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कुरान में पवित्र अश्लील शब्द

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चौदहवी का चाँद

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सत्‍यवादी

प्रस्‍तुति: डॉ0 संतोष राय

किसी भी व्यक्ति की शराफत , शिष्टता ,गुण अवगुण और स्वभाव उसके द्वारा बोलचाल प्रयोग किये या लिखे गए शब्दों से पता चल जाते हैं .दुनिया की हरेक भाषा में पुरुष स्त्री के गुप्त अंगों से सम्बंधित शिष्ट और अश्लील शब्द पाए जाते हैं .और सभ्य लोग उन्हीं शब्दों का प्रयोग करते हैं ,जो समाज में स्वीकृत होते हैं .लेकिन उन्हीं शब्दों के लिए कुछ ऐसे भी पर्यायवाची शब्द होते है .जिनका गाली के रूप में प्रयोग किया जाता है .और जो भी व्यक्ति अपनी बातों के दौरान या लेखों में अश्लील शब्दों का प्रयोग करता है .लोग उसे असभ्य ,अशिष्ट या गंवार मानकर तिरस्कार करते हैं .
1-फुर्ज शब्द का गलत अर्थ
मुसलमान कुरान को अल्लाह की किताब बताते है .जो अरबी भाषा में है .और अरबी भाषा में जननांग (Genitalia)के लिए कई शब्द मौजूद होंगे , मगर अल्लाह ने अपनी कुरान में उन्ही शब्दों का प्रयोग किया है , जो मुहम्मद साहब के समय अनपढ़ , गंवार ,और उज्जड बद्दू लोग गाली के लिए प्रयोग करते थे.कुरान में ऐसा ही एक शब्द ” फर्ज فرج ” है जो इन तीन अक्षरों ( फे  ف   रे ر जीम ج) से बना है और इसका बहुवचन ( Plural )” फुरूज فروج” होता है जिसका असली अर्थ छुपाने के लिए कुरान के अनुवादक तरह तरह के शब्दों का प्रयोग करते हैं .चालक मुल्ले फुर्ज शब्द का अर्थ ” गर्भाशय Uterus “बताकर लोगों को गुमराह करते रहते हैं जबकि गर्भाशय के लिए अरबी में ” रहम  رحم    ” शब्द प्रयुक्त होता है 
2-कुरान में फुर्ज का उल्लेख
पूरी कुरान में अधिकतर ” फुर्ज ” का बहुवचन शब्द ” फुरुज “प्रयुक्त किया गया है ,और मुल्लों उनके जो अर्थ दिए है ,अरबी के साथ हिंदी और अंग्रेजी में दिए जा रहे हैं .बात स्पष्ट हो सके .देखिये ,
1.” जिसने अपने सतीत्व की रक्षा की “” الَّتِي أَحْصَنَتْ فَرْجَهَا  “
“अल्लती खसलत फुरूजुहा “
who guarded her chastity,Sura-at Tahrim 66:12

2.”अपनी गुप्त इन्द्रियों की रक्षा करने वाली “
” وَالْحَافِظِينَ فُرُوجَهُمْ  “
“वल हाफिजूना फुरूजुहुम “
and women who are mindful of their chastity, Sura- al Ahzab 33:35

3.ईमान वाली स्त्रियों से कहो कि वह अपनी गुप्त इन्द्री की रक्षा करें “( mindful of their chastity)सूरा-अन नूर 24 :31 
” وَيَحْفَظْنَ فُرُوجَهُنَّ “
“व युफ्जिन फरूजहुन्न “
4.हमने उस स्त्री की फुर्ज में अपनी रूह फूंक दी , जिसकी वह रक्षा कर रही थी “( guarded her chastity)  (सूरा-अल अम्बिया 21 :91 
“والتي احصنت فرجها فنفخنا فيها من روحنا وجعلناها وابنها اية للعالمين  “21:91दी गयी कुरान की इन सभी आयतों में ” फुर्ज ” का बहुवचन ” फुरूज ” प्रयोग किया गया है , जिसका अर्थ चालाक मौलवी हिंदी में ” गुप्त इन्द्री , सतीत्व ” और अंगरेजी में chastityबताकर लोगों को गुमराह करते रहते हैं .जबकि फुर्ज का अर्थ कुछ और ही है .जो विकीपीडिया में दिया है , देखिये ,
In Arabic, the word Al-Farj (الفرج) means Vagina

http://wikiislam.net/wiki/Allah:_I_sent_Jibreel_to_blow_into_Mary’s_Vagina

3-फुर्ज अश्लील और गन्दी गाली है
लोगों ने फुर्ज का अर्थ अंगरेजी में Vagina यानि स्त्री की योनी साबित कर दी है . और अरबी लुगत ( शब्दकोश ) से भी यही सिद्ध होता है ,जैसे 
“فرج المرأة الداخل “

