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बेटी की इच्छा हो या न हो अब्बू जैसा प्यार इस्लाम से सीखें

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चौदहवी का चाँद

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शाहजहाँ प्रेम की मिसाल के रूप पेश किया जाता रहा है और किया भी क्यों न जाय ,८००० ओरतों को अपने हरम में रखने वाला अगर किसी एक में ज्यादा रुचि दिखाए तो वो उसका प्यार ही कहा जाएगा। मुमताज के बाद शाहजहाँ ने अगर किसी को टूट कर चाहा तो वो थी उसकी बेटी जहाँआरा। जहाँआरा को शाहजहाँ इतना प्यार करता था कि उसने उसका निकाह तक होने न दिया। धिक्कार है ऐसे इतहास्कारों पर जिन्होंने जहानारा को शाहजहाँ की रखेल बताया। बेटी और रखैल ,तोबा तोबा किसने कह दिया?वो तो अब्बू का प्यार था। बाप के इस प्यार को देखकर जब महल में चर्चा शुरू हुई, तो मुल्ला मोलवियों ने एक हदीस का उद्धरण देते हुए कहा कि माली को अपने द्वारा लगाये पेड़ का फल खाने का हक़ है।

शाहजहाँ की बात छोड़िये ,पैगम्बर तो आम इंसान नहीं थे। बेटे की पत्नी भी पुत्री के सामान होती है।पैगम्बर ने भी अपने मूह बोले बेटे जैद की पत्नी जैनब को इतना प्यार किया कि उससे निकाह ही कर लिया।

अब इसी बाप बेटी के प्यार का खुमार मुसलमानों पर न चढ़े ,एसा कैसे हो सकता है? मुजफ्फर नगर (उत्तर प्रदेश) में इमराना का बलात्कार जब उसके ससुर ने कर दिया तो इमराना के पति ने जैद का रोल अदा किया, और इमराना का निकाह अपने बाप से करा दिया।

बिलकुल यही कांड मेरठ में हुआ। शोकत नाम के एक व्यक्ति ने अपनी तीन बेटियों से नाजायज सम्बन्ध बनाये। लेकिन तीसरी बेटी ने जब उसकी करतूत को पुलिस थाणे में जाकर बताया तब जाकर ये बात खुली। और भी ऐसे हजारों उदहारण है जहाँ इस्लाम के अनुसार अब्बू का प्यार बेटियों पर बरसता रहता है।

तो आदरणीय बहन सलमा जी अब्बू के ऐसे प्यार से बचना चाहो तो सनातन धरम स्वीकार कर लीजिये। वहीँ पर चाहे भतीजी हो,भांजी हो,बुआ की बेटी हो ,मोसी की बेटी हो ,मामा की बेटी हो, चाचा की बेटी हो सभी को धर्मपुत्री व धर्म बहन मन जाता है। सनातन धर्म के ही लोग पागल है कि एक राखी जो २ रूपये kee आती है,उसके हाथ पर बंध जाने के बाद एक गैर लड़की को भी बहन बना लेते है,और उसकी रक्षा का वचन पूरी जिन्दगी भर निभाते हैं।

इसी के उदहारण के तौर पर कुछ विडियो है:


68 Comments

  1. Shilpi Kakkad says:

    duniya aaj kahan jaa rahi hai tumko maloom hi nahi…..zara desh se bahar nikal kar dekho……………

    • hame sab maloom hai kown kaha ja raha hai. lekin is duniya ke niche bhi ek duniya hai. jaha cheep cheep kar galat dharm ka prachar jhuth bool ke aur dusare ke dharm ka aapman kar ke ho raha hai.
      aagar pata nahi to pata kar. yaha hame salah mat de.

    • hindurulesmuslim says:

      mam agar aap itni hi moderate hai to pakistan se bhag kar yahan kyon aai ho poocho apne ancestors se wahan unhone kya jhela hai

    • Shilpi G kanhi bahar nikal kar dekh lo puri duniya dukhi h in logo se nahi h to dekh lo har desh me dharm ke nam par yehi kyun yudh karte h

  2. Shyam Arya says:

    यह एक सच्ची घटना है. एक हिन्दू महिला के बही नहीं था. कुछ समय बाद मौहल्ले के मुंह बोले माहि जो मुस्लिम था को धर्म भाई बना कर राखी बांधने की सोचा. रक्षा बंधन के दिन वह राखी, नारियल व मिस्ठान ले कर आई. पति को आश्चर्य हुआ.उसने पत्नी से पूछा की तेरे भाई तो है नहीं तू किस के लिए राखी लायी. पत्नी बोली मैं अब्दुल को आज धर्म भाई बनाउंगी. पति बोला मुझे कोई आपति नहीं है पहले उस से पूछ कि उसकी पत्नी शादी के पहले उसके क्या लगती थी ? पत्नी गयी अब्दुल के पास पूछने गयी. वापिस मायूस हो कर आई और पति से बोली शादी के पहले उसकी पत्नी उसके काका कि बेटी बहिन थी. पति ने समझाया जब वह अपनी बहिन को भी नहीं छोड़ा तो तेरा क्या भाई बनेगा ? पत्नी को बात समझ में आई और अपना विचास्र त्याग दिया.

    • hindurulesmuslim says:

      good one sir ek hi ball main sixer dho dia apne to

      • भगवान के रूप में
        अवतरित होने वाले भगवान कृष्ण की प्रेमिका राधा,
        कष्णा भगवान के पिता राजानंद के भाई वृषभान की पुत्री थी।
        अत: इन दोनों में भाई बहन के सम्बन्ध हुए. फिर समाज ने
        जैविकी आधार की तुलना में प्रेम को अधिक गहरा माना और
        प्रेम को स्वीकृति ही नही दी, बल्कि श्रद्धासुमन से सुसज्जित
        कर समाद्रत किया भारतीय समाज में प्रेम के श्रद्धा के
        अतुलनीय प्रतीक ही नहीं बने बल्कि जीव-ब्रह्म के साकार रूप
        बनकर करोंड़ो लोगों की जीवनी शक्ति के पुंज बन गए।
        अगर समाज गोत्र की इस जटिल मानसिकता से ग्रसित
        होता तो राधा कृष्ण की हमें खबर भी नहीं होती यह अतुलनीय
        शक्ति का प्रतीक व स्त्रोत लुप्त हो गया होता।
        श्री कृष्ण के जीवन के अन्य उदाहरण का भी अवलोकन करें
        श्री कृष्ण ने अपनी बहन सुभद्रा का विवाह अपनी सगी बुआ के
        लड़के अर्जुन से करवाया. वहां भी कृष्ण व सकल समाज ने
        रिश्तें नाते के स्थान पर प्रेम को चुना.
        हिन्दू धर्म के अलावा भारत के दो अन्य धर्मो बौद्ध व जैन पर
        नजर डालते है. बौद्ध धर्म के प्रवर्तक भगवान बुद्ध तथा जैन
        धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर का विवाह अपने
        मामा की पुत्रियों से हुआ फिर भी समाज ने स्वीकृति व आदर
        किया।
        इतिहास के प्राचीन काल के प्राथमिक चरण में हमें उस युग
        पुरूष के दर्शन होते है, जिसें हम भगवान रिषभ देव के रूप में
        जानते है. ये भारत के तीनों प्राचीन धर्मों हिन्दु, बौद्ध, जैन में
        समाहत है.

    • भारत मे 500 साल पहले गोत्र विवाद नही था यानी अपने
      माता पिता के वंश मे शादी नही करना. भगवान ऋषबदेव
      की पत्नी उनकी सग़ी बहन थी, भगवान महावीर
      की शादी उनके मामा की बेटी से हुई, भगवान कृष्ण ने
      अपनी बहन सुभद्रा की शादी अपनी सग़ी बुआ के बेटे अर्जुन से
      की, उनकी प्रेमिका राधा उनके ताऊ वर्षभानु की बेटी थी,
      महाराजा अग्रसेन जो अगरवाल समाज के पिता है, उनके 18
      बेटे थे, गर्ग गोयल, बंसल मितल आदि, उनके रिस्ते आपस मे हुए,
      अभी 500 साल पहले पृथ्वीराज चौहान
      की शादी उनकी सग़ी मोसी के बेटे जयचंद
      की बेटी संयोगिता से हुई, हज़ारो इस प्रकार के उदाहरण है.

  3. Aryan Joshi says:

    heyy , i love this site musalmano ka poll kholo,maza aa rha hai. i i love this blog specially blogger .yaar aisi 100-200 website aur banoa duniya ki har language me taaki duniya ko pata chale islam ki reality.waaaah suchmuch maza aa gaya .bloody idiots .fuck islam

    • hindurulesmuslim says:

      i appreciate u buddy kitna maza aata hai in musalanmano(inki jagah bastard word use kar sakte hai, kyoki is post main yahi pove kia gaya hai ki yea bastard hai) ki poll kulte hua deekhkar

      • अथर्ववेद – अश्लीलता के कुछ और नमून
        अब जिक्र करते है अश्लीलता का :-
        वेदों में कैसी- कैसी अश्लील बातें
        भरी पड़ी है, इसके कुछ नमूने आगे प्रस्तुत
        किये जाते हैं
        (१) यां त्वा ………शेपहर्श्नीम ||
        (अथर्व वेद ४-४-१)
        अर्थ : हे जड़ी-बूटी, मैं तुम्हें खोदता हूँ.
        तुम मेरे लिंग को उसी प्रकार उतेजित करो जिस
        प्रकार तुम ने नपुंसक वरुण के लिंग
        को उत्तेजित किया था.
        (२) अद्द्यागने……………………….पसा:||
        (अथर्व वेद ४-४-६)
        अर्थ: हे अग्नि देव, हे सविता, हे
        सरस्वती देवी, तुम इस आदमी के लिंग को इस तरह
        तान दो जैसे धनुष की डोरी तनी रहती है
        (३) अश्वस्या……………………….तनुवशिन ||
        (अथर्व वेद ४-४-८)
        अर्थ : हे देवताओं, इस आदमी के
        लिंग में घोड़े, घोड़े के युवा बच्चे, बकरे,
        बैल और मेढ़े के लिंग के सामान शक्ति दो
        (४) आहं तनोमि ते पासो अधि ज्यामिव धनवानी,
        क्रमस्वर्श इव रोहितमावग्लायता (अथर्व वेद
        ६-१०१-३)
        मैं तुम्हारे लिंग को धनुष की डोरी के समान
        तानता हूँ ताकि तुम स्त्रियों में प्रचंड
        विहार कर सको.
        (५) तां पूष………………………शेष:|| (अथर्व
        वेद १४-२-३८)
        अर्थ : हे पूषा, इस कल्याणी औरत
        को प्रेरित करो ताकि वह अपनी जंघाओं
        को फैलाए और हम उनमें लिंग से प्रहार करें.
        (६) एयमगन………………..सहागमम || (अथर्व वेद
        २-३०-५)
        अर्थ : इस औरत को पति की लालसा है और मुझे
        पत्नी की लालसा है. मैं इसके साथ कामुक
        घोड़े की तरह मैथुन करने के लिए
        यहाँ आया हूँ.
        (७) वित्तौ………………………..गूहसि (अथर्व
        वेद २०/१३३)
        अर्थात : हे लड़की, तुम्हारे स्तन विकसित
        हो गए है. अब तुम छोटी नहीं हो, जैसे कि तुम
        अपने आप को समझती हो। इन स्तनों को पुरुष
        मसलते हैं। तुम्हारी माँ ने अपने स्तन
        पुरुषों से नहीं मसलवाये थे, अत: वे ढीले पड़
        गए है। क्या तू ऐसे बाज नहीं आएगी? तुम
        चाहो तो बैठ सकती हो, चाहो तो लेट सकती हो.
        (अब आप ही इस अश्लीलता के विषय में अपना मत
        रखो और ये किन हालातों में संवाद हुए हैं।
        ये तो बुद्धिमानी ही इसे पूरा कर सकते है ये
        तो ठीक ऐसा है
        जैसे की इसका लिखने वाला नपुंसक हो या फिर
        शारीरिक तौर पर कमजोर होगा तभी उसने अपने
        को तैयार करने के लिए या फिर अपने
        को एनर्जेटिक महसूस करने के लिए
        किया होगा या फिर किसी औरत ने पुरुष
        की मर्दानगी को ललकारा होगा) तब जाकर इस
        प्रकार की गुहार लगाईं हो

      • आपके झूठ का पर्दाफाश यहाँ पर है, कृपया अवश्य देखे,

        http://hindurashtra.in/?p=115

        वेदों को दूषित करके सनातनी व् वैदिक परंपरा को दूषित करने का एक और इस्लामिक षड्यंत्र का पर्दाफाश :

        सौजन्य से – रोहित कुमार

        जिस प्रकार हम जानते है इस्लाम पिछले 1200 सालो से भारत में गजवा हिन्द(भारत में इस्लामिक राज्य) के सपने देख रहा है, जब 711 ई में मुहम्मद बिन कासिम भारत आया था तो उसने देश में लुट और बलात्कार की इस्लामिक निति का अनुसरण किया, यही काम मुहम्मद गौरी और महमूद गजनवी ने किया, 300 साल के जबरदस्त इस्लामिक आक्रमणों के बाद भी भारत में नाममात्र के मुसलमान थे, इसके बाद भारत में दिल्ली पर कुछ मुस्लिम सल्तनत और फिर मुगलों का राज आया पर इनमे से कोई भी ऐसा सुल्तान नहीं था जिसके राज्य में किसी हिन्दू राजा ने प्रतिशोध या विरोध न किया हो, एक समय में मराठा शासक शिवाजी महाराज ने तो मुग़ल सल्तनत को उखाड़ कर दिल्ली पर मराठो का राज्य कायम किया था,

        ऐसे में जब मुगलों व् मुसलमानो को लगने लगा की शक्ति से वे हिन्दुओ को ख़त्म नहीं कर सकते तो उन्होंने भारत को सांस्कृतिक व् धार्मिक आधार पर तोड़ने के षड्यंत्र रचे, इन षड्यंत्रों में हिन्दुओ में फुट डालना वेदों, धार्मिक पुस्तकों, ग्रंथो को भ्रष्ट करके धर्म को समाप्त करना प्रमुख था

        ऐसे ही एक षड्यंत्र का पर्दाफाश हम आपके सामने कर रहे है जिसमे मुसलमान ब्लॉगर और विद्वान(जाकिर नायक) अक्सर वेदों के मंत्रो का गलत अनुवाद करके भारतीय जनमानस को पथभ्रष्ट करके इस्लामिक की और लाने का षड्यंत्र रचा,

        वेदों का गलत अनुवाद
        1) पहला गलत अनुवाद –

        Rigveda (10/85/13) declares, “On the occasion of a girl’s marriage oxen and cows are slaughtered.”
        सूर्याया वहतुः परागात सविता यमवास्र्जत |
        अघासुहन्यन्ते गावो.अर्जुन्योः पर्युह्यते ||

        इस मन्त्र का सही अनुवाद-

        पतिगृह में जाते समय पिता सूर्य ने प्रेम से दिया हुआ सूर्या का गौ आदि धन, पहले हे भेज दिया था..
        अघासु गावः हन्यते = मघा नक्षत्र में बिदाई में दी गयी गाय को डंडे से हांका जाता है..अजुन्यो परी उहदते= और फाल्गुनी नक्षत्र में पति के घर पहुचाया जाता है..

