकुम लगाती थी । वह हिंदु धर्माचरण करती थी, इसलिए जिब्रहानने अपना झूठा नाम ‘बबलू’ बताया । उससे मिलते समय वह कलाईपर हिंदुओंके समान कलावा (रक्षा) बांधना नहीं भूलता था । कुछ समय उपरांत जिब्रहान सुलेखाको उसकी सखियोंके माध्यमसे महंगी वस्तुएं भेंटस्वरूप भेजने लगा । किशोरावस्थाका परिणाम सुलेखापर भी हुआ । धीरे-धीरे मित्रताका रूपांतर प्रेममें हुआ तथा ६ माह उपरांत बबलू अर्थात् जिब्रहानके बहकावेमें आकर सुलेखा घरसे भाग गई । इस प्रकरणमें सुलेखाके परिजनोंने पुलिसमें जिब्रहानके विरोधमें परिवाद (शिकायत) प्रविष्ट (दर्ज) करवाया । पुलिसने सुलेखाको ढूंढ निकाला तथा परिजनोंको सुपुर्द किया । वर्तमानमें जिब्रहान बंदीगृहमें है । सुलेखाका विवाह मेरठमें कर दिया गया । जिब्रहानके चंगुलसे मुक्त होनेके उपरांत सुलेखाद्वारा व्यक्त प्रतिक्रिया एक प्रकारसे उसके द्वारा की गई चूककी स्वीकारोक्ति ही है । वह बताती है कि fिजब्रहान अधिकतर उससे इस्लामके विषयमें ही चर्चा करता था । उसके प्रेमजालमें फंसनेके उपरांत वह उसके लिए नमाज पढती थी तथा उसने रोजा रखना भी प्रारंभ कर दिया था । जिब्रहानके प्रेममें फंसना अनुचित था, वह मेरे जीवनकी एक बडी चूक थी ।

हिंदु अभिभावकोंकी हतबलता !

‘लव जिहाद’की बलि चढी हिंदु बालिकाओंके अल्पवयीन होनेके संदर्भमें अनेक घटनाएं उजागर हुई हैं । इस विषयमें माता-पिता पुलिस थानेमें परिवाद प्रस्तुत करते हैं; परंतु समाजमें कलंकित होनेके भयसे न्यायालयके बाहर ही प्रकरण मिटानेका प्रयास करते हैं ।

‘लव जिहाद’की घटनाओंके कारण उत्तरप्रदेशमें पुलिस प्रशासनका बढता तनाव !

 

‘लव जिहाद’की निरंतर बढती हुई घटनाओंके कारण उत्तरप्रदेशका पुलिस प्रशासन चिंताग्रस्त है । इस विषयकी गंभीरता दर्शानेवाला एक उदाहरण आगे दे रहे हैं । १४ फरवरी २००९ को बुलंदशहरके स्थानीय विधायक हाजी अलीमके भतीजे अशरफ, अकरम, असलम तथा पैâजउल हसन, ‘सोनम’ नामकी हिंदु युवतीको भडकाकर भगा ले गए । इस कारण संपूर्ण क्षेत्रमें तनाव उत्पन्न हुआ । गुर्जर समाजके लोगोंने बजरंग दलके कार्यकर्ताओंकी सहायतासे विधायकके निवासस्थानपर आक्रमण कर दिया । इस कारण विधायकके भाई युनुसने हवामें गोलियां चलार्इं । इसमें अनेक लोग घायल हुए ।    इस घटनासे लगभग एक सप्ताहतक क्षेत्रमें अघोषित संचारबंदी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी ।

मुगल सम्राट अकबरद्वारा राजपूत जोधाबाईके साथ किया गया विवाह भी एकप्रकारका ‘लव जिहाद’ था ! 

 

प्रसिद्ध इतिहासकार बिपीन चंद्रा कहते हैं, मुगल सम्राट अकबरद्वारा राजपूत जोधाबाईके साथ किया गया विवाह भी एकप्रकारका ‘लव जिहाद’ था । मुगल साम्राज्यको सर्वाधिक भय वीर राजपूतोंसे ही था । यह भय सदैवके लिए नष्ट हो, यह धूर्तता मनमें रखकर अकबरने जोधाबाईके साथ विवाह किया था । अनेक हिंदु प्रांतोंद्वारा दी जा रही चुनौतीसे छुटकारा पानेके लिए अकबरने यह मार्ग अपनाया तथा इसमें वह सफल भी हुआ । इसके उपरांतकी सर्व घटनाएं इतिहासके पृष्ठोंमें संकलित हैं । – ममता त्रिपाठी, स्तंभलेखक, इंडिया टुडे (इंडिया टुडे, नवंबर २०१०)

 

मुसलमानोंकी भावनाएं भडकानेमें महत्त्वपूर्ण भूमिका निभानेवाले मदरसोंके भाषण !

 

मदरसोंमें दिए जानेवाले भाषण, मुसलमानोंकी भावनाएं भडकानेमें महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं । प्रसिद्ध अंग्रेजी साप्ताहिक पत्रिका ‘इंडिया टुडे’के प्रतिनिधिने स्वयं मदरसोंमें जाकर इस विषयमें प्रमाण प्राप्त किया है । विशेषत: उत्तरप्रदेशके देवबंदमें शुक्रवारकी नमाजके समय दिया जानेवाला भाषण अत्यधिक जहाल तथा भावना भडकानेवाला होता है । – ममता त्रिपाठी, स्तंभलेखिका, इंडिया टुडे (इंडिया टुडे, नवंबर २०१०)