   “inside the Woman’s vagina “

लेकिन फुर्ज का अर्थ योनी से स्पष्ट नहीं होता है क्योंकि योनी के लिए अरबी में ” अल मुहमल”المهبل और ” गमद غمد”शब्द मौजूद है .जो शिष्ट शब्द है 
अंगरेजी में फुर्ज जैसी गाली का अर्थ नहीं होगा लेकिन हिंदी में गाली के रूप में गुंडे मवाली अक्सर बोलते रहते है ,जो ” च ” शब्द से शुरू होता है .

4-आकाश में भी योनी
दूसरी भाषा की तरह अरबी में भी अश्लील मुहावरे प्रचलित हैं जिसका उदहारण इस आयत से मिलता है
” हमने आकाश को ऐसा बनाया और सजाया कि उसमे कोई त्रुटी ( फर्ज ” नहीं है “( free of  faults)सूरा -काफ 50 :6 
“أَفَلَمْ يَنْظُرُوا إِلَى السَّمَاءِ فَوْقَهُمْ كَيْفَ بَنَيْنَاهَا وَزَيَّنَّاهَا وَمَا لَهَا مِنْ فُرُوجٍ  “
“व मा लहा मन फुरूज “
यदि हम इस आयत के अंतिम शब्दों का यह अर्थ करें “और उसमे कोई योनी नहीं है ” तो यह अर्थ गलत होगा इसका सही अर्थ होगा ” उसमे कोई चुतियापा नहीं है ”क्योंकि इस आयत में फुर्ज शब्द जब किसी वस्तु कमी या खोट होती है तब कहा जाता है

4-जद्दाह का हवाई अड्डा योनी (فرج )जैसा है
मुसलमानों का इमान है कि अल्लाह की किताब होने के कारण कुरान का हरेक शब्द पवित्र है , चाहे उसमे अश्लील गालियाँ क्यों हों .और जब कुरान ने अल्लाह ने इतनी बार ” फुर्ज ” यानि योनी का उल्लेख किया है , तो उससे प्रभावित होकर सऊदी अरब के बादशाह ” अब्दुल अजीज ” ने
सोचा जैसे सभी मनुष्य योनी से निकल कर दुनिया में प्रवेश करते हैं ,उसी तरह हाजी भी जद्दाह से होकर मक्का में जाते है .इसलिए जब जद्दाह का नया हवाई अड्डा बनाया गया तो उसकी बनावट महिला की ऐसी योनी की तरह बनाया गया है , जिसमे लिंग प्रवेश कर रहा है .यह विचित्र और कुरान में वर्णित फुर्ज के आकार के हवाई अड्डे का निर्माण का प्रारंभ सन 1974 में हुआ था .और 31 मई 1981 इसका उद्घाटन खुद बादशाह ने किया था .इस हवाई अड्डे का कुल क्षेत्रफल 15 वर्ग किलो मीटर है .मक्का का दर्शन करने के लिए जो भी व्यक्ति जद्दाह पर उतरता है वह पहले फुर्ज जैसे इस हवाई अड्डे का दर्शन जरुर करता है ,फिर पहले तो जो लोग कुरान को ठीक से नहीं समझते थे उन्होंने इस हवाई अड्डे का काफी विरोध किया था और कहा था ,किजद्दाह का हवाई अड्डा हराम है इसका आकार”फुर्ज ” यानि योनी जैसा है مطار جدة حرام لأنه يشبه فرج المرأة
“मतार जद्दाह हराम लियश्बीह फुर्ज अल इमरात”
Jedda airport is harram because it looks like the vagina of the woman!देखिये विडिओ 