        2) दूसरा गलत अनुवाद :

        Rig Veda (RV: VIII.43.11) Agni is described as “fed on ox and cow”
        suggesting that cattle were sacrificed and roasted in fire.

        Rigveda 8.43.11 का असली अनुवाद ये है-

        यश अग्नि सब धन्यो को रस से सिंचित करती है..
        यह अग्नि हे सूर्या और चन्द्र का रूप धारण करके धान्यो और वनस्पतियों में रस भरता है
        इस प्रकार उन्हें रमणीय बनता है..
        ऐसे अग्नि को सब समिधाओ से प्रज्वलित करते हैं

        3) तीसरा गलत अनुवाद:

        पिबा सोममभि यमुग्र तर्द ऊर्वं गव्यं महि गर्णानैन्द्र |
        वि यो धर्ष्णो वधिषो वज्रहस्त विश्वा वर्त्रममित्रिया शवोभिः ||

        गलत अनुवाद – Rigveda (6/17/1) states that “Indra used to eat the meat of cow, calf, horse
        and buffalo.”

        असली अनुवाद/Original Translation-

        जो मनुष्य ब्रह्मचर्य,विद्या और सत्कर्म से दुष्टों को दूर करके श्रेष्ठो को स्वीकार करते हैं वे शत्रुओ का नाश करते हैं..

        वेदों का गलत मन्त्र और सूक्त
        1) पहला गलत मन्त्र

        जो गाय अपने शरीर को देवों के लिए बली दिया करती है ,जिन गायों की आहुतियाँ सोम जानते है ,हे इंद्रा! उन गायों को दूध से परिपूर्ण और बच्छेवाली करके हमारे लिए गोष्ठ मे भेज दे ।
        – ऋग्वेद 10,16,92

        एक और झूठ, ऋग्वेद के दशम मंडल के 16वे सूक्त में केवल 14 मन्त्र है,

        2) दूसरा गलत मन्त्र –

        इंद्रा कहते है ,इंद्राणी के द्वारा प्रेरित किए गए यागिक लोग 15-20 सांड काटते और पकाते है । मै उन्हे खाकर मोटा होता हू । -ऋग्वेद 10,83,14

        ऋग्वेद के दशम मंडलम के त्र्यशीएतितम सूक्त में सिर्फ १ से लेकर ७ मंत्र हैं १४वें मंत्र का कही उल्लेख नहीं है..

  4. ve jo vedio me apne dikhya hai ye kon sabit karta hai ki ye aadmi ki samjh kitni hai aur ye kitna bada scholar hai …aur tumne dawa kiya hai na ki inko galat sabit karo..to me galat sabit karta hun …
    to ye pado ki quran me kya kaha gaya hai …
    Prohibited to you [for marriage] are your mothers, your daughters, your sisters, your father’s sisters, your mother’s sisters, your brother’s daughters, your sister’s daughters, your [milk] mothers who nursed you, your sisters through nursing, your wives’ mothers, and your step-daughters under your guardianship [born] of your wives unto whom you have gone in. But if you have not gone in unto them, there is no sin upon you. And [also prohibited are] the wives of your sons who are from your [own] loins, and that you take [in marriage] two sisters simultaneously, except for what has already occurred. Indeed, Allah is ever Forgiving and Merciful.
    Urdu
    تم پر تمہاری مائیں اور بیٹیاں اور بہنیں اور پھوپھیاں اور خالائیں اور بھتیجیاں اور بھانجیاں اور وہ مائیں جنہوں نے تم کو دودھ پلایا ہو اور رضاعی بہنیں اور ساسیں حرام کر دی گئی ہیں اور جن عورتوں سے تم مباشرت کر چکے ہو ان کی لڑکیاں جنہیں تم پرورش کرتے (ہو وہ بھی تم پر حرام ہیں) ہاں اگر ان کے ساتھ تم نے مباشرت نہ کی ہو تو (ان کی لڑکیوں کے ساتھ نکاح کر لینے میں) تم پر کچھ گناہ نہیں اور تمہارے صلبی بیٹوں کی عورتیں بھی اور دو بہنوں کا اکٹھا کرنا بھی (حرام ہے) مگر جو ہو چکا (سو ہو چکا) بے شک خدا بخشنے والا (اور) رحم کرنے والا ہے

    Aur jo aapne imrana aur jo bhi example diye hai unka Islam se kuch talluk nahi hai , bahut se aise gyani hai jo apne hisab se Fatwe jari karte hai , jaise ki apke hi dhram me kitne log muslamano ko sarahte hai aur kuch aap ki tarah kattar hai, usi aur aise shaitan har samaaj me mojood hai

    http://www.youtube.com/verify_age?next_url=/watch%3Fv%3DaIPTRPqkhp8

    go in this link and tell me who is this guy hindu or muslim……

    jawaab khud mil jayega ..lekin isse ye sabit nahi hota hai ki hindu dharam me kuch aisa kaha gaya hai ..isliye bina kuch jane bhuje ..post me kiya karo ..aur jawab ho to dena ….

    • कुरान के अनुसार मुसलमान सौतेली बेटी के साथ शारीरिक सम्बन्ध बना सकते हैं
      भाइयो, मैं यहाँ सिर्फ कुरान और कुरान का प्रमाण दे रहा हू | अब आप निर्णय करे कैसे ये अल्लाह का आदेश हैं |
      http://www.quranhindi.com/p111.htmतुम्हारे लिए हराम है तुम्हारी माएँ, बेटियाँ, बहनें, फूफियाँ, मौसियाँ, भतीतियाँ, भाँजिया, और तुम्हारी वे माएँ जिन्होंने तुम्हें दूध पिलाया हो और दूध के रिश्ते से तुम्हारी बहनें और तुम्हारी स
      ासें और तुम्हारी पत्ऩियों की बेटियाँ जिनसे तुम सम्भोग कर चुक हो। परन्तु यदि सम्भोग नहीं किया है तो इसमें तुमपर कोई गुनाह नहीं – और तुम्हारे उन बेटों की पत्ऩियाँ जो तुमसे पैदा हों और यह भी कि तुम दो बहनों को इकट्ठा करो; जो पहले जो हो चुका सो हो चुका। निश्चय ही अल्लाह अत्यन्त क्षमाशील, दयावान है (23)

      http://tanzil.net/#trans/hi.farooq/4:23

      जो लाल रंग से पंतिया इंगित की गई हैं, उन्हें देखा आपने ? अगर मा से नहीं किया तो बेटी से कर सकते हैं पर ये नहीं लिखा के उसके बाद मा से ना करो | यानी पहले सौतेली बेटी खराब कर दे उसके बाद उसकी मा का नंबर और ये सब अल्लाह का आदेश हैं (?) | मुस्लिम भाइयो अब तो सोचिये की ये अल्लाह का आदेश नहीं | ईश्वर जो हो चुका सो हो चुका नहीं कहता कर्म का फल तो मिलता ही हैं | अगर जन्नत जहनुम्म माने तो भी किए का फल तो मिलेगा |
      पूरी पोस्ट यहाँ देखे,,,, https://www.facebook.com/photo.php?fbid=543534122329162&set=pb.256288937720350.-2207520000.1350636506&type=1&theater

      देखिये तो किस प्रकार अल्लाह नीचता की बात कह रहा हैं, यदि बेटी से सम्भोग कर लेगा तो उसकी बीवी उसकी बेटी नहीं हो गई, वो बीवी जिसे मैहर की रकम पर घर लाया हैं | और बेटी से सम्भोग करने के लिए विवाह करो ऐसा भी कही नहीं लिखा हैं | इस बात से भी समझ ले की कुरान व्यभिचार बढ़ाती हैं |
      अब निर्णय आपके हाथ में हैं |

      • अथर्ववेद – अश्लीलता के कुछ और नमून
        अब जिक्र करते है अश्लीलता का :-
        वेदों में कैसी- कैसी अश्लील बातें
        भरी पड़ी है, इसके कुछ नमूने आगे प्रस्तुत
        किये जाते हैं
        (१) यां त्वा ………शेपहर्श्नीम ||
        (अथर्व वेद ४-४-१)
        अर्थ : हे जड़ी-बूटी, मैं तुम्हें खोदता हूँ.
        तुम मेरे लिंग को उसी प्रकार उतेजित करो जिस
        प्रकार तुम ने नपुंसक वरुण के लिंग
        को उत्तेजित किया था.
        (२) अद्द्यागने……………………….पसा:||
        (अथर्व वेद ४-४-६)
        अर्थ: हे अग्नि देव, हे सविता, हे
        सरस्वती देवी, तुम इस आदमी के लिंग को इस तरह
        तान दो जैसे धनुष की डोरी तनी रहती है
        (३) अश्वस्या……………………….तनुवशिन ||
        (अथर्व वेद ४-४-८)
        अर्थ : हे देवताओं, इस आदमी के
        लिंग में घोड़े, घोड़े के युवा बच्चे, बकरे,
        बैल और मेढ़े के लिंग के सामान शक्ति दो
        (४) आहं तनोमि ते पासो अधि ज्यामिव धनवानी,
        क्रमस्वर्श इव रोहितमावग्लायता (अथर्व वेद
        ६-१०१-३)
        मैं तुम्हारे लिंग को धनुष की डोरी के समान
        तानता हूँ ताकि तुम स्त्रियों में प्रचंड
        विहार कर सको.
        (५) तां पूष………………………शेष:|| (अथर्व
        वेद १४-२-३८)
        अर्थ : हे पूषा, इस कल्याणी औरत
        को प्रेरित करो ताकि वह अपनी जंघाओं
        को फैलाए और हम उनमें लिंग से प्रहार करें.
        (६) एयमगन………………..सहागमम || (अथर्व वेद
        २-३०-५)
        अर्थ : इस औरत को पति की लालसा है और मुझे
        पत्नी की लालसा है. मैं इसके साथ कामुक
        घोड़े की तरह मैथुन करने के लिए
        यहाँ आया हूँ.
        (७) वित्तौ………………………..गूहसि (अथर्व
        वेद २०/१३३)
        अर्थात : हे लड़की, तुम्हारे स्तन विकसित
        हो गए है. अब तुम छोटी नहीं हो, जैसे कि तुम
        अपने आप को समझती हो। इन स्तनों को पुरुष
        मसलते हैं। तुम्हारी माँ ने अपने स्तन
        पुरुषों से नहीं मसलवाये थे, अत: वे ढीले पड़
        गए है। क्या तू ऐसे बाज नहीं आएगी? तुम
        चाहो तो बैठ सकती हो, चाहो तो लेट सकती हो.
        (अब आप ही इस अश्लीलता के विषय में अपना मत
        रखो और ये किन हालातों में संवाद हुए हैं।
        ये तो बुद्धिमानी ही इसे पूरा कर सकते है ये
        तो ठीक ऐसा है
        जैसे की इसका लिखने वाला नपुंसक हो या फिर
        शारीरिक तौर पर कमजोर होगा तभी उसने अपने
        को तैयार करने के लिए या फिर अपने
        को एनर्जेटिक महसूस करने के लिए
        किया होगा या फिर किसी औरत ने पुरुष
        की मर्दानगी को ललकारा होगा) तब जाकर इस
        प्रकार की गुहार लगाईं हो

    • hindurulesmuslim says:

      bhai ek baat batao bas doodh ko chod do aur jo baki cousin sisters bachi hai unhe fuck karo bada acha dharam hai tumhara grt phir maa ko kyo chodte ho use bhi rape karo tumhare liye bade sabab ka kaam hai

  5. for SHYAM ARYA…..foto me to akalmand dhikte ho ..lekin bachcho wali kahani sunate ho….pata hai Rakhi kab aur kaise shuru hui thi…

    Alexander the Great and King Puru
    According to one legendary narrative, when Alexander the Great invaded India in 326 BC, Roxana (or Roshanak, his wife) sent a sacred thread to Porus, asking him not to harm her husband in battle. In accordance with tradition, Porus, a Katoch king, gave full respect to the rakhi. On the battlefield, when Porus was about to deliver a final blow to Alexander, he saw the rakhi on his own wrist and restrained himself from attacking Alexander personally.[17]

    an u know Alexnder was muslim…

    I have two hindu sister itself….and i am a muslim.

  6. xylocaine95 says:

    Mr. Stepagainstjahil,ye kisne tmko kh diya ki alexnder muslim tha.ja ke phle apne us zakir naik ye gyan prapt kro ,jo poore bharat mai jeher faila rha hai.tm kitne bi aararshwadi bn lo but satya ye hai ki muslmaan tbi tk tmhari trhe sharif bnte hai jb tk vo kisi desh mai km hai,mai tmse poochta hu ki tm kyu ni aate hmare mandiro mai? kya aa skte ho ? nhi bilkul bi nhi? Sch keval 4 hai ……………………………………………..1) bharat ka bikaau aur aepripkv media ki vjhe se islam ki buraiya aur vhashipn chipa hua hai /ye hamara hijda media hi tou hai jo pakistan ki sre aam muslim bna di gye RINKLE KUMARI ki koi kbhar ni dikhata hai.kya ye sikhata hai tmahara dharam ki doosre dhrmo ki ldkiyo ko jbran muslim bnao………..2) tm sirf es liye bhok rhe ho kyu ki ye mulk secular hai keval tb tk jb tk es desh ka hindu secular hai,aur jb tk es desh kai LALU-MULAYAM-DIGGI jaise netao ko tmhare voto ka lalch rhega.aur ye tb tk jari rhega jb tk hindu ni jgega.tbi tou vo BABA RAMDEV jaisa gaddar tmhare smmelan mai jakr kuran ki prti sweekar krta hai!!! mai tmmse poochta hu kya dharmik sdbhav ek trfa hoga ,ki tm hamare ldkiya bhagao.aur hm tmhari kuran apnaye,KYA TMHARRE MUULLA MALVI RAMAYAN KO HINDU SMELLAN MAI AAKAR HATH MAI SWEKKAR KREGE??????????????? mujhe tmse jwavab chahiye ha ya na???? koi bkwas ni keval ha ya na bolo?? jwab mai deta hu tm kya doge ,ni apna skte.khoram na mch jayega,so ye khkr sympathy mt btoro ki tmhare 2 hindu bahan hai………………………………..3) HAMARE hindu dhram ki tou kismat hi khoti bs esliye hai ki hmare ldkiya hi bnd buddhi ki hai,jinko na apna accha dikhtaa hai aur na bura aur vo chl dete hai burke ki ghutan bhri jindgi ki trf, eska perfect example hai na vo sbse oopr comment krne vale “SHILPI KAKKAD” en aadarshwadi hindu aurto ne hi tou beda grk kiya hai hinduo ka ,jo kh rhe hai duniya kha phunch gyi.esko vastv mai ni pta ki islam kha duniya ko ley ja rha hai.en aurto ko jindgi ki asliyat tb pta chlti hai jb en pr beet-ti hai………………………4) aur AAKHRI BAAT TM LOG ESLEYE ITNA BHONTE HO KI YHA RHE RHE HO. KYUKI YE DESH GANDHI JAISO KAI HATHO LUTA HAI JO PAKISTAN BNVA KE BI CHUP NI BAITHA AUR USKO MDD DENE KAI NAAM PE ANSHAN PR BAITH GYA THA. BHUT BDI GLTI KI THI US GDDAR NHERU NE JO , VRNA TM SB KO PAKISTAN JANA THA.YHA NI BHOKNA THA…..VANDE MATRAM ……………………………………………………………………….SCH BS ITNA HAI KI ISLAM AATANK KA DOOSRA NAAM HAI.AUR USKA KARAN YE HAI KI TM DOOSRO KAI SATH GHULNA NI CHAHATE.JB TK KURAN,ALLHA,HDEES KO HI ONLY MIGHTY MAANNE KI MANSIKTA SE BAHAR NI AAOGE,TB TK TMHARI BAATE,TMHARI UDARTA SB KORI BKWASE HAI.YE BI TMHARE JIHAD KA KAFIRO KAI KHILAF EK HISSA BHR HAI. ………..MERA HINDU DHRM KHTA HAI MAI BI SHRESTH HU AUR TUM BI,BT TMHARA ISLAM KHTA HAI KI BS MAI HI SHRESTH HU………………………..JB TK YE BKWAS NI CHODOGE TB TK TMPE KOUN VISHWAS KREGA?kyu dhong kr rha hai udarta ka???? “STEP AGAINST JAHIL”KRNA HAI TOU JAKR APNE ISLAM KAI KTTRPAN KA KR JO KISI KO GLE LGANE KO TYAR NI .NATAK MT KR ACCHEPNE KA. VNDE MATRAM.

    • What is islam says:

      jo post hua tha ..uska jawaab tujhe acche se mil gaya …jo tune baap beti ki rishte ke examole diye the wase mene bhi diye hai..aur tune sara topic hi change kar diya ..kyu nki tere pass jawab hi nahi tha …aur ye rahe tere jwab-kisi ko jabran muslamman banaba galat hai …me tere saath khada hota hun , 2- aur ye mulk jitna tera hai utna mera bhi hai …ismki azadi ke liye bhi humne khoon bahay hai ..aur tum kyu ye dawa karte ho ho ki hinduataan tumhara hai kaha se laye the hindustaan bataoo…aur tum islaam ki baat kar rahe ho ..kyu hindu dhram bhi yahi sikhta hai ..aur rahi ramayan aur geeta ki baat ..to koi sabit kar dega ki ye ramayan aur geeta ek insaan ki zindagi ke maslo ka hal aur wo inse ek acchi zindagi bita sakta hai…aur ye sabit kar de..ki ye quraan se bhetar hai to aaj hi hindu dharaam swikaar kar lunga….aur rahi burkhe ki baat …are jahil…itan to dekh ye ladkiyan humari ma hai behan hai …aur is duniya me hzarro darinde aise hai jinke aankho me darinagi ke alwa kuch nahi ..mene kahi ek pandit ji ke ghar gaya tha unke yahan ek poster laga tha raam ji ka usper kuch quatation thi ..unme se ek quatation thi ..khana aur aurat dono parade ke layak hai …kya tu chahega ki koi apni behan ko gandi nigaho se dekhe ..modarnise banane ka matalb nanga hona nahi hai …buraka nahi to kam se kam salwaar suit pehan lo…dupptta le lo nahi ,,,,,,nehi lenge kyunki ..wo to muslamano jaise dhikata hai na kyu pehenege…ye koi dharam ki baat nahi …”commaon sense hai “……

      To socho pado …pade likhe ho study karo ..quran dekho hadis dekha misguide mat ho sirf misaconception hato

      • jo parde mein rahti hai wo bhi baahar muh maraati hai, aur jo baahar rahti hai wo bhi sharif hoti hai.. isliye ye kahna ki parda rakhne se aurat par control ho jaata hai wo galat hai, ye sab apne man par hota hai..aur rahi baat quran ki saari hadis yaha di hui hai.. to padho aur padh kar socho ki kya ye sab sahi hai,,,
        rahi geeta ki baat geeta padhega to bahut kuch sikhega,, par jab padhna hi nahi hai to kya kahe,,
        rahi desh ki baat to azaadi ke liye tumne jitna khoon bahaya tha uska tumne pura interest samet pakistan banwa kar le liya balki usse kahi jyada,,,,

        to kabhi ye mat kahna ki ye mulk ye desh tumhara hai,, tumhe to pakistan mil gya ek islamic country hume kya mila????

    • hindurulesmuslim says:

      yaar tu bevkoof hai jinhe gali deeni chiye unhe samja raha hai ab deekh
      MUSLIM=BASTARD=MOTHER FUCKER=TERRORIST=MAN HAVING SHORT PENIS =HINDUS BALL LICKER

    • समाज में द्वन्द्व की स्थिति उस समय भी उत्पन्न हो जाती है.
      जब हम तर्कयुत्त सम्यक् रीति के कानून बनाते है.और
      उसी कानून का उल्लंघन करते है. उसके खिलाफ वक्तव्य
      जारी करते है. प्रेम के सम्बन्ध में यह अधिक प्रखर होकर
      प्रकट होता रहता है. गांव वाले जो इसी समाज का हिस्सा है वे
      लोग अपने गावं के लड़के-लड़कियों की शादी उसी गांव में न हो,
      इसका पूरा प्रयास करते है. जबकि व्यस्क अवस्था को प्राप्त
      युवती युवक को कानून इजाजत देता है कि वे जिससे चाहे विवाह
      सम्बन्ध स्थापित करे. ऐसी स्थिति में कानून व समाज में
      टकराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
      इससे पहले कि हम इसमें निहित तत्वों की पड़ताल करें यह बात
      और उल्लेखनीय है कि आधुनिक युग में महानगरों में युवक-
      युवतियां विवाह के बिना ही एक- दूसरे के साथ रह रहे है. जिसे
      लिव इन रिलेशनशिप का नाम दिया जाता है ओर यह कानून
      सम्मत भी है. देश की सर्वोच्च अदालत ने ऎसे युगल
      द्वारा उत्पन्न संतान को भी कानूनी रूप से वैध घोषित किया है.
      यह सर्वाविदित है कि न्यायपालिका का हर निर्णय और
      विशेषत: वह निर्णय जो हमारी सस्कृंति, परम्परा आदि से
      जुड़ा है उसके हर पहलुओं को पूरी तरह संवेदनशीलता के साथ
      जांच पड़ताल करना पड़ता है. उसे इतिहास के आईने में
      भी जांचना परखना है. क्योंकि न्यायपलिका की यह नैतिक
      जिम्मेदारी है. कि किसी वर्ग, समुदाय या धर्म के मानने
      वालों की भावना आहत न हो इसलिए संवेदनशील
      न्यायपालिका का हम आदर करते है. तथा स्वीकार भी करते है.
      पिछले कुछ वर्षो में विभिन्न कारणों से नये-नये राजनैतिक व
      सामाजिक, सांस्कृतिक क्षत्रों का उदय हुआ है जो स्वंय भ्रम
      में रहते हुए अपने आचरण व वक्तव्ययों से औरों को भी भ्रमित
      कर रहे है. गोत्र के नाम पर हत्या, खून- खराबा,
      प्रताड़ना आदि तरह की हिसां की जाये या फैलाई जाये यह
      कहां तक उचित है.
      इतिहास के पृष्ठ पलटते हुए आप पाएंगे कि भगवान के रूप में
      अवतरित होने वाले भगवान कृष्ण की प्रेमिका राधा,
      कष्णा भगवान के पिता राजानंद के भाई वृषभान की पुत्री थी।
      अत: इन दोनों में भाई बहन के सम्बन्ध हुए. फिर समाज ने
      जैविकी आधार की तुलना में प्रेम को अधिक गहरा माना और
      प्रेम को स्वीकृति ही नही दी, बल्कि श्रद्धासुमन से सुसज्जित
      कर समाद्रत किया भारतीय समाज में प्रेम के श्रद्धा के
      अतुलनीय प्रतीक ही नहीं बने बल्कि जीव-ब्रह्म के साकार रूप
      बनकर करोंड़ो लोगों की जीवनी शक्ति के पुंज बन गए।
      अगर समाज गोत्र की इस जटिल मानसिकता से ग्रसित
      होता तो राधा कृष्ण की हमें खबर भी नहीं होती यह अतुलनीय
      शक्ति का प्रतीक व स्त्रोत लुप्त हो गया होता।
      श्री कृष्ण के जीवन के अन्य उदाहरण का भी अवलोकन करें
      श्री कृष्ण ने अपनी बहन सुभद्रा का विवाह अपनी सगी बुआ के
      लड़के अर्जुन से करवाया. वहां भी कृष्ण व सकल समाज ने
      रिश्तें नाते के स्थान पर प्रेम को चुना.
      हिन्दू धर्म के अलावा भारत के दो अन्य धर्मो बौद्ध व जैन पर
      नजर डालते है. बौद्ध धर्म के प्रवर्तक भगवान बुद्ध तथा जैन
      धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर का विवाह अपने
      मामा की पुत्रियों से हुआ फिर भी समाज ने स्वीकृति व आदर
      किया।
      इतिहास के प्राचीन काल के प्राथमिक चरण में हमें उस युग
      पुरूष के दर्शन होते है, जिसें हम भगवान रिषभ देव के रूप में
      जानते है. ये भारत के तीनों प्राचीन धर्मों हिन्दु, बौद्ध, जैन में
      समाहत है. इनके प्रति श्रद्धाविश्वास है. इनका विवाह
      भी इनकी सगी बहन सुमंगला से हुआ समाज भी इस तथ्य से
      अनभिज्ञ व अपरिचित नहीं रहा अर्थात यह जानते हुए भी उनके
      प्रति अपार श्रद्धा प्रेम रखी, उनका यशोगन किया और आज
      भी इतिहास के स्वर्ण पृष्ठों में सुशोभित है, और आगे भी रहेगें।
      देवी सुमंगला व भगवान रिषभ देव की एक संतान का नाम भरत
      था, जिसके नाम पर आगे चलकर इस राष्ट्र जिसमंस रह रहे है
      जी रहे है का नाम भारत पड़ा।
      प्राचीनकाल से लौटकर जब हम मध्यकाल में आते है तो एक
      प्रखर राजा पथ्वीराज चौहान को देखते है पथ्वीराज चौहान
      की प्रेमिका संयोगिता जो विवाहोपरान्त उनकी पत्नी बनी,
      उनकी सगी मौसी के लड़के जयचन्द
      की पुत्री थी महाराजा अग्रेसन जो वणिक समाज के आदिपुरूष
      माने जाते है. उनके 18 पुत्र गर्ग, गोयल, बंसल आदि के रिश्ते
      आपस में हुए इसलिए भारत में घरेलू हिसां, सास बहु के झगड़े,
      भ्रूण हत्या आदि जघन्य कृत्य नहीं हुए आज भी मुस्लिम देशों में
      परिवार में रिश्ते होने की वजह से भ्रुण हत्या नहीं होती।
      यह माना जाता है कि आधुनिक युग का मनुष्य व सामाजिक
      मेधा प्राचीनकाल के मुकाबले अधिक प्रखर वैज्ञानिक सोच व
      द्रष्टिकोष रखता है. समाज की प्रगति, विकास, परिवर्तन
      इसके द्योतक है. लेकिन साथ ही साथ हम किन्हीं तलों पर चूक
      रहे हैं. हम अधिक अहिष्णु हो गये हैं. वैयक्तिक, सामुदायिक,
      सामाजिक, धार्मिक, सहनशीलता कमजोर हुई है. इसलिए हम
      आक्रामक व कभी कभी हिंसक भी हो जाते हैं, जो हमारे
      दुर्बलता व आधारहीन सोच को दर्शाता है।
      आइये हम युवाओं व युवतियों को अधिक मेधावी, साहसी व
      व्यापक द्रष्टिकोण वाला बनाएं। इसके लिए उन्हें खुला आकाश
      दें, उन्हें संकीर्ण अवधारणाओं में कैद न करें। वे अपना भविष्य
      व वर्तमान को खुद तय करें हम उनमें भरोसा रखें। हमलावर न
      बनें अतीत भी युवाओं का ही समर्थन करता हैं।

  7. xylocaine95 says:

    in reply to -“WHAT IS ISLAM”
    1- jbran kisi ka conversion gr glt hai tou kyu ni himmt tmme ki hpne kuran ki un aayto ka virodh krne ki jisme saaf saaf likha hai ki kafiro ko islam mai bdlo.mai ek HRIJAN(CHAMAR ) HU smjha ,aur maine Apne hatho se MANUSMRITI ki copies jlaye hai,jiske karan hme hindu smaj mai apman shna pda.bt mai hindu hu kyuki mai manta hu ki manusmrti likhne vala koi aakash se ni aaya tha ,uska virodh kiya ja skta hai,ye azadi mera hindu dhram mujhe deta hai.TU BTA tu khud khta hai ki tu jbran ldkiyo kai conversion kai khilaf hai tou fir es blog mai jha jha aurto aur ldkiyo ko jbrn convert ki aayte aaye hai ,unko pdh aur fir yha paste kr kr unki aalochna aur khey bhla bura kuran aur us mohmmd ko jisne tmko ye sb sikhya.HAI HIIMMT.ni hai
    hogi kaise ,tere mjhb vale hi tjko jinda jmeen mai na gaad denge.sekho kuch hmare dhrm say jo ume apne bhgwano ki gltiyo pe unki ninda krne ka hq deta hai.dekh mai khta hu -MAINE AAJ TK RAM KO MAFF NI KIYA HAI KI UNHONE BAR BAR SITA KI AGNIPARIKSHA LI, EK TELI KAI KHNE PE MATA SITA KO GHR SE NIKALA ,AUR BALI KO CHUP KR MARA.BHLE HI DWAPR MAI UNHONE US PAAP KI A PRAYSCHIT KRISHNA KAI ROOP MAI KR LIYA THA.BT AAM HINDU NE AAJ TK BHGWAN RAM KO UNKE IN KARYO KAI LEYE MAAF NI KRA HAI ,NA KREGE.GALI BI DEGE RAM KO AUR USKE CHRNO MAI BI LETEGE. HAI
    HIMMT tujhme ki apne us mohhmd ki glt bato ka khuleaam ninda kre .ya kuran ki un pages ko aag lgaye.NI KR SKTA TU.SIRF BDI BDI BATE KR SKTA HAI.AUR KUCH NI KR SKTA.TUM GULAM HO ISLAM KAI,KEVAL GULAM.AISE HI GHUT GHUT KAI JINDGI NIKAL DETE HO.
    SO APNE ISLAM KO MT KHEY KI VO RAMAYAN SE BDA HAI.MUJHME ITNE BUDDHI NI KI MAI TERE SAMNE BDE BDE AAYTE RKHU YA SHLOK RKHU.MAI BHAVNA KI BAAT KRTA HU.PRAMANO KAI BOOKISH ROOP KAI LEYE TOU HMARE ‘AGNEEVEER’G HI BHUT HAI TM JAHILO KAI LEYE.