लेकिन जब विरोध करने वालों को फुर्ज से सम्बंधित कुरान की आयतें अर्थ सहित बताई गयीं , तो उनका विरोध समाप्त हो गया . और आज तक जद्दाह का हवाई अड्डा वैसा ही है .जैसी किसी मुस्लिम औरत की योनी होती है 

वास्तव में ” फुर्ज ” ही इस्लाम का मुख्य आदर है .काबा की दीवार पर जो पत्थर है उसकी बनावट भी योनी जैसी है .मुसलमानों ने फुर्ज के लिए ही अनेकों युद्ध लड़े है .और जन्नत में भी हूरों की फुर्ज की इच्छा रखते हैं .वैसे किसी को अश्लील गली देना बुरी बात , और पाप है , लेकिन जब खुद अल्लाह ने ऐसे शब्द का प्रयोग किया है तो फुर्ज शब्द गाली नहीं पवित्र हो गया है .
याद रखिये जो खुद कीचड़ में सना हुआ हो वह दूसरों के कपड़ों में दाग नहीं खोजता .

http://www.danielpipes.org/comments/195920


3 Comments

  1. Rishi Shukla says:

    فرج
    गूगल में इसका अनुवाद बिल्ली दिया है ,

    http://translate.google.co.in/?hl=en&tab=wT#ar/hi/

  2. यह सारे शब्द तो मुल रूप से अश्लील लगते नही बल्की वह अश्लील होंगे ऐसी कल्पना करने को आप जोर डाल रहे हो और अनुरोध कर रहे हो | आप जीस रंग का चश्मा पहनाओगे उसी रंग का दृश्य दिखेगा | अश्लीलता की बात आयी है तो अगर किसी भाई को अगर शक हो तो ग्रन्थ खोलकर बताये गए अध्याय पर पढ़ सकता है. मैं आपसे वादा करता हूँ की जो कुछ लिखूंगा वो लाग-लपेट रहित होगा. सबसे पहले अश्लीलता का ही उदहारण लेते है. इस छेड़छाड़ को आप क्या कहेंगे – यकास्कौ शकुन्तिकाह्लागीती वंचती | आ हन्ति गमे निगाल्गालिती धारका || ( यजुर्वेद २३-२२) अर्थात – पुरोहित कुमारी-पत्नियों से उपहास करते है। पहला पुरोहित कुमारी (= लड़की) की योनि की ओर संकेत करके कहता है कि जब तुम चलती हो तो योनि से ‘हल-हल’ की ध्वनी निकलती है, मानो चिड़ियाँ चहक रही हो। जब योनि में लिंग प्रवेश करता है, तब ‘गल-गल’ की ध्वनि निकलती है. यकोअस्कैउ शकुन्तक आहाल्गीती वन्चती | विवाक्ष्ट एव ते मुखाम्ध्वयों पा नस्त्वंभी भाष्था: (यजुर्वेद २३/२३) अर्थात- वे पुरोहित के लिंग की ओर संकेत करके कहती है कि हे पुरोहित, तुम्हारे मुंह से ‘हल-हल’ की ध्वनि निकलती है, जब तुम बोलते हो, तुम्हारा लिंग तुम्हारे मुंह के ही सामान है, क्योंकि इसमें भी छेद है अत: तुम हम से जबान न चलाओ। तुम भी हमारे जैसे ही हो. कृपया संपादक इसका सिधा मतलब बताये।

    • महाशय, होसलेवाला की लिखी हुई मनगढंत कहानिया मेरे पेज पर ना डाले, पहले ये पढ़े और सत्य को जाने, और एक बात, आपने जहा से ये उठाया है क्या वहाँ यजुर्वेद की पुस्तक का तो कोई प्रमाण नहीं है, ऐसी बकवास आप मुसलमानों को ही शोभा देती है,और ये बताये यजुर्वेद में २३/२२ श्लोक कहा से आ गया, यदि आपके पास पृष्ठ संख्या है तो अवश्य दे, नहीं तो समझ ले आपके झूठ का भांडा फुट चूका है,,, यकास्कौ शकुन्तिकाह्लागीती वंचती | आ हन्ति गमे निगाल्गालिती धारका || ( यजुर्वेद २३-२२) इसका आप एक एक शब्द का अनुवाद करे, तब भी ये अर्थ तो बिलकुल नहीं बनेगा जो आपने यहाँ बनाया है,,, इसलिए पहले प्रमाण लाये फिर बात करे, जय श्री राम

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