    2-FIR DHORATA HU dhyan se sun ki tmhara islam kai karinde jis trhe se love jehad kai nam pe hmare bhu beteiyo ko fusla rhe hai na vo jyada smay ni chlega.jo baate yha bhok rha hai na ki hmare bhu beteyia chunni ni krte, TOU JA KAI PHLE APNE IMAM FIRANGI MAHAL,LUCKNOW se pooch ki uski ldkiya kaise rhte hai ,aur us uk mai kya phente hai.
    apni ldkiyo ko tm kitne bediyo mai rkhte ho ye kis se chipa hai,ijjt kai nam pe.aur muh marte ho hmari ldkiyo pe.aur fir BESHRM ki trhe bate krta hai natikta ki.sch ye hai-‘HR MUSLIM LDKE KAI MUN MAI YE ECCHA SDA BSTE HAI KI VO EK HINDU LDKI SE JRUR SHADI KRE,USKO FUCK KRE.ESKE THT HI TOU TM LOVE JEHAD CHALATE HO.
    SHAYD hi kbi kbhr bnti ho ki hindu ldke ne muslim ldke se shadi kr li ,kyu kyuki hme nfrt hai tmhare khoon aur snskaro se ,kaise apne ghr mai hm brdast kre tmhare snskaro.ko

    3- aur tu jo ye bkwas kr rha hai na ki hindu ldkiya apna tun ni dhkte,tou vhshi insan sun nngi tou ni ghoomte na. aur sun
    ye BI BTA DU KI TMHARE VO AALUBUKHARE SE LDKE KYU SFL HO JATE HAI HMARE BHOLE BHALI LDKIYO KA MUN BDLNE MAI,KI VO 4-4 BIWIWO MAI EK BNNE ,BURKE KI GHUTN SHNE ,KTUE KA PENIS ACCEPT KRNE AUR GAU MATA KA MAAS KHANE TK KO TYAR HO JATI HAI,MAI BTATA HU KI VO TM JAISE VHSHI AUR CREL DHRM KAI LDKO KI SFLTA NI HAI VRN YE HMARI VIFLTA HAI-
    “kyuki hmare dhrm guru aur teachers es duniya kai, sbse bde chootiya hai JO SIKHATE HAI BCHPN MAI EN LDKIYO KO KI – SB DHRM EK HAI,SB DHRM EK HI RASTA DIKHTE HAI.
    es karan hindu ldkiyo ko jb tmhrae ktue bhkate hai tou prem jal mai fnsa kai nikha ya uske baad jb convert hone ka dbav bnate hai tou hindu ldki bechhari kya kre usne tou bchpn mai ye hi seekha hai ki hr dhrm saman hai. aur vo islam ki ghutn se navakif ho islam kboolte hai. pta usko baad mai chlta hai,jb ghr mai phle se us nalayak ktue ki 2-2 biwi mojud hote hai,ya 2 sal baad vo koi aur ley aata hai.tb us hindu ldki ka drja maid-cum-sex-worker se jyada ni hota hai.aur fir ek din usko pta chlta hai ki uska s-sur hi uska bkatkar kr leta hai.vo shikayt ley kai bi jay tou kha,kyuki rule tou SHRIYT ka chlna hai.jo usse 4 aadmiyo ki gvhai mangti hai.vo kha se layge bechari,pti se khte hai tou vo vasna ka pujari usko talak ki dhmke deta hai.SBSE BDI BAAT ARE JINKE MOHMMD NE APNE DAUGHTER IN – LAW KA BLATKAR KRA HO TOU FIR VO YE SUVIDHA TOU APNE VNSHJO KO DEGA HI.
    So sflta tmhare ni ,viflta hmare hai.bt ab wqt bdl rha hai,hr mndir ka puhari hr aurt ko ,hr maa baap apne beti ko ye asliyt bta rha hai.
    so bekar mai tmhare aur tmhre dhrm ki gndki ko kha tk btaye .

    4-ye sch jaan lo ki tm sbka ye attitude aur wqut kai sath na chlne ki privriti ek aam hindu ko kttr bnne ko mjboor kr rhe hai. yaad rkhna ye baat tm bahrat mai tb tk bhok rke ho aur bhokte rhoge jb tk AAM HINDU BTA HUA HAI,VO UDAR HAI.GUJRAT EK NMOONA THA TMHARE DWARE GODHRA MAI MCHAYE KTLEAAM KA.tm log smay pr aakr us ktle aam ka virodh krte tou shyad hindu itna ugr na hota.bt TM LOGO NE TOU MJE LEYE THAI.AJ BI HM DEKH RHE HAI KI KAISE GUJRAT RIOTS KI BAAT HOTE HAI KOI GODHRA KO YAD KRNA CHAHATE ,HM SB DEKH RHE HAI KI KAISE TEESTA SEETALWAD ,HARSH MANDR JAISE MUKHOTE GUJRAT KO BADNAAM KR RHE HAI. BT ab ye ni chlega. tm jitna hme dbaoge ,hm utna ubhar kr aayege. 800 saalo mai ni mita ske tmhare mujhal tou ab tm kya mitaoge .aur fir khoon tou hamara hi bha rha hai tm mai.
    intzar bs EK AUR SHIVAJI,EK AUR GURU GOVIND SINGH KA HAI KI FIR POORA KAHALSA STHAPIT HOGA.

    argument mt krna hmse ,tm sirf sex kai pujari ho ,jo tmhare mohmmd ne tmko sikhaya hai.
    mai dubare khta hu ki MUSALMAN KISI DESH MAI JB TK SANKHYA MAI KM HOTE HAI ,TB TK VE TERE TERHE MORALITY KI BATE KRTE HAI,VRANA TM KYA HO YE PAKISTAN KAI HINDUO SE POOCHO,RINKLE KUMARI SE POOCHO.bt dhyan rkhna ki uska blidan bekar ni jayegea ,tm sb khdede jaoge pakistan mai, koi hq ni hai tmhra hindusta mai. aayega wqut.bdi bhool thi us muslim nehru ki vrna tm sare kai sare 1947 mai hi pak jane thai. sale beshrmo ,alg desh ley liya fir bi yha beshrmo ki trhe tike ho. bt es baar sb final hoga.ISRIAL ki bi mdd le jayege.tm ek sbhya smag kai leye khtra ho. tmko bs pakistan mai hi pnha milege.
    aur koi trk mt dey bde bde ki ye hmara mulk bi hai ki ya veer abdul hmeed ya aph abul kalam hue hai .tmko ye naam bs aise bheo mai hi yaad aate hai……………..lanat hai tm pe .phle aazadi dou apne aurto ko jo dum ghut ghut kai g rhe hai.for kuch khna.
    hindustan jindabad,vande matrm.

    • What is islam says:

      sbase pehele bhai…ye batao ki wo bhgawaan hi kya jo galti kare,aur jab tum kuch padte likhte nahi ho , ho to sirf bhavnao se baate mat likho ….bhavnae to insaan ko humesha galat raste per le jati hai ….aur rahi baat quran aur Huzur ki to suno ki kuch to galtiyan batao ..me jawab dunga ..hum ghulam hai achchai hai na ki tumhari tarah chuityo ki tarah , tree ko , cow, Pig ko , sabko apna bhgwaan bana lete ho , jahan dekho pathatr pujne lagte ho ,, soch us dharam me tune khud galtiyan nikali hai usi ko follow karta hai , aur ye kaisa Bhagwaan hai jisko insaan bhi maaf nahi kar raha hai ,,, Bhagwaan ram , krishn, ya koi aur nahi ,,,,Sirf ” OM”
      aur ye sab avtara hai ..tum om ko kyu nahi mante ,usko mandir banawo, sab kyunki jo defination OM ki hai wahi Allah ki . OM bhi to ek nirankaar prakhsh punj hai ,use se sab vatar nikle hai . to OM ko main manana chahiye ,, aur Baat rahi LOVe jihad ki tu sun ” ye sab islaam ke dushman hai jo ye sab karte hai , islam ko agar janna hai to MUsalmaan ko mat dekho kyunki ajjkal ka muslamaan to kafir se bhi badtar ho gaya hai , aur jihad ka matlab hai agar koi tumhare ya tumhare islaam per hmala kare ye , jaise soch le agar koi tujhe mare aur bole musalmaan ban to tu ladega na usse to bus yahi jihaad hai …Jihaad aur prahchar me Fark hota hai ,….Aur ye sab ISLAM ko Badnaam karne ki koshish kari ja rahi hai , YE love JIhad” aur flana flana , Aur is per sun ek refrencs : Hadis: Narrated Abdullah bin Masud: I asked Allah’s Apostle, “O Allah’s Apostle! What is the best deed?” He replied, “To offer the prayers at their early stated fixed times.” I asked, “What is next in goodness?” He replied, “To be good and dutiful to your parents.” I further asked, what is next in goodness?” He replied, “To participate in Jihad in Allah’s Cause.” I did not ask Allah’s Apostle anymore and if I had asked him more, he would have told me more.
      Bukhari: 41 kitab 52
      Sun kya kaha hai muhaamad(PBUH) ek aadmi ne pucha ki ya rasool sabse achcha kaam kiya hai , huzur ne kaha panch wakt ki namaz padna fir usne pucha ki uske baad fir kaha apne maa baap adesh manna , uske baad fir puucha uske baat kaha jihad krna , to jihad se to ye 2 cheeze kitni badi hai

      to me kaise bura bhala keh du apne rasool ko is quran ko jiski har baar authentic hai , koi shak nahi ……aur mere bhai ye tumahra ghar nahi ..humara ghar hai ….
      Sun ye hindustaan mera bhi hai …..kabhi indai gate gaya hai kya agar nahi gaya hai to sun ” india ke gate stones per sbse zyada shaheedo ke naam musalmanno ke hai ” lekin unki qurbaani ka koi mol nahi nahi hindustaan me tumahre jaise logoki wajah se ,

      Aur agar tum aise karte rahe to fir batao kab tak muslamaan chup rahenge
      tu harijan hai …agar tujhe baar baar tease karte rahe ki tu chamaar hai , tu achoot hai , humare saath mat bheta kar , humare saath mat khaya kar , to tumhe kaise lagega , jab tumhe hindu hokar tumhe mandiro me nahi ghusne diya jata tha to batao kaise feel hota tha ”
      usi tarah se feel hoga jaise hume hota hai ” hindustaani hoker bhi yahi tana milta hai saale bhago se yahan pakistaan ye tumhara ghar nahi , hindua ka hai
      are hindu t me bhi hun,, kyunkme hindustaan me rehnta hun, mera dharm islaam hai , bhai dilo me aag mat ;leke chalo , isse kuch hasil nahi hoga”

      Fir tumhara comparison bhi un mslaamnao se hoga jo ye sab kar rahe hai ” love jihad, atankavadi yo se.kyunki kahi na kahii tumhari soch bhi unhi lgo jaise banti ja rahi hai ..jo sochte hai ki hinduo, cristians ko is duniya se khtam kar do ,sabko mar dalo , agar tum bhi aisa socho ki sare musalmmano ko mar dalo sabko yahan se bhaga do to ” U=Terrorist”

      “Jai HInd
      Vandematram “

    • hindurulesmuslim says:

      bhai mai ek jaat hoon aur mai tumhe pranam karta hoon tum sache hindu ho aise hi hum sab hinduo ko apas ke baatein bulakar in musalmano ki maa bahan ek karni hai

  8. What is islam says:

    Bhai ye to kami tum logo me ki tum me akal kam hoti hai .. Dekho parde wali baat PRADA AURAT PER KABO RAKHNE KE LIYE NAHI HOTA , TUM KHANA DHAK KAR KYU RAKHTE HO ISLIYE KAHI KHANA ISSE BHAAR NIKAL KAR BHAG NA JAYE ” NAHI BETA ISLYE RAKHTE HAI KI KAHI USME GANDAGI NA GIR JAYE , KAHI USPER mAKHKHIYA NA BHET JAYE YA ” Khana=aurat ” And Makhkhiyan=Mard jiske fitrat hoti hai aurat ki taraf akrshit hona i hope ki tumhe samajh aa gaya hoga ki parde ka kaya matalb hai,

    Aur Pakistaan Musalmaano ne nahi aapke pandit “jawaharlal nehru ne alag krawya tha ” ye muslaamno ki chahat nahi thi ki alag alag ho jaye ye to sab politica thi .. jisme tumhare jaise andhe aaj tak pis rahe hai , aur jo ye quran ki ayate pad rha hai na , wo bhi koi kafir hai jo iska translate kar raha hai me link bhejta hun , pad lena

    http://www.quran .com
    and for hadee
    shttp://www.guidedways.com/book_display-book-8-translator-2-start-120-number-3350.htm

    dusro ki baatein kyu sunte ho kud pad lo aur faisela kar lo

    • hindurulesmuslim says:

      bhai tu to bahaut bada chutia hai tujhe english main bhi gali de sakta tha par usme wo maja nahi aata tu aurat ko khane a compare kar raha haisaale tum reservation par education aur naukri paane walo jawahar lal nehru ki baat to aise kar raha hai jaise wo chutia md ali jinnah teri maa ka dalal ho aur saari baat tujhe aakar batata ho sun be chutia tere us chutia zakir aur tere allah ko itne knowledge nahi hogi jitni mujhe hai ab sum yea to rahi history ki baat rocket science se laker ek sui tak jis cheez main bahas karni ho bata dio

  9. xylocaine95 says:

    in reply to-‘WHAT IS ISLAM’

    aap ki baate lgti bdi pyari hai,but kdve sch se koso duur hai,mai dil se smman krta apki baato aur trko ka but vidmbna ye hai ki apke koum mai aap jaise muslmaan ko hi tou kaafir khte hai,ap ek scche muslmaan hai hi in.vandematrm kh kr aap kyu naraz krna chahate hai apne un islamic thekedaro ko jo is bhasha ko smjhte ni hai. apka ye vichar kuch hzar musalmano ka ho skta hai,but aap jaiso ki apke islam mai hi koi value ni hai.
    rhe baat mere hrigan hone ki,tou bta du ki mere ram ne kbi kisi nichli jate ka apman ni kra,unhone kbi war kai baad aurto ko maal ki trhe btware ka sndesh ni diya.so mujhe grv hai ki mai hindu hu.ho skta hai ki unchi neechi jati ki buraiye ho jo ki hmne khud bnaye hai,but tum tou ekeshwar wadi ho fir islam mai kyu upper lower castism aa gya .esse mujhe koi frk ni pdta hai,
    ye khna ki hum pthr ko,soorj ko,janwro ko ya ye khe ki hr cheez ko kyu poojte hai tou esko bhudevwad kha jata hai,jo sansar ka kun kun mai bhgwan ki moort dekh leta hai,ye jeevan jene ki ek pddti hai,jisko ek ekeswarwadi kbi ni smjh skega.aur chooki tum sirf kutrk hi doge so tmse kya behas kre,hindu dhrm ek swabhawik sanatan dhrm hai,jo sda prem kai bl pr flta foolta aaya hai,usne apne prsar kai leye moohmd ki trhe arab mai tlvar ki trhe ktleaam ni mchaya.tum es dhrm ki mhanta ni smjh skte ,kyuki tum vastv mai islam kai mansik gulam ho,jo tmko apna swebahvik vikas krne se ,apne kmiya khojne se rokta hai,HME CHALLANGE KRNE SE PHLE KBI SOCHA HAI KI TMHARA ISLAM KYU TMKO APNE DHRAM PR KUCH BI PRSHN KRNE SE ROKTA HAI….KYUKI ITNI KMIYA AUR VIKRITYIA BHRI HAI ISLAM MAI KI GR TUM LOGO KO MOHHMD AZADE DEY DETA PRSHN UTHANE KI TOU PRDA NA FASH HO JATA UNKA.
    TBI TOU TUM MATR EK-SALMAN RUSHDEE,YA EK -TSLEEMA NSREEN KO SHN NI KR PATE.kyuki kayar hai islam jo drta hai apne hi visleshan se ,kyuki khamiyo ka bhandar hai islam,aurt ko lant bhri jindgi dene vala dhrm ni matr ek nirmool vichar dhara hai islam.ye kya tuk hai ki allaha prshno se pre hai,mohhmmd prshno se pre hai.ku pre hai bhai,gr tm allaha ho tou tum jimmedar bi ho ,aur hud dekho jo prgtivadi musalman islam se prshn kre ,iske buraiya btae tou EESH NINDA ya ftve uske khilaf jari ho jate hai.SO YE TOU SAAF HAI KI BDLTE WQUT KAI SATH ISLAM KO 2 MAI SE EK RASTA CHUNNA HI PDEGA YA TOU USKO MEEMANSA KA AVSAR ,AATMVISLESHAN KAI LEYE TYAR HONA PDEGA YA FIR USKO SBHYA SMAJ SE HTNA PDEGA ,KYUKA AAGE AANE VALE SMAY MAI ISLAM KI YE MDHYEKAALEEN MANSIKTA SBHYE SMAJ NI SHEGA.
    AUR YE KHNA KI HUM KEVAL -OM KO ku ni poojte tou bhai es pe tou maine khud bhas ki aur muh bnd kiya tmhare pthbhrstak -zakir naik ka mumbai ki urdu peace conference mai,so kya smjhana tum logo ko baar baar ,vo bi vha ye hi bkwas kr rha tha ki hindu kai -64 crore devi devta kha se aaye,bla..bla..bla…….
    usko bi ye hi smjhaya aur vo chup re gya aur tmko bi khta hu ki – HINDU DHRM EK SANATN DHRM HAI,JISKA PRVRTK AGYAT HAI ,ESLEYE YE DHRM HAI,tmhara ISLAM DHRM NI HAI,YE KEVAL PNTH HAI,AUR DHRM – PNTH MAI BHUT FRK HAI,kyuki tmhare dhrm kai prvrtk-mahmmd thai,jiska prvrtk insan ho vo pnth hai.,unke phle islam khi ni tha ,ab tum doge – hdeeso kai example etc. etc. but cultural aur social basis pr koi prmann islam kai prapt ni hai.ab tum aayte ginao ya fir kuch aur ,sch ye hi hai,
    aur ye hi maine zakir se kha tha aur tmko bi khta hu ki hmara dhrm hr chez mai eswar ko dikhata hai,aur hmara dhrm ekeswarwad evam bhudevwad dono ko manta hai,so hmara dhrm isnsan ko swebhavik vikas ka moka deta hai,tumhari trhe hm mjboor nihai.gyan tmko prapt krna chahiye,jo COMPARATIVE STUDY (ZAKIR NAIK) KR BI RHE HAI TOU LOGO KO MISGUIDE KRNE KAI LEYE AUR NFRT PAIDA KRNE KAI LEYE.rhe baat bhavna ki tou ye bahavna hi tou hai ki aam hindu ajmer ki drgha pe bi matha tekta hai,ye takat hai hmare hzaro saal purane sanatan dhrm ki,es BHAWNA KAI BL PE BUDDHA NE POORE SOUTH ASIA KO KHOON KA EK KTRA BI BHAYE BODDH BNA DIYA,UNHONE TOU MOHHMD KI TRHE KTLEAAM NI KRA THA,YE HI TOU KMI HAI ISLAM KI KI VO SIRF KHUD KO ESHWAR KA SCCHA MARG SMJHTA HAI,na kisi ko janna chahata hai,aisa na smbhav hai,aur na ye ko arab ka kbilaye smay hai ,na mughal kaal hai,ab ye ni sha jayga ,aur ungliya uthege hi uthege,aur islam ko khud ka aatmmanthan krna hi hoga,gr usko apna astitv rkhna hai,(ye mt kho ki hum tou dunima teje se bdh rhe hai,aaj kai jmane mai km bi utni hi teje se hi hote hai)
    ye hme hmarre dhrm se prapt azadi hai jisko tum kbi smjh hi ni skte,tum smjh hi ni skte so kya sr marna tmse.
    fir bi itna khta hu dost ki tmhare jaise soch rkhne vale islam mai khoob bdhe ,taki islam ka klyan ho ske ,

    ALLAHA HO AKBAR.

    • What is islam says:

      han bhai …tumne thik kaha ki mere jaise muslaano ki koi jagah nahi hai …lekin ek baat galat kahi ..ki islam me jagah nahi hai ..nahi islaam me khub jagah aise muslaamano me jagah nahi jo hindu ke dilo me muslmaano ke liye zaehar ghol rahe …..dost tumne kaha na ki tmhare jaise muslamaani islaam me bade ..me kehat jis din hum sab muslaamaan ho jayenge na …sab mere jaise hi honge ..rahi prshan ki to aap aur hum koi scholar nahi hai kisi dhram ke …na aap mere dharam ke bare me jante ho na hi me aap ke dhram ke bare ..hum sirf ek layer jante hai bus wo hi jaan kar ek dusre ke upar ilzaam lagate rehte hai …meri slah mano…..ek baat batata hun..jo bhi islamic history me hung hui thi quran me wo verses hai jab jung hoti thi tub vo verses khuda ki traf se ati thi …to jung to hindu history me bhi hui thi ek to bahut mashhooor thi “Mahabharat” Voilence to donomke dharam me hua na ” mene ye baat to keh di lekin is ke peeche kya baat hui kya reson th ye janna zaroori hai ” mujhe bhi aur aapko bhi ” Dost agar tum kuch samjhna hi nahi chahte to Isme me kya kar skat hun ..tumne jo dimag me bheeta liya so bheeta liya ..hum hindustaan ki nojwaaan hai ..agar hum aise soch rakhnege to kya hum kabhi in cheezo se upar nikal kar aynge …

      ME MANATA HU KI KOI SA DHARAM KOI GALAT SANDESH NAHI DETA
      BUS DIVERSION MYTHOLOGIES CONCEPT KI WAJHA SE ATE HAI
      “TO ME MANTA HUN KI SABKO APNA APNA DHRAM NIBHANE DO”

      AAJKAL ISLAAM MUSLAANO KI WAJAH SE BADNAAM HAI NA KI ISLAM BADANAAM IN DONO BATON ME BAHIT FARK HAI

      “NICE TAKING TO YOU”

      I HOPE U GOT MY OPINION

      “ALLAH -O-AKBAR
      VENDEMATRAM
      JAI HIND ”

      ( NOTE:_YE SAB CHEEZE HUM YOUNGSTERS KE LIYE NAHI HAI …SOCH BADLO
      DESH BADLO “)

  10. Non Muslim sisters Accepting Islam 2011 Live On Peace Tv

  11. Allama Jalaluddin Qasmi Topic Islam Me Aurat Ka Muqaam

  12. Allama Jalaluddin Qasmi Topic Waldain Ke Huqooq

  13. Rajveer Rai says:

    what is islam ji , mujhe dusare dharma se koi aapati nahi hai par abhi kuch dino pahale ki baat hai mere ek muslim friend ne mujhe islam kabul karane ke liye kaha , ab aap hi batanye jab wo aisi bate karate hai phir isase communal tension nahi badega to kya hoga , mene usase aaj tak nahi kaha aapka dharm galat hai ya hamara dharm mano par usane jo kaha kya wo sahi hai aap hi batao .kya ye muslmano ki katarata nahi hai ki jab baat dharm ki aati hai to aap desh ko , bhaichare sab ko bhula dete ho , pakistan me aap hinduo ki halat dekh sakate ho .

  14. xylocaine95 says:

    in reply to -WHAT IS ISLAM

    ye bhai chara kbi ektrfa ni hoga .tmko aage bdhna hoga.apne dhrm ki glt bato ki ,hindu girls kai forcefully and bhlafusla kr kiye jane vale conversion ka virodh kro khul kr,apne dhrm ki un bato ka virodh kro jo musalmano ko doosro pe attack krna sikha rhe hai……..itna hi bhaichara chahiye tou SHREE RAMJANMBHOOMI PE SE APNA DAVA KYU NI CHOD DETE,kya croro hinduo ki bhavna aur dil jeetne kai leye tum log itna ni kr skte.tm logo kai leye jbki koi mhtv bi ni us vivdaspd danche ka???jbki croro hinduo ki aastha ka prteek hai vo bhoomi….kya dikha paoge bhaichara???kevl meethe meethe bate likh dalne se ekta ni hoge.jo tmhare LEYE MKKA MSJID HAI KYA VAISE HI HMARE LEYE AYODHYA NI HAI???
    SO i cn catch ur opinion only if u procceed furthur on the hard land of implementation.
    tali ek hath se ni bjti hai.phle apne dil kai drvaje kholo,jo kisi kai leye ni khulte hai.

    • Pata hai tum pura dosh hume dete ho , tumhare ek bhi post me zara bhi narmayi nahi ayi , aur muslmaano ko dil ke darwaze na kholna , ya mil milkar nahi rehna yebhi ek wajah hai ,mene tumhe smajhane ki koshish ki lekin tumare muh se sirf zehar ke alawa kuch nahi nikalta , tumko hazaar baar bola ki jin baaton se tumhre vichar islaam ke baare me bane pehle tume un baaton ko pukhta to kar lo ki wo Islaam me hai ya fir katmullyon ki banayi hui koi reet hat hai…sirf tum chahte kya ho. isme ayodhya aur makka ki baat nahi hai , Ye sab politics Jo DHrmpradhan ke kaam the jisme tum logo jaise ne hissa liya ..mujhe to koi matalb nahi Babri masjid se,…Dil karta hai tumhare jaise logo ke saath tali bajani hi nahi . jiske zehan me bus dusre dhram ke khilaaf zehar bhara ho ….

    • rajveerrai says:

      jab tak ye thode hai tab tak ye hamare bhai hai , jab ye barabar aa jayenge tab hame hi mahare desh se nikalane ke liye kahenge ya phir ek aur vhibhajan .

  15. islam main aurat ka maqaam by mulna tariq jameel

  16. xylocaine95 says:

    phle bi kh chuke ki en videos se kuch ni hoga IBRAHIM MIYA.
    YE JO MULLHA BAITHA RKHA HAI NA AUR JO YE BDI BDI BATE KR RHA HAI ISLAM MAI AURTO KI ACCHI HALAT PE ES SE POOCHO KI PHLE YE BTAYE KI ISNE KHUD APNE KAUN SE SISTER SE SHADI KI HAI!!!APNE MAMA KI LDKI SE SHADI KE HAI YA MOUSI KI LDKI SE!!
    ARE JO MJHB YE MORALITY TK NI SIKHATA KI BAHAN KI IJJT KYA HOTI HAI ,KYA MJHB HAI VO,
    JISKO AAPA AAPA bchpn mai khte ho jawan hone pe usko hi bistr pe apne neeche bicha lete ho.KEVAL YE HAI ISLAM MAI AURAT KI BDKISMTI .SMJHE.
    aur sch khey tou isme tm logo ka bi koi dosh ni hai vo tmhara mohhmd hai na ,jb KHUD USNE AISE KUKRM KIYE THAI TOU fir vo tmko bi tou vaise hi krne ki choot dega hi dega.
    apne gndgi ko tum nkar ni skte ho.aur 4-4 shadi ku aurto ki jindgi brbad krna bi tou ye islam hi sikhata hai.
    aurt ko 3 baar talak kh kr brbad bi tou ye evil islam hi krta hai.
    aurt ko apne pti kai haram krva kr doosre aadmi kai sath bistrbaji kai baad pti kai acceptable bnane ka hukm bi tou ye islam hi deta hai.
    kya nkaroge in buraiyo ko ??
    are kya jwab dega ye video mai baitha mullha in bato kai.kuch ni.sirf kori bdi bdi bate,aur kuch ni.
    sch ye hai ki aurt ka sbse bda dushman hi islam hai.jo usko sex ki aag bhujhane vale se jyada ka drja kbi ni deta.
    so ye faltoo kai video daal kai kyu apna time kharab krta hai.
    ISLAM IS THE EVIL SPIRIT OF WORLD.ye koi dhram ni sirf sex aur ldai kai bl pe loot maar krne vale arab kai lootero ka gang tha .aj kai modern world mai aise narrow minded aur medivilian mansikta kai PNTH ka sbhye smaj mai koi place ni hai.

  17. xylocaine95 says:

    in response to-“Syed Abuzer Ali”
    mhodaya jher kyu na bhre.kyu na bhre .hmare apne desh mai hmare sath anyaye hoye aur hum tmhare meethe bato pe apne dil ko tssli dey.kbi bi ni.aap librel ho skte hai. I RESPECT U AS A GOOD PERSON.but ye hi kafi ni.
    humare dil milege kevl tb jb tmhare mjhb vale gou( cow) mata ko marna bnd kre.poocho ja ke hydrabaad ka usmaniya uni. vale muslmano se ki kyu -çow flesh- mhotsv manaya tha unhone ,hmare bhavna dukhane ko,kyu ni vha RAMNAVMI mnane di gye???fir baat krna ki mere post mai nrmai kyu ni aate,
    jake poocho haal un hzaro KASHMIRI PANDITO ka haal jo kashmir mai apne hi jmeen se bedhkl kr aj delhi mai refugee camp mai rhe rhe hai.kaise na aakrosh se bhre hm.
    desh kai kisi bi aandoln mai kha dikhta hai muslim smudaye,jaise ANNA HAZARE aur BABA RAMDEV kai aandoln mai kyu ni shamil hote tm log.kya is desh kai nagrik ni ho???ya bhratachar keval hinduo ki smasya hai.
    “SHAHA BANO KAI CASE MAI TUM LOGO KO SHRIYAT KAI KANOON YAAD AATE HAI,KI HMARA MJHB KA KANOON CHLEGA,INDIAN CONSTITUTION HUM NI MANEGE;aur us bechare lachar aurat ki jindgi us mullha RAJIV ki mdd se brbad krva dali………….AUR IN MUSLMANO KA DOGLA CHARITRA DEKHO KI JAB BAAT RESERVATION KI AATE HAI TOU INKO INDIAN CONSTITUTION YAAD AATA HAI,TB INKE MULLAHA MOLVI AUR NETA ARTICAL 14,25,30 KO MEDIA MAI UCHALTE HAI..KYU BI AB KHA GYI TMHARE SHRIYAT KAI KANOON.JB BEJA FAYDA UTHANA HO TOU CONSTITUTION KO KURAN SE BI BDA MAAN BAITHO!!!!YE sb ni chlega.SCCHAR AAYOG YA RANGNATH AAYOG KI REPORTS KO TMHARE US ALLHA KA FRMAN NI KI JO lagu hi ki jaye.are kuch vikas hi krna hai TOU PHLE – BCHHO KI FOUG KO PAIDA KRNA BNMD KRO…..,EED KAI NAAM PE BEJUBAN JANWARO KA KTL KRNA BND KRO PAPIYO…..EN MDRSO KO BND KRO,DEVBND JAISE TMHARE PTHBHRSTK SANSTHA PE LGAM LGAO JO TUM LOGO KO KBEELAI SANSKRITI SE AAGE NI BDHNE DETE……..,APNE AURTO KO KHULI SANSE AUR KHULA AASMAN DOU AAZADI KA….TB KHNA KI MAI LIBERAL BNU TMHARE ES ISLAM KAI LIYE.JISME BURAYIO KAI SIVA AUR GHUTAN KAI SIVA KUCH NI HAI.
    so ye mt kho ki hmare dil ni khulte,ya hmara vyevhar tmko nirash krta hai.socho kshmiri pndit agr apne jmeen vaps pane ko A.K.47 utha ley tou kya hoga?? so phle khuch tou aisa kro ki lge ki tm log BHARAT desh ki mainstream ka smman krte ho.khud alag thlag rhte ho.
    so again blog mai meethe meethe bate bnane se kuch ni hoga .kuch aisa kro ki lge ki tum es desh ki majority kai sath sheyog krna chahate ho.
    DUNIYA MAI 122 se jyada christan country hai aur 85 se jyada muslim country hai tou 100 crore hindu kai leye ek hindu rastra kyu ni??????????
    SO HR WQUT ADHIKAR KI BAATE MT KRO KBI APNA KRTVYA BI NIBHO.

    AND after this post mujhe tumse koi bhas ni krne hai.ye keeda dimag se nikal feko ki bs islam hi shrest hai.es era mai koi ni shega tmhare dhrm ki mdhyakaleen mansikta ko.aur smjhao apne kathmullaho ko ye ek matr satya hai “HINDUSTAN TB TK HI PSEUDO SECULAR HAI JB TK YHA KA HINDU SECULAR HAI,UDAR HAI,BHOLA HAI.TUM USKO KTTAR BNNE PE MJBOOR MT KRO.VRNA ABKE BAAR 1947 KI GLTI NI DHORAYE JAYGE!!!!
    BHARAT MATA KI JAI,
    VANDE MATRM

  18. प्रीय पंडीत जी,
    कहॉ है हमारा धर्म? हमारे धर्म की विविध जातीयों मे झॉको और अन्य धर्मो से हमारे धर्म की तुलना करो।
    सरिता पत्रिका में छपे साक्षात्कार में फ़िल्मकार नीतू जोशी जी ने अपनी जिस रिसर्च का जिक्र किया है, के निष्कर्ष और सतीश दुबे जी के उपन्यास-”डेरा बस्ती” के अनुसार माने तो आज भी भारत में कुप्रथाअऎं कम हो गई हैं ये भ्रम ही साबित होता है। हमारे मध्य प्रदेश से सटे रतलाम,मंदसोर और नीमच में “बाछड़ा” नाम की जाती के लगभग 150 गांव हैं। ये जानकर आश्चर्य होगा कि इन 150 गांवो में जब कोई लड़की पेदा होती है तो उसके जवान होने से पहले ही खुद उसकी मां वेश्याव्रत्ति (धन्धे) पर लगा देती है और एक ताज्जुब की बात ये है कि उसकी मां ही खुद पहला ग्राहक ढूंढने के लिये बोली लगवाती है। जो सबसे ज्यादा बोली लगाता है उसी आदमी के साथ लड़की को रात बितानी पड़ती है और इसी प्रकार गांव की हर बेटी वेश्याव्रत्ति की दलदल में फ़सकर रह जाती। जब लडकी के लिये पहला ग्राहक मिल जाता है तो इस दिन को सारे गांव वाले “बाछड़ा” जाती के लोग एक शादी की तरहं मनाते।

    • मित्र समय और परिस्थिति के अनुसार ऐसा होता है, जहा पर भूख गरीबी होगी वहां पर आपको ऐसे प्रसंग सुनने को मिलेंगे पर आपका ये कहना की ये हिन्दू धर्म से जुडी प्रथा है, गलत है,
      मैंने आपसे पहले भी कहा है की आप केवल और केवल इस ब्लॉग पर अपने कमेंट्स डालना चाहते है ताकि यहाँ पर आने वाले लोग आपके कमेन्ट पढ़े और तरह तरह की गलतफहमी पाले,
      वैसे भी आपने बाते तो सारी कह दी पर एक भी प्रमाण अभी तक नहीं दिया है, आपने कहा की १५० गाँव में ये वेश्यावृत्ति की प्रथा है, तो क्या हमारे धर्म ग्रंथो में लिखा है की ऐसी प्रथा हो, या लोगो को ऐसी कुप्रथा के साथ जीवन यापन करना चाहिए,
      मैं आपसे अब भी कहता हु, यदि आप कमेन्ट करते है तो प्रमाण दे, थोथी दलीले मेरे समक्ष प्रस्तुत न करे, अगर आपको सच में ही ऐसे कुप्रथाओं पर आपत्ति है तो आपने खुद ऐसी कितनी प्रथाओं का विरोध किया है जिसके बारे में आपको पता है, क्युकी मुझे ऐसी प्रथा का पता नहीं है और मैं हरियाणा से हु, जहा पर ऐसी कुप्रथाए अब केवल खाप तक ही सिमित रह गयी है और आपकी जानकारी के लिए बता दू की ऐसी प्रथाए चाहे वो कन्या भ्रूण हो या बल विवाह, ऐसी प्रथाए समय के साथ ख़त्म होती जा रही है, हरियाणा में आज भी सबसे अधिक कन्या भ्रूण हत्या हो रही है, पर नई पीढ़ी में सोच बदल रही है और आने वाले २० साल में ये कुप्रथा स्वत: ख़त्म हो जाएगी,
      पर यदि आप सच में हिन्दू है तो आये और मेरे साथ मिल कर इन कुप्रथाओं के खिलाफ मिल कर काम करे,, आप दिल्ली के अखिल भारत हिन्दू महासभा के कार्यालय में मुझसे मिल सकते है, और अखिल भारत हिन्दू महासभा ही इन सभी कुप्रथाओं के खिलाफ लड़ रही है,
      जय श्री राम…

      • नही तो इसका कोई इलाज नही।
        ब्रम्हा ने सरस्वतीसे बलात्कार किया, देवदासी प्रथा के नाम पर धार्मिक अनुष्ठान प्राप्त कर दलीत युवतीयों के साथ निरंतर बलात्कार हो रहे है, ऐसी बातो का प्रमाण देने की कोई आवश्यकता नही लगती यह तो बच्चा-बच्चा जानता है। फिर भि आप कहते हो की मेरे संज्ञान ‘मेरे ऐसी कोई प्रथा नही’, ‘थोथी दलीले मेरे समक्ष प्रस्तुत न करे’……. आदी। आपको मेरे हिन्दू होने पर प्रश्न है तो क्या आपने हिन्दू धर्म का ठेका ले रखा है? मेरा हिन्दू धर्म किसी भी परिस्थिती मे किसी अन्य धर्म पर किचड उछालना नही सिखाता…….!!
        वन्दे मातरम्…जय हिन्द…. जय भारत…

      • वाह मित्र, पहले ये तो बताये की ब्रह्मा जी और सरस्वती में सम्बन्ध क्या था, क्या पति पत्नी के बीच के सम्बन्ध को आप बलात्कार की दृष्टि से देखते है, फिर तो शायद आपके पिता जी ने भी बहुत बार बलात्कार किया होगा??
        रही धर्म के ठेके की बात तो धर्म कोई वस्तु नहीं की मैं उसका ठेका लू, आप चाहे तो धर्म रक्षक कह सकते है और रही कीचड उछालने की बात तो मैं इस्लाम के विद्वानों को उन्ही की भाषा में उत्तर दे रहा हु, पिछले हजारो सालो से वे सनातन धर्म पर कीचड ही तो उछाल रहे है, मैंने कीचड उछाल दिया तो मिर्ची लगनी शुरू हो गयी, किसी भी परिस्तिथि में धर्म की रक्षा करना हर हिन्दू का कर्तव्य है और यही मैं कर रहा हु, मुझे मेरे धर्म ने ही सिखाया है की संकट काल में कभी धर्म युद्ध से तटस्थ न रहे, गीता में भी भगवा कृष्ण ने यही कहा है की धर्म की हानि अधर्मियों के बढ़ने से नहीं धर्म परायण लोगो के चीर निंद्रा में चले जाने से होती है, ऐसी स्तिथि में जो भी धर्म से अलग तटस्थ रहेगा वो एक प्रकार से अधर्म के पक्ष में ही हुआ, अब आप बताये क्या सही है क्या गलत???

  19. प्रीय पंडीत जी, कृपा करो महाराज हमारे comments बिच-बिच मे गायब हो जाते है, जरा ध्यान दे कर इन्हे जारी रखे।

    • आपके कमेन्ट कहीं गायब नहीं होते, केवल समय लग जाता है उन्हें सहमती देने मैं, क्युकी मैं काफी दिनों के बाद ब्लॉग पर ध्यान देता हु,,, इसलिए अपने कमेन्ट भी आप वही ढूढे जहा पर आपने किये हो,,,

  20. ह्म्म्म, बहुत बढ़िया मित्र, अर्थात आपने अपने उत्तर से अकबर जैसे महापापी महाधर्मद्रोही को एक हिन्दू रक्षक नारी रक्षक और पाखंड को ख़त्म करने वाला बताया है,
    पहले ये तो जान ले की अकबर महान था भी या नहीं, ये महानुभाव ने अगर वो स्त्रिया बचा भी ली(आपके कथा अनुसार बचा ली, मेरे अनुसार चिता से उठा ली गयी) तो उसके बाद क्या होता था ये तो बताये,, क्या वो सभी स्त्रिया अपने घर जाती थी या अकबर के हरम में,,, अकेले अकबर के हरम में १६००० हिन्दू औरते थी और आप उसे नारी रक्षक कह रहे है, क्या आप मुस्लिम आक्रमणों से पहले भारतीय समाज में ऐसी किसी भी कुरीति का प्रमाण दे सकते है,
    आपने अलाउद्दीन खिलजी का नाम तो सुना होगा, उन्होंने तो रानी पद्मावती के रूप की प्रशंसा सुनकर उन्हें देखने की इच्छा जताई, और उन्हें अपनी बहन कर कर संबोधित किया,
    पर रानी को देख कर उनके सौन्दर्य को देख कर तो उनका मन मस्तिष्क खराब हो गए और पुरे चित्तोड़ को ही मिटटी में मिला दिया, रानी ने अपनी सखियों के साथ चिता में समाधी ले ली ताकि उनके सतीत्व की रक्षा हो सके, अब आप बताये क्या मुसलमान इस प्रथा के लिए उत्तरदायी नहीं है,,,

    • यदी यह सत्य होता तो अकबर के हरम से क्रोधीत होकर एक भी हिन्दू उसका साथ न देता। किंतू आपको मालूम हो की, अकबर की संपर्ण प्रगती, उन्नती और विकास मे हिन्दू राजपूत योध्दाओका महत्वपर्ण योगदान था। यदी वह हिन्दू धर्मविरोधी होता तो कौन हिन्दू उसका साथ देता? इतिहास के पन्नो मे दिखाई देता है की, अकबर ने संपूर्ण सतीबंदी की थी, ना की एक-एक कर किसी सती को चिता से बचाया। हमें यह सत्य स्विकार करना होगा की किसी सती की सहायता के लिये कोई ब्राम्हण, पंडीत कभी नही आया। इस चुनौती को स्विकार करने की अकबर ने पहल की है। सत्य चाहे हमारे दुश्मन का ही क्यो न हो सत्य तो सत्य है। वन्दे मातरम्…..!

      • सही कहा आपने, अब आप ये बताये क्या आपने लव जिहाद के बारे में सुना है नहीं सुना तो थोडा बहुत उसके बारे में पढ़ ले, अलाउद्दीन खिलजी ने तो बलपूर्वक हिन्दू नारियो पर प्रहार किये थे और उनके सतीत्व से खिलवाड़ किया था, पर अकबर ने प्रेमपूर्वक ये कार्य किया था, चूँकि ये भी कुरान की अल तकिया का ही एक नियम है की यदि काफ़िरो को आप तलवार के जोर पर ख़त्म न कर सके तो उनके बीच रह कर प्रेम पूर्वक उन्हें ख़त्म करे, अल तकिया में झूठ बोल कर छल से धोखा दे कर और मित्रता के बहाने काफ़िरो को नष्ट करने का उपाय बताया गया है,,, अब आप ये बताये की अकबर ने उदय पुर की महारानी देवी भगवती को छल से एक फल वाले की दूकान में बुलाया, पर रानी उसके छल को समझ गयी, उन्हें तत्क्षण अपनी कतार निकाल और कूद कर अकबर के गले पर लगा दी, अकबर ने उसी समय क्षम याचना की, तब रानी ने कहा की मैं राजपुताना हु और मुझे उन राजपूतो की तरह मत समझना जो अपनी बहु बेटियों को तुम्हारे हरम में भेज देते है, मैं केवल और केवल राजपूतो की बहु हु और उन्ही की रहूंगी,
        अब आप बताये क्या अकबर महान था, इतिहास भी यही कहता है की ५००० हिन्दु औरतो को अपने हरम में एक समय में रखने वाला अकबर बहुत बड़ा कामुक और तामसी प्रव्रत्ति का व्यक्ति था, पर इतिहास को कुरूप करने में वामपंथियों ने कोई कोर कसार नहीं छोड़ी, आप मेरे ब्लॉग के पुस्तकों के के संकलन में एक पुस्तक है वो पढ़े – “भारतीय इतिहास का विकृतीकरण”, तब शायद आपको समझ में आएगा की सच क्या है,,,

    • xylocaine95 says:

      IN RESPONSE TO -manojsharmaratlam5

      manoj sharma jaise hinduo kai leye bs itna hi khna hai ki Hindu Dhrm se itna sharminda ho tou just leave it. kisne roka hai tumko.jao, aur jakr islam kabool kro. lekin hindu dhrm pe itna sharminda hone se phle ye bi jan lo ki ye tmhara soubhagya hai ki tum hindu ho so apne dhrm ki itne burai kr pa rhe ho,ye khushnasibi tmko keval hindu dhrm hi deta hai.gr islam mai hote tou eeshninda ka aaropo pe ab tk tum pe na jane kitne fatve jare ho jate.so tm hindu dhrm ko aaina dikha rhe ho tou hmko koi aachriya ni hai kyuki sdiyo se hindu dhrm ne apne aalochko ko gle lgaya hai.tum koi naya kaam ni kr rhe ho. tum se phle BUUDDHA na jane kitne kamiya hindu dhrm mai nikal chuke thai,but es dhrm ne usko bi apne ek dhara maan kr sweekar kra hai.
      jis sati prtha ki tum baat kr rhe ho,vo kbi bi hamare mool dhrm ka hiissa ni rhe hai.parvti jrur yag kund mai jle thi but vo shiva kai kai mrne kai baad ni jle thi.smjhe.aur uske baad shiva ne duniya ka sanhar kra tha.unki ptivrta kai karn unko sti kha gya tha. jis chita pe jlne vale sati prtha ki tum baat kr rhe ho vo ek samajik burai thi smjhe ,AUR TMHARE AAANKE KHOLNE KAI LEYE AUR R.C.SHARMA JAISE COMMUNIST ITIHASKARO KA EKTRFA ITIHAS PDHNE VALO KO ABI BHUT STUDY KI JRURT HAI -JRA JAKE PDHO Prof.AASHIRVADI LAL SHRIVASTV KE ANCIENT HISTORY KI VO BOOKS JO US PSEUDO SECULARIST NEHRU NE KBI SYALLABUS MAI HI NI LGNE DI,——JISME SAAF SAAF BATAYA GYA HAI KI JIS SATI PRTHA KI TUM BKWAS KR RHE HO AUR ADHOORE GYAN KAI KARAN APNE HI DHRM KO UNDERESTIMATE KR RHE HO VASTV MAI USKE SHURVAT – JOHAR VRT KAI ROOP MAI HUE THI.AUR VO BI TMHARE “MAHAAN AKHBAR, AURNGJEB “JAISO KAI ATYACHAR KAI KARAN.
      RAJPOOTANE MAI YE SBSE PHLE SHRU HUA,RAHPOOT RAJAO KAI HARNE KAI BAAD MUSLMAN AUR MUGALO KI HAWAS SE KHUD KO AUR APNE BCCHIYO KO BCHANE KO RANIYA CHITA PE JL JATE THI.BAAD MAI ESE CHEEZ KO AAM JANTA NE BI APNAYA APNE AABRO KO LUTNE AUR UNKO EN MUSLMANO KAI HARM KI NARKEYE JINDGI SE BHETR UNKO CHITA PE JINDA JLNA AASAN LGTA THA.
      KHAIR MR. MANOJ TERE JAISE HINDU KO SMJHANA BEKAR HAI ,I KNOW BUT FIR BI KHTA HU-
      1- ES cheez se ye soch ki kita dr aur aatank en muslmano ko tha.aur tu hmlo sikhata hai ki hamare maa bhne unko ehsan mane .just shame on urself .
      2- aadhe adhre gyan kai aadhar pe hamare mahan hindu dhrm pe ilzam mt lajao.are hmne tou inke us jakir naik ki bolte bnd ki hai jo inki nzr mai aj inka sbse bda scholar hai.
      3-FIR KBI MT KHNA KI HINDU DHRM NE MA BHNO KA APMAN KRA HAI.ARE YE DRMA US KRISHNA KA HAI JO DROPDI KI LAAG BCHATA HAI,US SHIVAJI KA HAI JO JEETNE KAI BAAD MUSLIM LDKIYO KO SATH LANE PE APNE SARDARO KO SJA DETE HAI,AUR UN LDKIYO KO BAHAN KA DRJA DETE HAI,
      ARE TUM KYA JANO KI HINDU DHRM KITNA MAHAN HAI.YE ES HINDU DHRM KI MAHANTA HAI KI VO TUM JAISE USKO HI GALI DENE VALE KO SWEKARTA HAI,APNA HISSA MANTA HAI.VRNA ISLAM MAI HOTE TOU AB TK SHAYD JINDA NA HOTE.HUM VAKYE SHARMINDA HAI KI TUM JAISE HINDU BE HAMARE BEECH HAI.
      FIR KBI MT KHNA KI TMKO HINDU DHRM PE SHRM AATE HAI.VRNA LEAVE IT ,ROKA KISNE HAI.
      VRNA.

      “GRV SE KHO KI HUM HINDU HAI.”

      • मित्र मैं ये भी देख रहा हु की आप केवल और केवल सनातन धर्म में हि खोट निकालने का प्रयत्न कर रहे है, मैं आपको सभी प्रकार के प्रमाण दे चूका हु की ये सभी प्रथाए केवल और केवल एक इस्लामिक षड्यंत्र है, अंग्रेजो ने भी मुगलों के साथ मिल कर भारत के इतिहास और सनातन धर्म को दूषित करने में पूरी शक्ति झोंक दी, मैंने तो ये भी कह दिया है की आप मेरे साथ मिल कर इन कुप्रथाओ को समाप्त करे, अब आप क्या है और क्या चाहते है ये आप जाने, पर इतना तो है की आपका केवल एक उद्देश्य है, मेरे ब्लॉग पर केवल दूषित सामग्री डालना, चूँकि अब यदि आप बिना प्रमाण के कोई भी तर्क देते है तो आपके कमेन्ट को सहमती नहीं मिलेगी, आपसे पहले भी बहुत से मुसलमानों ने ब्लॉग पर अभद्र और अशोभनीय सामग्री डाली थी पर उन सभी को अलग करना पड़ा, आशा है आप समझेंगे और केवल प्रमाण सहित तर्क ही देंगे, यदि आपको लगता है की वेदों में ऐसा कुछ है तो वो भी आप हमारे समक्ष प्रस्तुत कर सकते है, पर ध्यान रहे केवल प्रमाण सहित तर्क,
        जय श्री राम,,,

      • To,
        Xylocaine95,
        खुद को आत्मसंतूष्ट रखनेवाला ज्ञान के सातों सागर आपने प्राशन कर आप अत्यंत ज्ञानी हो गये हो, परंती इस ज्ञान का उपयोग स्वयं को और हमारे चमचो को भी नही होता है और हमारी हँसी उडती है। ये सब लिख कर आपको सिर्फ आत्मसंतूष्टी हो गयी होगी परंतू झूट तो झूट है। जैसा की आपने बडी चलाखी से दुष्ट औरंगजेब का नाम मेरे कमेंट के साथ जोड दिया। जबकी मैने उस पापी का कही उल्लेख नही किया। मै फिर आप को बता दुं की गलत चाहे विश्व के किसी भी धर्म के क्यो न हो वह गलत ही है। मै किसी धर्मका एकतर्फा पक्ष नही लेता। जो खामीयॉ है वे है। जिस प्रकार औरंगजेब दुष्ट है उसी प्रकार अकबर महान है सो है यही सत्य है……
        हमारी संस्कृती यही सिखाती है की देश की जनता को गुमराह करने वाले सौ आस्तीन के साँप मित्रों से एक विर शत्रू लाभदायक है….!!
        जय श्री राम… जय सभी भगवान…!!! जय हिन्द…जय भारत….वन्दे मातरम…!

      • मित्र जो कार्य औरंगजेब ने तलवार की धार से किया वही कार्य अकबर ने प्यार से किया, पर दोनों का कार्य एक ही था, सनातन धर्म को समाप्त करना और मलेच्छ धर्म को भारत में स्थापित करना, फिर आप कैसे अकबर को महान कह सकते है, अब आपको मैं अकबर के बारे में थोडा विस्तार से बता ही देता हु, मेरे ब्लॉग पर पहले से ही कुछ पोस्ट्स है अकबर के बारे में,,,
        *क्या अकबर ने हिंदू राजकुमारियों से इज़्ज़त के साथ विवाह करे..नही एक से भी नही…जोधा बाई से भी नही ….ये सभी बलात उठाई गयी थी या फिर उनके बाप भाई को हिरासत मे ले कर दी गयी यातना बंद करने का एकमात्र शर्त पूरी करने का प्रतिफल थी….चाहे वो राजा भार्मल और उनके ३ राजकुमारों को यातना दे कर उनकी पुत्री को हरम मे भेजने को मज़बूर करना हो …इसके अनगिनत उदहारण है..सबूतों के साथ..
        * सबसे मनगढ़ंत किस्सा की अकबर ने दया करके सतीप्रथा पे रोक लगा दी..जबकि इसके पीछे उसका मुख्य मकसद केवल यही था की उनके राजाओं को मार कर राजकुलिन हिन्दू नारियों को अपने हरम में ठूंस दो….राजकुमार जैमल की हत्या के पश्चात अपनी अस्मत बचाने को घोड़े पे सवार होकर सती होने जा रही उसकी पत्नी को अकबर ने शमशान घाट जा रहे सम्बन्धियों को बीच रस्ते से ही पकड़ कर उसके सारे सम्बन्धियों को कारागार में डाल के राजकुमारी को हरम में ठूंस दिया था…..अगर वो दया वाला था तो ससम्मान उसके जिंदा सम्बन्धियों को समर्पित कर देता और जाने देता.
        *अकबर की प्रशंशा के गीत गाने वाला अबुल फज़ल -आईने अकबरी , को अकबर के समय के सारे मुगलों ने अकबर का एक नंबर का निर्लज्ज चापलूस बताया है
        * जिसके खानदान के सारे पुरावाज़ जैसे हुमायूँ , बाबर दुनिया के सबसे बड़े जल्लाद थे और अकबर के बाद के जहागीर और औरंगजेब दुनिया के सबसे बड़े दरिन्दे थे तो ये बीच में महानता की पैदाईश कैसे हो गयी जबकि इसके कुकर्मों के सारे साक्ष्य आज भी उपस्थित है ..लेकिन हम भारतियों की हालत वही है की
        * अकबर के सभी धर्म के सम्मान करने का सबसे बड़ा सबूत—-हिन्दुस्थान की सभी नदियों के किनारे छोटे छोटे घाट बने है , जहाँ हिन्दू अपने पर्व पे सरलता से स्नान और पूजा करते है लेकिन हिन्दू राजाओं द्वारा निर्मित allahabaad की किले में जहाँ ये रहता था….गंगा यमुना सरस्वती का संगम ( जहाँ कुम्भ का मेला होता आ रहा है) के किनारे के सारे घाट इस पिशाच मुग़ल ने तोड़ डाले थे…आज भी वो सारे साक्ष्य वह मोजूद है..
        अकबर के सभी धर्म के सम्मान करने का सबसे बड़ा सबूत—२८ फरवरी १५८० को गोवा से एक पुर्तगाली मिशन इसके एक और निवास स्थान फतेहपुर पंहुचा जहाँ उन लोगो ने इनको एक bible भेंट करी जिसे इसने बिना खोले ही वापस कर दिया…( मोदी जी के मुल्ला टोपी न पहनने पे बवाल मचने वाले सेकुलर इसके बारे में क्या कुछ बोलना चाहेंगे?)

      • To,
        Xylocaine95,
        आप का ज्ञान कितना आत्मसंतूष्ट है इसका एक और नमुना- आप कह रहे हो की APNE HI DHRM KO UNDERESTIMATE KR RHE HO VASTV MAI USKE SHURVAT – JOHAR VRT KAI ROOP MAI HUE THI.AUR…… वगैरा तो ये जान ले की सती की प्रथा शुरू हूई तब कोई म्लेंछ, यवन नही था।
        दक्ष प्रजापति का विवाह वीरनी से हुआ था। दक्ष ने ब्रह्मा की प्रेरणा से आदिशक्ति भवानी को तपस्या से प्रसन्न करके वर प्राप्त किया था कि वे उसके घर में जन्म लेंगी।
        कालांतर में भवानी ने वीरनी के गर्भ से जन्म लिया। उसका नाम सती रखा गया। सती ने शिव की तपस्या की तथा उनकी पत्नी होने का वरदान प्राप्त किया। ब्रह्मा दक्ष के पास विवाह-प्रस्ताव लेकर गये।
        विवाह के समय सती के पांव देखकर ब्रह्मा उसका रूप देखने के लिए लालायित हो उठे। अत: उन्हांने एक गीली लकड़ी हवन में डाल दी। सब ओर धुआं फैल गया। शिव अपनी आंखें पोंछने लगे तो ब्रह्मा ने सती के घूंघट में झांककर देखा।
        कामवश उनका वीर्यपात हो गया। शिव उनसे रुष्ट हो उन्हें मार डालने के लिए उद्यत हुए किंतु दक्ष ने रोका।
        ब्रह्मा के अनुनय-विनय करने पर शिव प्रसन्न हुए, पर उन्होंने शाप दिया कि ब्रह्मा मनुष्य होकर लज्जा उठायेंगे।
        शिव के आंसू और ब्रह्मा के वीर्य के मिश्रण से चार मेघ उत्पन्न हुए। विवाह के उपरांत शिव सती सहित कैलास पर्वत पर चले गये। दक्ष प्रजापति सती अवमानना से दुखी होकर सती ने अपना शरीर भस्म करने से पूर्व शिव को स्मरण करके वर मांगा था कि उसे सदा शिव के चरण प्राप्त हों।
        हिमालय और मैना ने ब्राह्मणों की प्रेरणा से जगंदबा की स्तुति की, अत: उन्हें सौ पुत्र और एक सती नाम की कन्या प्राप्त हुई। इस प्रकार सती दूसरे जन्म में मैना की कन्या होकर शिव से ब्याही गयी।
        आप जो बता रहे है (मै नही कहूंगा की बकवास कर रहे है) वह सती नही जोहर है जो केवल पती के युध्द पर जाने के समय होता था। इसमे आवश्यकता नही होती के पती की मृत्यू हो ही जाऐ या वह विरगती को प्राप्त हो उससे पहले भी जोहर होता था केवल खाली चिता पर। सती के समय पत्नी विधवा होती थी एवं पती की चिता पर सती चढाई जाती थी।
        गर्व से कहेंगे हम हिन्दू है पर बम्मन नही……..!!!

      • मित्र आप पुराणों का रेफेरेंस दे रहे है जो की मुस्लिम आक्र्मंकारियो के द्वारा पहले ही दूषित किये जा चुके है, कृपया आप अपने असली नाम में आये, वरना मुझे विवश होकर आपके कमेन्ट हटाने पड़ेंगे,,,
        आप बार बार उन्ही कमेन्ट को दुबारा लिख रहे है जिन पर हम पहले ही उत्तर दे चुके है, और रही आपकी ये कथा की बात तो सुने, आपने तो सती शिव के विवाह का पूरा प्रसंग ही बदल दिया, सती और शिव जी के फेरे से पहले ही ब्रह्मा जी ने सती जी के पैरो के तरफ देखा तो उनके मन में विकार आ गए जिसे भगवान् शिव ने जान लिया और कुपित हो गए, भगवान् शिव को क्रोधित अवस्था में देख कर ब्रह्मा जी ने उनकी स्तुति की और क्षमा याचना की, अब आप ये पढ़े और अपनी कथा मिलाये, ये हवन कुंद में गीली लकड़ी और घूँघट में झांकना, क्या इस कथा का रेफेरेंस देंगे आप, जहा से आपने ये कथा पढ़ी है,,

      • xylocaine95 says:

        DEAR BLOGGER,
        ye “manojsharmaratlam5″kai naam se jo bi comment kr rhe hai ya tou ye fake profile bna kr koi islamic activist hai jo hmesha ki trhe fake profile bnate hai hindu name kai,so i request u to delete his all waste comment becoz ur blog is a place for HINDU ARISEN and for serious discussion.
        aur agr ye mahashye koi vakye hindu hai tou fir bi aise pthbhrst hindu kai comment ko aap mt post kre jo khud kai dhrm ko bina proof kai gltiyo ka khazana theraye.Plz don’t be so liberal for for such pseudo hindus.they r more dangerous than islamic dangers.they are the modern VIBHISHAN.

      • xylocaine95, मित्र मैं आपका आशय समझ रहा हु, पर अगर मैंने इसके कमेन्ट हटा दिए तो मुझ पर ये आरोप आएगा की मुझमें इसके प्रश्नों का उत्तर देने की शक्ति नहीं है, इसलिए मैंने ये कमेन्ट हटाये नहीं है,
        ये महाशय असल में एक मुस्लिम ही है, और हर व्यक्ति के प्रशनो का उत्तर देना भी एक कर्तव्य ही है, वरना इस ब्लॉग के असली उद्देश्य का अर्थ क्या रह जायेगा,,,

      • xylocaine95 says:

        DEAR BLOGGER ,
        WE ALL SANATAN DHARMA FOLLOWERS R WID U ALWAZ,
        AAP KAI LEYE EK ADVICE HAI KI –
        PLZ KISI “CLOUD SERVER” PE APNE BLOG KAI DATA KA BACKUP STORE RKH LEY.yha khi aur back up tyar kr ley.
        kyuki apko pta hona chahiye ki ye kalyugi congress ki sarkar aasam riots kai baad social media pe lagam ksne kai naam pr keval hindu sites ko bann kr diya hai.jaise THALUVA CLUB ki sites ka poora matter uda diya gya,kyuki vo sonia aur congress kai khilaf humour kai sath comment krte thai. yhi khtra AGNIVEER kai ooprbi aaya .bt vo bch gye.
        Aap bi plz tyar rhe technically.
        AUR SCH MAI EK BAAT AUR KHOO APSE APNE MUN KI ,
        APKA GYAN DEKHKR MUJHE ‘PEACE TV’ PR BHOKTE US JAKIR NAIK KO DEKH KR AAPKE YA AGNIVEER KI BHUT YAAD AATI HAI KI AAP HI INKA DUSHPRASHAR BND KRA SKTE HAI.HALAKI INKE MUMBAI KAI URDU PEACE SMMELEN MAI MAINE KHUD INKA FROD PKDA THA KI KIS PRAKAR YE DHODEBAZ MUSLIM LDKIYO AUR LDKO KO HINDU BNA KR MIKE PR UNKO ISLAM SWEEKARNE KA DRAMA KR DUNIYA KO BHRMATA HAI. KHAIR KOI BAAT NI SANATAN HINDU DHRM KO TOU NA JANE KITNE LOG BKTE RHE HAI ,BUT YE DHRM SANATAN HAI AUR TB TK SANATAN HI RHEGA ,JB TK AAP HAISE ESKE PHREDAR HAI.
        (plz responce kegeyega)
        JAI SANATAN DHRM.

      • मित्र मेरे ब्लॉग का डाटा मेरे दो ईमेल और साथ ही सात से अधिक पेजों पर उपलब्ध है, यहाँ तो केवल एक पेज है पर ऐसे ही मैंने सात और पेज बना रखे है और इसके अलावा यही डाटा करीब नब्बे से अधिक लोगो के पास जाता है जो मेरे घनिष्ठ मित्र है अत: डाटा के खो जाने या उड़ जाने का भय मुझे नहीं है, मैं तो केवल कार्य करता जा रहा हु, और मेरे प्रभु श्री योगेश्वर मेरे उस कार्य को और अधिक सुगम बनाते जा रहे है, जब तक वे मेरे साथ है मुझे किसी का डर नहीं, और फिर आप जैसे भाई भी तो है, मेरी देखा देखि मेरे बहुत से हिन्दू भाइयो बहनों ने भी ब्लॉग शुरू कर दिया है और सारा डाटा अब जगह जगह फ़ैल कर लाखो हिन्दुओ को जागरूक कर रहा है,,, और इसमें आपका प्रयास भी सराहनीय है भाई… जय सनातन धर्म

      • xylocaine95 says:

        TO ,Manojsharmaratlam5′
        yaar tum bdi ajeeb baat kr rhe ho . baar baar ek trkheen baat kr rhe ho. aur fir glt ktha ka glt roop dekr usko theek thra rhe ho. YE TOU CONGRESS KI NITI HAI BHAI ,KYA CONGRESSI HO BHAI’.
        phle tye krlo ki tum khna kya chate ho.kya tum ye khna chahate ho ki hindu aurto ka pti ki mrtyu kai baad unke sath jl jana bhavani- Lord Shiva ki tmhare dwara shuru ki gye ktha se hua??????
        tou tum khud hi btao ki tum kha ye siddh kr pa rhe ho!!!!!! sati ne sharir ko bhsm kra ,LEKIN Lord Shiva kha mre thai,kha sati vidhva hue thi,vo tou apne mrzi se pti kai apman se dhuki ho yag kund mai koode thi.TMHRE BAAT SE YE KHA SIDDH HUA KI JO T-THAKATHIT “SATI PRTHA” 12-15ve A.D. MAI CHALU THE VO ES KTHA KI PRERNA KA RESULT THI.
        tum khud mai uljh gye ho.khi se bi tum pramanit ni kr pa rhe ki evil custom kai roop mai sati prtha hamare mool sanatan dhrm se shuru hue thi.
        aur tum chahakr bi mere JAHAR VRT ki baat ko jhutla ni skte ho. ‘DESH-KAAL-PARISTHIYA” bi history ka attot hissa hote hai,smjhe.history keval kitabo aur khaniyo pe ni likhi jate hai .aur es aadhar pr koi es baat ko ni nakar skta ki Johara vrt ka bigda hua roop (JO KI US WQT KAI AAM HINDU NE DR APNAYA) us wqut ki sati prtha tha.hamara dhrm ni khta tha aurte pati kai sath jle.
        AUR MAI AB BI ES BAAT PR KAYAM HU KI
        TUM JAISE(PSEUDO AADRSHWADI) HINDU HI AAJ HINDU DHRM KI BEKDRI KAI LEYE JIMMEDAR HAI.TUM JAISE HINDUO KI NAPUSANKTA KI HI PARINAM HAI KI MAMBAI KA AAJAD MAIDAN MAI MUTTHI BHR ISLAMIC AGENT TANDV KRTE HAI,AASAM MAI BEKSOOR HINDU BANGLADESHI MUSLMANO KAI DWARA KTL KRE JATE HAI.BUT TUM JAISE DHRSTO KI KLAM UN PE CHUP RHTE HAI.AUR FIR BI TUM KHTE HO KI TMKO GRV HAI KI TUM HINDU HO…..JUST ASHAMED FOR UR DEED.

        MUJHE TMHARE GYAN PE VAKYE TRS AATA HAI.AUR LGTA HAI KI TUM SHAYD PURANO YA KISSE KHANIYO KO HI HINDU DHRM MAAN BAITHE HO.AUR
        JB TUMNE – ‘SARITA ‘ Patrika ka naam liya aur uske kisi bkwas lekh ka reference diya tou mera shq yakeen mai bdl gya ki aap kya ho skte hai. Aap SARITA patrika ko kitna jante hai. keval ek pathk kai nate hi na. mai apse khi jyade parichit hu es Anti-Hindu patrika se.DELHI PRESS COMPANY ki ye patrika VISHVNATH ki dwara shuru ki gye jisko ab uska beta PARESH NATH sambhlta hai .aur shuru se dhrm sudhar kai naam pe hindu dhrm ka apman inka pesha hai,hamara ense lamba patrachar bi hua hai.HAIRANI TOU YE HAI KI ES DRPOK PRAKASHAN KO KEVAL HINDU DHRM MAI HI KHAMI DIKHTE HAI ,MUSLIM YA CHRISTAN DHRM KI BURAIYO PE LEKH LIKHNE KI HIIMT TK INME NI HAI.so aise patrika pdh pdh ke ydi tum hindu dhrm ko aaina dikha rhe ho tou bs itna khana hai ki tum apne agyanta ki shya peeth chipa rhe ho.
        aur ha tum blooger ko khe rhe ho ki – KYA TMNE HINDU DHRM KA THEKA LEY RKHA HAI ? tou unhon bhle kh diya ho ke ni ley rkha hai. but hm khte hai ki HA HMNE HINDU DHRM KA THEK LEY RKHA HAI.”AKHIL BHARTIYA HINDU MAHASABHA”, “RSS”, “VISHV HINDU PARISHD”,”AARYA SAMAJ” YE sb thekedar hai hindu dhrm ki.Smjh gye.tum ni mante tou hme koi frk ni pdta hai es baat ka.
        tum jaise hinduo kai hatho es dhrm ko hm aanath ni chod skte hai.
        tmhare madhyam se mai BLOGGER se bi khna chahata hu ki jb bi koi ye khe ki tum thekedar ho hindu dhrm kai tou defensive mt hoiye. grv se kheye ha mai aur mere sanstha thekedar hai. muslmano ki- JAMAT-E-ULEMA-HIND,MUSLIM PERSONAL LAW BOARD hai, sikho ka AAKAL TAKTH, SGPC hai, christno ka POP hai tou SANSAR KAI TEESRE SBSE BDE SANATAN HINDU DHRM KO SAMBHLANE WALA KON HAI.KYA ANATH HAI HUM.ni ab wqut hai hme bi koi hindu central power establish krne hogi.JAISE-‘AKHIL BHARTIYA HINDU PRATINIDHI SBHA’.
        vrna Sonia Gandhi aur Manmohan jaise anti- hindu aasam jise dango pe Muslim leaders se tou milte rhenge but hindu jnta ki koun sunega.Sonia Gandhi vrna- ‘Jamaat-e Islami Hind’ kai stage pe tou betthe rhege but RSS se milne se u hi prhej krege.

        so Mr. manoj jago aur vastivkta ko pehchano;
        eske baad shyad mai tum se koi argument na kru. kyuki mera manna hai ki tum jaise hindu tb tk aadrshwadi bne rhte hai jb tk ve Islamic riots ki brbrta ko khud ni jhel lete hai.

        Jai Sanatan Dhrm.I PROUD TO BE A HINDU.

  21. यह तो स्वधर्म की रक्षा के लिये अपने सर कटवा देने वाले सारे राजपूतो का अपमान हूवा। आप का मतलब क्या राजपूत इतने निकम्मे थे की अपनी रक्षा के बदले अपनी बहू बेटीयों को अकबर के हरम मे झोंक दे?
    ये सारी किंवदंतीयॉँ है। जिनका इतिहास से कोई संबंध नही।
    सत्य तो यह है की, राजपूतो ने अकबर के साथ वैवाहीक संबंध प्रस्थापीत किये थे। जो केवल बेटी देने तक सिमीत थे, उन्हे मुगलो की बेटीया अपने घर ब्याह कर लाने की अनुमती नही थी। इन संबंधो को रापूतोंने स्विकार किया था।
    जय श्री राम…….जय हिन्द…!!
    कृपया कॉमेंट्स बंद मत करना, मै तो सबूत, प्रमाण देता हूं, आपको मान्य नही होते तो क्या करें….

    • आप सभी कमेंट्स देख ले, किसी में भी आपके एक भी प्रमाण नहीं दिया है, रही आपकी बात तो आप मुझसे मिले, मैं आपको सभी प्रमाण दूंगा,
      और मैंने किसी राजपूत का अपमान नहीं किया, केवल उन राजपूतो का अपमान किया है जो बिक गए और स्वधर्म त्याग कर विदेशी यवनी धर्म अपना लिया, जैसे की मानसिंह जैसे गद्दार राजपूत,
      ऐसे बहुत से राजपूत सरदार थे जिन्होंने अपने स्वाभिमान और राजपुताना शान को टाक पर रख कर अपनी बहु बेटियों को अकबर के हरम में भेजा,,, साथ ही हमे गर्व है महाराणा सांगा और महाराणा प्रताप जैसे वीर राजपूतो पर जिन्होंने अकबर और बाबर जैसे विदेशियों को धुल चटा दी,

  22. उपर जो भी गैर लोगो ने हिंदुओ पे जो लिखा हैं, वो कोई सही प्रमाण नही हैं और कोई सही उदाहर्न भी नही हैं. 1) इनका क़ुरान तो मार काट से ही भरा हैं और वासना तो पॉर्न फिल्म की तरह हदीस मे तो प्रमाण के साथ – 2 समय भी दिया हैं और वो जीवित प्रमाण खुद मुहम्मद के हैं.

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शिर्डी साईं एक इस्लामिक पाखंड – जाने साईं का सच

भारत के इतिहास का सबसे बड़ा पाखंड - शिर्डी साईं, भगवान् की आड़ में एक इस्लामिक राक्षस जो केवल और केवल भारत में इस्लामिक राज्य कायम करना चाहता है

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